आरा में पूर्व कस्टम अफसर राम कुमार सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, आरा-पटना हाईवे जाम
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के आरा में पूर्व कस्टम असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह की 15 अक्टूबर 2026 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में गहरा तनाव और आक्रोश फैल गया। इस हत्याकांड के विरोध में भड़के स्थानीय लोगों और परिजनों ने आरा-पटना नेशनल हाईवे को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
घटनाक्रम और प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने आरा-पटना हाईवे पर राम कुमार सिंह का शव रखकर विरोध जताया। भारी भीड़ उमड़ने के बाद मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट माँग रखी कि मुख्यमंत्री और कमिश्नर स्वयं घटनास्थल पर आएँ तथा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दें।
गौरतलब है कि राम कुमार सिंह सेवानिवृत्ति के बाद कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए थे। मामले में भूमि विवाद की भी चर्चा हो रही है, हालाँकि स्थानीय नेताओं ने इस कोण पर संदेह जताया है।
एमएलसी सोनू राय की तीखी प्रतिक्रिया
एमएलसी सोनू राय ने इस हत्याकांड को बेहद निंदनीय करार दिया और प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा, 'पुलिस प्रशासन से हमारी तत्काल माँग है कि इस हत्याकांड में जो भी शामिल है — चाहे वह किसी भी वर्ग या रसूख का व्यक्ति क्यों न हो — उसकी फ़ौरन गिरफ्तारी की जाए।'
भूमि विवाद की संभावना को खारिज करते हुए सोनू राय ने कहा, 'ऐसे सामाजिक व्यक्ति का क्या विवाद होगा? एक रिटायर्ड अफसर जो कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़ा हुआ है, उसका क्या झगड़ा होगा? अगर कोई अपराधी आकर आपकी ज़मीन पर खड़ा होकर कहे कि यह मेरी ज़मीन है, तो क्या वह उसकी हो जाएगी?'
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
एमएलसी सोनू राय ने बताया कि राम कुमार सिंह ने हत्या से पहले कई बार पत्राचार के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया था कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं। उन्होंने सवाल उठाया, 'प्रशासन कहाँ सोया हुआ था? प्रशासन सरकार के इशारे पर चल रहा है — इसका जवाब सरकार को देना होगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है। सोनू राय ने कहा, 'आप एक भी ऐसा दिन बता दीजिए जब सुबह उठकर अखबार या सोशल मीडिया पर किसी आपराधिक घटना की खबर न मिलती हो। आपराधिक घटनाएँ चरम सीमा पर हैं।'
आम जनता पर असर
आरा-पटना नेशनल हाईवे के अवरुद्ध होने से क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
आगे की स्थिति
एमएलसी सोनू राय ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार की सभी माँगें नहीं मानी जातीं और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में अगले कुछ घंटों में और घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।