27 अगस्त 2026
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मोहन भागवत के MSG कार्यक्रम से पहले हिंदू संगठनों का सुरक्षा अलर्ट, ममदानी से सुरक्षा की मांग

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मोहन भागवत के MSG कार्यक्रम से पहले हिंदू संगठनों का सुरक्षा अलर्ट, ममदानी से सुरक्षा की मांग

सारांश

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के 29 अगस्त के न्यूयॉर्क कार्यक्रम से पहले हिंदू-अमेरिकी संगठनों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। विरोध प्रदर्शनों और कार्यक्रम रद्द करने की माँगों के बीच मेयर ममदानी से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

मुख्य बातें

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) और हिंदूएसीटीऑन ने 27 अगस्त को सुरक्षा सलाह जारी की।
मोहन भागवत का 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन, न्यूयॉर्क में 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' में संबोधन प्रस्तावित है।
एचएएफ ने न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी से सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा और नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
यूएससीआईआरएफ ने भागवत की यात्रा पर चिंता जताई है और आरएसएस सदस्यों पर प्रतिबंध पर विचार करने का आग्रह किया है।
सिएटल की पूर्व काउंसिल सदस्य क्षमा सावंत ने कार्यक्रम रद्द करने की माँग की; मेयर ममदानी ने कहा — वे विरोध में हैं, पर निजी कार्यक्रम रद्द करने का अधिकार है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित मैडिसन स्क्वायर गार्डन (MSG) में प्रस्तावित संबोधन से पहले दो प्रमुख हिंदू-अमेरिकी संगठनों ने सुरक्षा सलाह जारी की है। इन संगठनों ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और न्यूयॉर्क के हिंदू धार्मिक संस्थानों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं और इसे रद्द करने की मांग जोर पकड़ रही है।

संगठनों ने क्या जारी किया

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने 27 अगस्त को एक 'कम्युनिटी एडवाइजरी अलर्ट' जारी करते हुए 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' में शामिल होने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी। एचएएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'सतर्क रहें, अपने आसपास की स्थिति पर नज़र रखें और सभी से शांतिपूर्ण और सभ्य तरीके से व्यवहार करें।'

संगठन ने स्पष्ट किया कि कुछ कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम को बाधित करने और रद्द करवाने की कोशिश की है। उल्लेखनीय है कि एचएएफ ने किसी विशेष खतरे का उल्लेख नहीं किया और न ही यह कहा कि कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने किसी सुरक्षा जोखिम की पुष्टि की है।

एक अन्य संगठन हिंदूएसीटीऑन ने भी इसी तरह की सलाह जारी करते हुए न्यूयॉर्क के हिंदू समुदाय और भागवत की यात्रा से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने वाले लोगों से कहा कि वे किसी भी धमकी, उत्पीड़न या भेदभावपूर्ण व्यवहार का रिकॉर्ड रखें और तुरंत न्यूयॉर्क पुलिस को सूचित करें।

मेयर ममदानी से सुरक्षा की अपील

एचएएफ ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से अपील की कि वे अपने दायित्व का पालन करते हुए सभी न्यूयॉर्क निवासियों — कार्यक्रम में आने वाले लोगों सहित — की सुरक्षा और नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें। एडवाइजरी में प्रतिभागियों को यह भी कहा गया कि यदि उन्हें कोई खतरा महसूस हो तो वे वहाँ से हट जाएं और कार्यक्रम की सुरक्षा टीम या पुलिस से संपर्क करें; आपात स्थिति में 911 पर कॉल करें।

गौरतलब है कि मेयर ममदानी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे इस कार्यक्रम के विरोध में हैं, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं, यह उन्हें स्पष्ट नहीं है।

विरोध और रद्द करने की मांग

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भागवत की यात्रा पर चिंता जताई है और अमेरिकी सरकार से आरएसएस के सदस्यों तथा कुछ भारतीय अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने का आग्रह किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पहले भी यूएससीआईआरएफ की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी रिपोर्टों को पक्षपातपूर्ण बताते हुए अपने आंतरिक मामलों में दखल करार दे चुका है।

सिएटल सिटी काउंसिल की पूर्व सदस्य क्षमा सावंत ने भी मेयर ममदानी से मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले इस कार्यक्रम को रोकने की माँग की है। उन्होंने हिंदू मानवाधिकार संगठन, इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल और अन्य संगठनों का धन्यवाद किया जो इस कार्यक्रम के विरोध में अभियान चला रहे हैं।

आगे क्या होगा

कार्यक्रम 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में निर्धारित है और दोनों हिंदू-अमेरिकी संगठनों की अपील के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सभी की नज़रें टिकी हैं। संगठनों ने न्यूयॉर्क के हिंदू मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों से भी बड़े कार्यक्रमों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। आने वाले दिनों में मेयर ममदानी का रुख और प्रशासन की प्रतिक्रिया इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अमेरिका में हिंदू-अमेरिकी समुदाय के नागरिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की व्यापक बहस का प्रतिबिंब है। उल्लेखनीय है कि एचएएफ ने स्वयं स्वीकार किया कि कोई विशेष सत्यापित खतरा नहीं है — फिर भी अलर्ट जारी करना यह दर्शाता है कि समुदाय में असुरक्षा की भावना गहरी है। मेयर ममदानी की स्थिति विरोधाभासी है: वे कार्यक्रम के खिलाफ हैं, लेकिन कानूनी अधिकार न होने की बात भी मान रहे हैं — यह राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश है। यूएससीआईआरएफ की सक्रियता और भारत की पुरानी आपत्तियों के बीच यह प्रकरण भारत-अमेरिका संबंधों में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला रहा है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत का न्यूयॉर्क कार्यक्रम क्या है?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' कार्यक्रम में संबोधन देने वाले हैं। यह कार्यक्रम उनकी अमेरिका यात्रा का हिस्सा है।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने सुरक्षा अलर्ट क्यों जारी किया?
एचएएफ ने कार्यक्रम के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों और इसे रद्द करने की माँगों के मद्देनज़र यह अलर्ट जारी किया। हालाँकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी विशेष खतरे की पुष्टि नहीं हुई है और न ही कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने किसी सुरक्षा जोखिम की पुष्टि की है।
मेयर ममदानी का इस कार्यक्रम पर क्या रुख है?
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि वे इस कार्यक्रम के विरोध में हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं, यह उन्हें स्पष्ट नहीं है।
यूएससीआईआरएफ ने इस मामले में क्या कहा है?
अमेरिकी कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भागवत की अमेरिका यात्रा पर चिंता जताई है और अमेरिकी सरकार से आरएसएस के सदस्यों तथा कुछ भारतीय अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने का आग्रह किया है। भारत पहले भी यूएससीआईआरएफ की रिपोर्टों को पक्षपातपूर्ण और आंतरिक मामलों में दखल बताता रहा है।
प्रतिभागियों को क्या सावधानियाँ बरतने की सलाह दी गई है?
एचएएफ ने प्रतिभागियों को सलाह दी है कि वे शांतिपूर्ण व्यवहार करें, उकसावे से बचें, खतरा महसूस होने पर वहाँ से हट जाएं और आपात स्थिति में 911 पर कॉल करें। धमकी या घृणा-आधारित घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की भी अपील की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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