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ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन: सिंधिया का ₹10,000 करोड़ निवेश का लक्ष्य, मुंबई में रोड शो

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ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन: सिंधिया का ₹10,000 करोड़ निवेश का लक्ष्य, मुंबई में रोड शो

सारांश

भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए सरकार ने मुंबई में दांव लगाया है — ₹3,500 करोड़ की शुरुआती प्रतिबद्धता के बाद अब ₹10,000 करोड़ का लक्ष्य। ग्वालियर का यह जोन भारत को टेलीकॉम उत्पादों का वैश्विक हब बनाने की महत्वाकांक्षी कोशिश है।

मुख्य बातें

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंबई में इन्वेस्टर्स मीट और रोड शो आयोजित किया।
भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश जुटाने का लक्ष्य।
पहली इन्वेस्टर्स राउंडटेबल में ₹3,500 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता; लगभग 14,000 रोज़गार का अनुमान।
TMZ मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थापित; मैन्युफैक्चरिंग, R&D, डिज़ाइन और टेस्टिंग का एकीकृत इकोसिस्टम।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव , दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल और अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई उपस्थित।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मुंबई में एक इन्वेस्टर्स मीट और रोड शो के ज़रिए भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह जोन हाल ही में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लॉन्च किया गया था और इसे 'आत्मनिर्भर भारत' के विज़न का एक अहम स्तंभ बताया जा रहा है।

मुंबई रोड शो: क्या है मकसद

मुंबई इन्वेस्टर्स मीट इस राष्ट्रीय पहल का अगला रणनीतिक चरण है। इस कार्यक्रम में प्रमुख टेलीकॉम निर्माताओं, प्रौद्योगिकी कंपनियों, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं, कंपोनेंट निर्माताओं और निवेशकों को एक मंच पर लाया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में विश्वस्तरीय टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास को गति देना है।

इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल और मध्य प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई भी उपस्थित रहेंगे।

अब तक का निवेश और रोज़गार का वादा

TMZ लॉन्च के बाद राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित पहली इन्वेस्टर्स राउंडटेबल बैठक में ₹3,500 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता मिल चुकी है। सिंधिया के अनुसार, इस प्रतिबद्धता से लगभग 14,000 रोज़गार के अवसर पैदा हो सकते हैं। प्रमुख कंपनियों और टेलीकॉम उद्योग के कई दिग्गजों ने इस परियोजना में बड़े निवेश का वादा किया है।

बयानों के अनुसार, कुल निवेश के ₹10,000 करोड़ का आँकड़ा पार करने की उम्मीद है — जो शुरुआती राउंडटेबल से मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार के लिए उत्साहजनक संकेत है।

TMZ का व्यापक विज़न

ग्वालियर में स्थापित यह जोन मैन्युफैक्चरिंग, अनुसंधान एवं विकास (R&D), डिज़ाइन, परीक्षण और नवाचार के लिए एक एकीकृत इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि यह जोन घरेलू वैल्यू चेन को मज़बूत करे, आयात पर निर्भरता घटाए, निर्यात बढ़ाए और भारत को टेलीकॉम उत्पादों तथा अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक हब के रूप में स्थापित करे।

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत 5G उपकरण निर्माण और टेलीकॉम एक्सपोर्ट के क्षेत्र में चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से प्रतिस्पर्धा तेज़ कर रहा है।

आगे की राह

मुंबई रोड शो से उद्योग जगत की भागीदारी और गहरी होने तथा नए निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने और भारत को टेलीकॉम नवाचार का प्रमुख वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को बल मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — ₹3,500 करोड़ की 'प्रतिबद्धता' और वास्तविक निवेश के बीच का अंतर भारत की औद्योगिक नीति में बार-बार देखा गया है। 14,000 रोज़गार का अनुमान सत्यापन-योग्य मापदंडों से जुड़ा नहीं दिखता, जो पिछली PLI-शैली की योजनाओं की पुरानी कमज़ोरी रही है। टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में चीन की बढ़त को देखते हुए भारत के लिए यह सही दिशा है, परंतु बिना ठोस समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे के, यह पहल भी 'इन्वेस्टर मीट से आगे न जाने वाली' योजनाओं की सूची में जुड़ सकती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) कहाँ स्थापित किया गया है?
भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थापित किया गया है। इसे हाल ही में लॉन्च किया गया और यह मैन्युफैक्चरिंग, R&D, डिज़ाइन, परीक्षण और नवाचार के लिए एक एकीकृत इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा।
ग्वालियर TMZ में कितने निवेश की उम्मीद है और कितने रोज़गार मिलेंगे?
बयानों के अनुसार, TMZ में कुल निवेश ₹10,000 करोड़ का आँकड़ा पार करने की उम्मीद है। पहली इन्वेस्टर्स राउंडटेबल में ₹3,500 करोड़ की प्रतिबद्धता मिल चुकी है, जिससे लगभग 14,000 रोज़गार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
मुंबई इन्वेस्टर्स मीट का उद्देश्य क्या है?
मुंबई इन्वेस्टर्स मीट और रोड शो का मकसद TMZ के लिए अधिक से अधिक उद्योग भागीदारी और निवेश जुटाना है। इसमें टेलीकॉम निर्माताओं, प्रौद्योगिकी कंपनियों, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं और निवेशकों को एक मंच पर लाया जाएगा।
TMZ से भारत को क्या फायदा होगा?
TMZ का लक्ष्य घरेलू वैल्यू चेन को मज़बूत करना, आयात पर निर्भरता कम करना और निर्यात बढ़ाना है। इसके ज़रिए भारत को टेलीकॉम उत्पादों और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।
ग्वालियर TMZ में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल होंगे?
TMZ में मैन्युफैक्चरिंग, अनुसंधान एवं विकास (R&D), डिज़ाइन, परीक्षण और नवाचार के लिए एकीकृत सुविधाएँ होंगी। इसमें टेलीकॉम उपकरण निर्माताओं, कंपोनेंट आपूर्तिकर्ताओं और प्रौद्योगिकी कंपनियों की भागीदारी अपेक्षित है।
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