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क्या हैदराबाद का स्कूल ड्रग्स के धंधे का अड्डा बन गया था?

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क्या हैदराबाद का स्कूल ड्रग्स के धंधे का अड्डा बन गया था?

सारांश

हैदराबाद में एक निजी स्कूल को नशीली दवाओं की फैक्ट्री के रूप में उपयोग करने का मामला सामने आया है। ईगल की टीम ने इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है, जिसमें स्कूल के डायरेक्टर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जानिए कैसे एक स्कूल इस अवैध कारोबार का केंद्र बना।

मुख्य बातें

स्कूल के नाम पर चल रहा था ड्रग्स का कारोबार।
ईगल की टीम ने की महत्वपूर्ण छापेमारी।
गिरफ्तार आरोपी स्कूल के डायरेक्टर सहित तीन लोग।
नशीली दवाओं का धंधा बच्चों के भविष्य को खतरे में डालता है।
पुलिस की कार्रवाई से समाज में जागरूकता बढ़ेगी।

हैदराबाद, 14 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना की ड्रग लॉ एनफोर्समेंट की एलीट एक्शन ग्रुप (ईगल) ने ड्रग्स कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। हैदराबाद के सिकंदराबाद क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल को नशीली दवाओं की फैक्ट्री के रूप में उपयोग करने का खुलासा किया गया है।

ईगल की टीम ने शनिवार को बोवेनपल्ली क्षेत्र में मेधा हाई स्कूल पर छापा मारकर 3.5 किलो अल्प्राज़ोलम, 4.3 किलो अधपका अल्प्राज़ोलम, 21 लाख रुपये नकद, बड़ी मात्रा में कच्चा माल और निर्माण उपकरण जब्त किए। पुलिस ने बरामद नकदी को केवल दो दिनों की बिक्री की कमाई बताया है।

इस कार्रवाई में स्कूल के डायरेक्टर और इस धंधे के मास्टरमाइंड मलेला जया प्रकाश गौड़ (39) को गिरफ्तार किया गया है। गौड़ महबूबनगर का निवासी है और पहले ताड़ी की दुकान चलाता था। बाद में उसकी मुलाकात गुरुवा रेड्डी से हुई, जिसने उसे अल्प्राज़ोलम बनाने का फॉर्मूला दिया। गौड़ ने इसके लिए रेड्डी को 2 लाख रुपये भी चुकाए थे।

जांच से पता चला है कि गौड़ स्कूल की आड़ में लगभग एक वर्ष से इस गोरखधंधे को चला रहा था। स्कूल में करीब 130 बच्चे पढ़ते थे और यहां कक्षा 7 तक की पढ़ाई होती थी। इमारत के तहखाने में क्लासरूम थे, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर बैंक और पहली मंजिल का कुछ हिस्सा पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होता था। वहीं, भवन के पिछले हिस्से में उसने नशीले पदार्थ बनाने की यूनिट स्थापित की थी।

गौड़ तैयार माल को महबूबनगर जिले के बूथपुर और आसपास के ताड़ी डिपो में सप्लाई करता था, ताकि ताड़ी में मिलाकर उसे अधिक नशे वाला बनाया जा सके। इसी कड़ी में दो अन्य आरोपी ड्राइवर पी. उदय साई (23) और ट्रांसपोर्टर जी. मुरली साई को भी गिरफ्तार किया गया है।

ईगल अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उन सप्लायरों का पता लगाया जा रहा है जो रसायन उपलब्ध करा रहे थे। उल्लेखनीय है कि जुलाई में हैदराबाद के कुकटपल्ली इलाके में ताड़ी में अल्प्राज़ोलम मिलाने से 9 लोगों की मौत हो गई थी और 50 लोग बीमार पड़ गए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज की मूलभूत संरचना को भी कमजोर करता है। हमें इस पर गहन विचार करना चाहिए।
RashtraPress
8 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह ड्रग्स का धंधा किस स्कूल में चल रहा था?
यह धंधा हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित मेधा हाई स्कूल में चल रहा था।
कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें स्कूल का डायरेक्टर भी शामिल है।
क्या ड्रग्स का यह कारोबार बच्चों के लिए खतरा है?
जी हां, यह कारोबार न केवल शिक्षा के माहौल को खराब करता है, बल्कि बच्चों के जीवन को भी खतरे में डालता है।
क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की है?
हां, ईगल ने छापेमारी कर कई सामान जब्त किए और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कितनी मात्रा में ड्रग्स बरामद की गई थी?
छापेमारी में 3.5 किलो अल्प्राज़ोलम और 4.3 किलो अधपका अल्प्राज़ोलम बरामद किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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