ग्वालियर में बनेगा एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, सिंधिया बोले- ₹5,500 करोड़ निवेश, 18,000 नौकरियाँ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 20 सितंबर 2026 को ग्वालियर स्थित श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) का दौरा कर प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) की तैयारियों की समीक्षा की। दिल्ली और मुंबई में आयोजित रोडशो के आधार पर अब तक ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे 15,000 से 18,000 प्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
परियोजना का स्वरूप और दावा
सिंधिया ने इस परियोजना को एशिया का पहला एकीकृत टेलीकॉम कम्युनिकेशन मैन्युफैक्चरिंग जोन बताया। उन्होंने कहा कि इसे दूरसंचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और नवाचार के लिए एक अत्याधुनिक औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दौरे में दूरसंचार विभाग के सचिव के साथ-साथ केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बुनियादी ढाँचे की स्थिति
सिंधिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि तानसेन स्क्वायर तक 16 किलोमीटर की लाइन बिछाई जा रही है, जिसमें से लगभग 4 किलोमीटर का काम पहले ही पूरा हो चुका है। शेष 3.75 किमी और 2.5 किमी के हिस्सों पर काम अभी शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि कुंवारी, आसन और सांक नदी पर तीन पुलों का निर्माण चल रहा है, जो लगभग 65 फीसदी पूरे हो चुके हैं।
इसके अतिरिक्त 1,500 मिलीमीटर व्यास वाली पाइपलाइन और सांक नदी पर बने पुल का निरीक्षण भी किया जाना है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी परियोजना 31 मार्च 2027 तक पूर्ण होनी चाहिए।
आगे की योजना: भूमि आवंटन और भूमि पूजन
सिंधिया ने बताया कि यह अंतिम रोडशो है। इसके बाद कंपनियों की सूची और उन्हें आवंटित की जाने वाली भूमि को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'एक बार कंपनियों को ज़मीन आवंटित हो जाने के बाद, मुख्यमंत्री और मैं सभी कंपनी मालिकों के साथ संयुक्त रूप से बैठक करेंगे और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के भूमि पूजन समारोह के लिए ग्वालियर में आपके सामने आएंगे।'
निवेश और रोज़गार का आँकड़ा
दिल्ली और मुंबई में आयोजित रोडशो के परिणामस्वरूप प्राप्त ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव इस परियोजना की व्यावसायिक रुचि का संकेत देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार दूरसंचार विनिर्माण में घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है। गौरतलब है कि हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों (MoU) और मुंबई में निवेशकों के साथ हुई बैठक के बाद परियोजना को ज़मीन पर उतारने की प्रक्रिया में तेज़ी आई है।
क्या होगा आगे
भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सिंधिया संयुक्त रूप से भूमि पूजन समारोह आयोजित करेंगे। पूरी परियोजना का लक्ष्य ग्वालियर के हज़ारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार खोलना है। यदि परियोजना समय पर पूरी होती है, तो यह मध्य प्रदेश के टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित हो सकती है।