टाइम्स स्क्वायर में बैंक ऑफ अमेरिका उपाध्यक्ष एरिन पियासेंटी की चाकू से हत्या, हमलावर महिला को पुलिस ने गोली मारी
सारांश
मुख्य बातें
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 2 सितंबर को उस समय दहशत फैल गई जब एक महिला ने भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थल पर चाकू से हमला कर बैंक ऑफ अमेरिका की उपाध्यक्ष एरिन पियासेंटी की हत्या कर दी। 32 वर्षीय इस वरिष्ठ अधिकारी पर उस समय हमला हुआ जब इलाके में हज़ारों पर्यटक मौजूद थे। पुलिस ने हमलावर महिला को काबू करने में विफल रहने के बाद गोली मार दी।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
अधिकारियों के अनुसार, हमलावर महिला की पहचान पामेला सिस्नेरोस, उम्र 45 वर्ष, के रूप में हुई है। उसके हाथ में दो चाकू थे और वह पुलिस के रोकने के प्रयासों का लगातार विरोध कर रही थी। पुलिस ने पहले टेज़र से उसे काबू करने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ। स्थिति और बिगड़ने पर दो पुलिस अधिकारियों ने गोली चला दी।
इससे पहले सिस्नेरोस ने एक अन्य व्यक्ति पर भी चाकू से हमला किया था। वह व्यक्ति घायल हुआ, लेकिन अस्पताल में उसकी हालत स्थिर बताई गई है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इस जानकारी की पुष्टि की।
पुलिस आयुक्त और बैंक की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क पुलिस आयुक्त जेसिका टिश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'यह टाइम्स स्क्वायर के बीचों-बीच हुई एक बेहद खतरनाक घटना थी।' उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान सिस्नेरोस ने अधिकारियों से कहा, 'मैं कुछ भी नहीं छोड़ने वाली। मैं तुम दोनों को मारना पसंद करूंगी।'
बैंक ऑफ अमेरिका ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, 'हम अपनी सहयोगी के दुखद निधन से स्तब्ध और बेहद दुखी हैं। वह हमारी टीम की एक महत्वपूर्ण सदस्य थीं और उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।'
मानसिक स्वास्थ्य और आतंकवाद का कोण
अधिकारियों के अनुसार, पामेला सिस्नेरोस का मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का पुराना रिकॉर्ड था और इससे पहले भी उसका दो बार पुलिस से सामना हो चुका था। शुरुआती जाँच में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की भूमिका होने की आशंका जताई गई है।
गौरतलब है कि टाइम्स स्क्वायर लंबे समय से आतंकवादी खतरों के निशाने पर रहा है, लेकिन अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस मामले में आतंकवाद से जुड़े किसी मकसद के संकेत नहीं मिले हैं।
व्यापक संदर्भ: शहर में अपराध की स्थिति
अधिकारियों का कहना है कि न्यूयॉर्क में हिंसक अपराधों की कुल संख्या में गिरावट आ रही है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों द्वारा अचानक किए गए हमलों की घटनाएँ सामने आती रही हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब शहर की सार्वजनिक सुरक्षा नीति और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्तता पर बहस तेज़ हो रही है।
आने वाले दिनों में पुलिस की जाँच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि क्या सिस्नेरोस किसी सक्रिय निगरानी या सहायता कार्यक्रम के दायरे में थी, और क्या इस हमले को रोका जा सकता था।