भारत का विश्व के लिए डिजिटल ब्रिज: ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान

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भारत का विश्व के लिए डिजिटल ब्रिज: ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान

सारांश

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत के डिजिटल ब्रिज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने कहा कि यह केवल भारतीय नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने का प्रयास है।

Key Takeaways

  • भारत का डिजिटल ब्रिज विश्व स्तर पर कनेक्टिविटी को मजबूती देगा।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टेलीकॉम क्षेत्र में बदलाव हो रहा है।
  • भारत पवेलियन में 40 से अधिक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।
  • स्वदेशी तकनीकें भारत को आत्मनिर्भर बना रही हैं।
  • भारत वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम निर्यात बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

नई दिल्ली, 4 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि भारत सिर्फ अपने 1.4 अरब लोगों के लिए नेटवर्क तैयार नहीं कर रहा है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल ब्रिज भी स्थापित कर रहा है। उन्होंने स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 के दौरान भारत पवेलियन का उद्घाटन करते समय यह बात कही। यह आयोजन तकनीकी और टेलीकॉम क्षेत्र के प्रमुख मंचों में से एक है।

उन्होंने कहा कि 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत से प्रेरित होकर भारत यह मानता है कि कनेक्टिविटी का उद्देश्य मानवता को सशक्त बनाना, साझेदारी को मजबूत करना और साझा समृद्धि को बढ़ावा देना होना चाहिए। मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब वैश्विक स्तर पर 'आईक्यू युग' में कनेक्टिविटी के भविष्य पर चर्चा हो रही है, तब भारत बुद्धिमत्ता और इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम पर स्थित है, जहां कनेक्टिविटी क्षमता और नवाचार समावेशन से जुड़ते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का टेलीकॉम परिवर्तन स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास, विश्वसनीय टेलीकॉम इकोसिस्टम, प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के एकीकरण पर आधारित है।

इस वर्ष भारत पवेलियन में टेलीकॉम क्षेत्र की 40 से अधिक भारतीय कंपनियां शामिल हुईं, जो 4जी, 5जी और उभरती 6जी तकनीक, ओपन रैन, ऑप्टिकल और सैटेलाइट संचार, सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, एआई आधारित नेटवर्क इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, टेलीकॉम सॉफ्टवेयर और डिजिटल प्लेटफार्म जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं। यह बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि भारत की टेलीकॉम क्षमताओं और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र पर वैश्विक विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल का दौरा किया और अनंत सिस्टम्स, एक्सएस इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड, सिग्नलचिप, आरवी सॉल्यूशंस, नियोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज, सेलकॉम, सी-डॉट और जीएक्स इंडिया सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने इन कंपनियों की स्वदेशी तकनीकों और नवाचारों की प्रशंसा की, जो भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रही हैं।

सरकार के अनुसार, भारत पवेलियन में भारतीय नवोन्मेषकों की मजबूत उपस्थिति यह दर्शाती है कि भारत सुरक्षित नेटवर्क निर्माण, एआई-आधारित टेलीकॉम ढांचे के विकास, विश्वसनीय इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम निर्यात को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Point of View

NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत पवेलियन में कौन सी कंपनियां शामिल हुईं?
इस वर्ष भारत पवेलियन में 40 से अधिक कंपनियां शामिल हुईं, जो 4जी, 5जी, और 6जी तकनीक जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया का डिजिटल ब्रिज बनाने का उद्देश्य क्या है?
उनका उद्देश्य विश्व में कनेक्टिविटी को सशक्त बनाना और साझेदारी को मजबूत करना है।
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