20 सितंबर 2026
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औरंगाबाद में अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार; 70 से अधिक मामलों में वांछित

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औरंगाबाद में अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार; 70 से अधिक मामलों में वांछित

सारांश

औरंगाबाद में सात वारदातों के बाद बनी एसआईटी ने अपना काम दिखाया — सीसीटीवी और तकनीकी जाँच के बल पर कोढ़ा गिरोह के दो सदस्यों को दबोचा, जिन पर बिहार-झारखंड में करीब 70 मामले दर्ज हैं। गिरोह के और सदस्यों की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

औरंगाबाद पुलिस ने 20 सितंबर 2026 को अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी नयन्शु उर्फ अभय कुमार और हैरन कुमार , दोनों कटिहार जिले के जुराबगंज के निवासी हैं।
बरामदगी में देशी पिस्टल , दो जिंदा कारतूस , चोरी की मोटरसाइकिल और मास्टर चाभियाँ शामिल।
आरोपियों के खिलाफ बिहार-झारखंड के थानों में करीब 70 मामले दर्ज; औरंगाबाद नगर थाना में ही 7 मामले ।
गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान; एसआईटी की छापेमारी जारी।

बिहार के औरंगाबाद जिले में पुलिस ने 20 सितंबर 2026 को एक बड़े अंतरराज्यीय व अंतरजिला चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्त कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुराबगंज गाँव के निवासी बताए गए हैं, और उनके खिलाफ बिहार व झारखंड के विभिन्न थानों में करीब 70 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तारी और बरामदगी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नयन्शु उर्फ अभय कुमार और हैरन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो मास्टर चाभियाँ, एक रिंच, एक चोरी की मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र में चेन स्नैचिंग की सात घटनाओं में इन्हीं आरोपियों का हाथ होने की पुष्टि हुई है।

एसआईटी की जाँच और कार्रवाई

औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि शहर में लगातार चेन स्नैचिंग की घटनाओं के बाद सदर-1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और आसूचना संकलन के आधार पर जाँच आगे बढ़ाई। जाँच में स्पष्ट हुआ कि सभी घटनाओं के पीछे एक ही संगठित गिरोह काम कर रहा है।

20 सितंबर को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य दोबारा वारदात करने के इरादे से औरंगाबाद पहुँचे हैं। इस पर एसआईटी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

गिरोह का विस्तृत नेटवर्क

पूछताछ में आरोपियों ने बिहार के कई जिलों — रोहतास (नासरीगंज, कोचस, आयरकोठा, सासाराम नगर व बिक्रमगंज थाना क्षेत्र), मुंगेर, मुजफ्फरपुर और वैशाली — के अलावा झारखंड के कई थानों में भी चेन स्नैचिंग और पैसा छिनतई की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी कोढ़ा गिरोह से जुड़े हैं और कुछ मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं।

गौरतलब है कि औरंगाबाद पुलिस इससे पहले नगर थाना क्षेत्र से छीनी गई चार चेनें भी बरामद कर चुकी है। यह दर्शाता है कि गिरोह की गतिविधियाँ लंबे समय से जारी थीं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक वर्मा ने बताया कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। उन्होंने कहा कि इन गिरफ्तारियों से औरंगाबाद में चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि कोढ़ा गिरोह के तार पहले से ही कई जिलों में फैले थे। असली सवाल यह है कि अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए बिहार और झारखंड पुलिस के बीच वास्तविक समय में सूचना-साझेदारी का तंत्र कितना प्रभावी है — और क्या एक गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पर्याप्त होगी।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

औरंगाबाद में चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
नगर थाना क्षेत्र में सात चेन स्नैचिंग घटनाओं के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई, जिसने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। 20 सितंबर को गिरोह के दोबारा औरंगाबाद पहुँचने की सूचना पर एसआईटी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और वे कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार आरोपियों के नाम नयन्शु उर्फ अभय कुमार और हैरन कुमार हैं। दोनों बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुराबगंज गाँव के निवासी बताए गए हैं।
आरोपियों के खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं?
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों पर बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में मिलाकर करीब 70 मामले दर्ज हैं। अकेले औरंगाबाद नगर थाना में इनके खिलाफ सात चेन स्नैचिंग के मामले हैं।
कोढ़ा गिरोह किन-किन राज्यों में सक्रिय था?
पूछताछ में आरोपियों ने बिहार के औरंगाबाद, रोहतास, मुंगेर, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों के अलावा झारखंड के कई जिलों में भी वारदातें करने की बात स्वीकार की है। यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर संगठित तरीके से काम करता था।
गिरोह के शेष सदस्यों के बारे में पुलिस क्या कर रही है?
पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा के अनुसार, गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों की पहचान पहले ही की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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