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क्या ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3,500 करोड़ का निवेश प्रस्ताव होगा?

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क्या ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3,500 करोड़ का निवेश प्रस्ताव होगा?

सारांश

ग्वालियर में हुए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव ने 3,500 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की उम्मीद जगाई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पर्यटन के महत्व पर जोर दिया है। क्या यह निवेश ग्वालियर के पर्यटन को नया आयाम देगा?

मुख्य बातें

ग्वालियर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव ने 3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पेश किए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पर्यटन के महत्व को रेखांकित किया।
ग्वालियर का ऐतिहासिक किला और सांस्कृतिक धरोहरें विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं।
निवेश से स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

ग्वालियर, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र के अनेक प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। निवेशकों ने 3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। यह कॉन्क्लेव शुक्रवार और शनिवार को राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया।

कॉन्क्लेव के अंतिम दिन, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेशकों के साथ संवाद किया और राज्य के पर्यटन स्थलों की भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटन किसी भी देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्यटन से न केवल राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होते हैं। पर्यटन और तीर्थाटन, मध्य प्रदेश की समृद्धि का मुख्य आधार हैं। मध्य प्रदेश, देश का दिल है, और इसकी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं। इनका संरक्षण और प्रचार-प्रसार प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जा रहा है। ग्वालियर में पहली बार इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। ग्वालियर देश की राजधानी के करीब स्थित है और यहाँ का ऐतिहासिक किला, जो राजा मानसिंह तोमर के काल में बना था, अपनी अद्भुत स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है।

उन्होंने बताया कि जो लोग पहली बार चीता देखते हैं, वे इसे देखकर आश्चर्यचकित रह जाते हैं। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की धरोहर है। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के विकास के लिए 50 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। ग्वालियर के राजा मानसिंह किले के विकास के लिए इंडिगो कंपनी ने 100 करोड़ रुपए का योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया को हमारे देश की विरासतों और पर्यटन स्थलों के बारे में बता रहे हैं। 'मेक इन इंडिया', 'मेड इन इंडिया', 'वोकल फॉर लोकल', और 'स्वदेशी अपनाओ अभियान' के माध्यम से वे नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों की ओर प्रेरित कर रहे हैं। ग्वालियर के इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उद्योगपति सचिन गुप्ता ने 1,000 करोड़ का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इसके अलावा, अन्य निवेशकों और उद्योग समूहों से कुल 3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राप्त हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आर्थिक विकास को भी गति प्रदान कर सकते हैं। यह निवेश ग्वालियर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बना सकता है, जो राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव कब आयोजित हुआ?
ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव 30 अगस्त 2023 को आयोजित हुआ।
कॉन्क्लेव में कितने निवेश प्रस्ताव दिए गए?
कॉन्क्लेव में कुल 3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए गए।
मुख्यमंत्री ने किन मुद्दों पर चर्चा की?
मुख्यमंत्री ने पर्यटन के महत्व और राज्य के पर्यटन स्थलों पर चर्चा की।
ग्वालियर का प्रमुख ऐतिहासिक स्थल कौन सा है?
ग्वालियर का प्रमुख ऐतिहासिक स्थल राजा मानसिंह तोमर का किला है।
कॉन्क्लेव में किस उद्योगपति ने निवेश प्रस्ताव दिया?
कॉन्क्लेव में उद्योगपति सचिन गुप्ता ने 1,000 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया।
राष्ट्र प्रेस
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