मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर BJP-VHP का समर्थन, कहा — संघ की शताब्दी पर विश्व तक पहुँचेगा 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के अमेरिका दौरे और संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं ने एकस्वर में समर्थन जताया है। नेताओं ने इस दौरे को संघ की विचारधारा, सेवा कार्यों और भारतीय संस्कृति के संदेश को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का ऐतिहासिक अवसर बताया। उनका कहना है कि इस यात्रा से विदेशों में संघ को लेकर कथित तौर पर फैली गलतफहमियाँ भी दूर होंगी।
वीएचपी और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में VHP के प्रवक्ता विनोद बंसल ने भागवत के ग्लोबल टूर का स्वागत करते हुए कहा कि संघ प्रमुख के विभिन्न स्थानों पर जाने से लोगों को RSS की सोच, विचारधारा और उसके सामाजिक कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का मौका मिलेगा। बंसल ने कहा कि संघ के विरुद्ध जिस तरह की धारणाएँ कथित तौर पर फैलाई जा रही हैं, उन्हें भागवत के संबोधनों के ज़रिये दूर किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से भागवत के व्याख्यान सुनने और उनका स्वागत करने की अपील की।
मुंबई में BJP विधायक राम कदम ने न्यूयॉर्क के मेयर की ओर से RSS को लेकर कथित टिप्पणियों पर कहा कि उन्हें पहले संघ की विचारधारा को समझना चाहिए। कदम के अनुसार, RSS व्यक्ति को केवल परिवार तक सीमित न रहकर पूरे देश को अपना परिवार मानने की सीख देता है और त्याग, समर्पण तथा सेवा की भावना से काम करने का संदेश देता है। उन्होंने सुझाया कि यदि न्यूयॉर्क के मेयर संघ को जानना चाहते हैं, तो उन्हें संघ की शाखा में जाकर उसके कामकाज को प्रत्यक्ष देखना चाहिए।
प्रवासी भारतीयों के लिए महत्व
VHP इंद्रप्रस्थ प्रांत की अध्यक्ष उपासना अरोड़ा ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए सरसंघचालक भागवत से मिलना और भारत में हो रहे बदलावों को समझना एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम में 5 हज़ार से अधिक लोग शामिल होंगे। अरोड़ा ने यह भी कहा कि विदेश यात्राओं के दौरान उन्हें कई स्थानों पर RSS से जुड़े स्वयंसेवक मिलते हैं, जो संगठन की वैश्विक उपस्थिति को दर्शाता है।
शताब्दी वर्ष का ऐतिहासिक संदर्भ
पंजाब के होशियारपुर में वरिष्ठ BJP नेता विजय सांपला ने RSS के 100 वर्ष पूरे होने पर संगठन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि RSS ने वर्ष 2025 में अपनी स्थापना की शताब्दी पूरी की है और इसी अवसर पर अमेरिका में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सांपला ने RSS को देश का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बताते हुए कहा कि यह संगठन लंबे समय से मानवता की सेवा और समाज निर्माण के लिए काम कर रहा है। उनके अनुसार, संघ केवल सेवा कार्यों तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और मानवीय मूल्यों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारतीय सभ्यता का वैश्विक संदेश
कर्नाटक के बीदर में BJP नेता ईश्वर सिंह ठाकुर ने इस दौरे को भारत की सभ्यतागत सोच को दुनिया तक पहुँचाने वाला अवसर बताया। ठाकुर के अनुसार, अमेरिका में होने वाला ग्लोबल आउटरीच प्रोग्राम 'वसुधैव कुटुंबकम' — यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने — के भारतीय विचार को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा सदा से विश्व को शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान का संदेश देती रही है, और भागवत का संबोधन इस विचार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मज़बूती से प्रस्तुत करेगा।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब RSS अपने शताब्दी वर्ष में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और संदेश को विस्तार देने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में भागवत के संबोधन और कार्यक्रम की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।