ट्रंप की चेतावनी: 'ईरान को बातचीत पर नहीं, अपरिहार्य अंजाम से बचाने की कोशिश है' — IRGC ठिकानों पर नए हमले
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 सितंबर को स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य ईरान को वार्ता की मेज पर लाना नहीं, बल्कि उस 'अपरिहार्य परिणाम' को टालना है जो वे ईरान के लिए अवश्यंभावी मानते हैं। यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर ताज़ा हवाई हमले किए।
ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पर बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'मैं ईरान को बातचीत की मेज पर मजबूर नहीं कर रहा — जैसा कि एबीसी न्यूज़ ने दावा किया है। अगर वे कोई ऐसा समझौता करते हैं जो उनके लिए भी निरर्थक हो, तो मुझे उसकी कोई परवाह नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि इस समय अमेरिका की स्थिति कहीं बेहतर है — होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूर्ण अमेरिकी नियंत्रण है, जबकि ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर गिरावट में है। ट्रंप ने यह भी पूछा कि 'आखिर ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और लड़ाई लड़ेंगे?'
अमेरिकी सेना के ताज़ा हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार को पुष्टि की कि उसने दोपहर 12 बजे (ईस्टर्न टाइम) ईरान में IRGC से जुड़े ठिकानों पर नए हमले किए। CENTCOM के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में IRGC की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर कथित हमलों की कोशिशों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों के जवाब में की गई।
फॉक्स न्यूज़ को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा, 'आज का हमला बहुत बड़ा था। हमने उनके काफी रडार सिस्टम नष्ट कर दिए, जिनमें वे सिस्टम भी शामिल हैं जिन्हें ईरान फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।'
तीसरे हमले की चेतावनी और USS जॉर्ज वॉशिंगटन
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि तीसरी बार भी ऐसी कार्रवाई करनी पड़ी, तो ईरान का 'एक देश के रूप में पूरी तरह सफाया' हो सकता है। उन्होंने अमेरिकी विमानवाहक पोत USS जॉर्ज वॉशिंगटन का उल्लेख करते हुए कहा कि वह 'पूरी तरह तैयार' है और अमेरिका हर दृष्टि से तैयार है।
ट्रंप ने यह भी बताया कि ताज़ा हमलों से पहले खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों को इसकी पूर्व सूचना दे दी गई थी।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है — पर तनाव चरम पर है। IRGC के ठिकानों पर बार-बार हमले और ट्रंप की भाषा से संकेत मिलता है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष एक नए और अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के खुले बयान क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान इन हमलों का किस रूप में जवाब देता है।