मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा: ट्रंप अचानक व्हाइट हाउस लौटे, 10 देशों में अमेरिकी अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक कैंप डेविड का दौरा बीच में छोड़कर शनिवार रात व्हाइट हाउस लौट आए। इसी बीच लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इज़राइल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्की स्थित अमेरिकी दूतावासों ने वहाँ रहने वाले अपने नागरिकों के लिए आपात सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपनी अमेरिका यात्रा को सीमित कर दिया है और इज़राइल वापस लौट रहे हैं।
ईरान का 'कोड 100' अलर्ट
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सैन्य अधिकारी और लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी के अनुसार, ईरान ने संभावित खतरे को देखते हुए पिछले एक घंटे में IRGC, सेना और सुरक्षाबलों के लिए अपना सर्वोच्च अलर्ट स्तर 'कोड 100' जारी किया है। यह ईरान की सैन्य प्रणाली का सबसे ऊँचा आपातकालीन दर्जा है, जो किसी आसन्न संघर्ष की आशंका को दर्शाता है।
गौरतलब है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इन तमाम अलर्टों की पुष्टि की। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में कई मोर्चों पर एक साथ तनाव चरम पर है।
अमेरिकी दूतावास की एडवाइजरी में क्या है
इराक स्थित अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात अत्यंत पेचीदा हैं और स्थिति कभी भी अचानक बिगड़ सकती है। अमेरिकी दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है — जिनमें मध्य पूर्व से बाहर स्थित ठिकाने भी शामिल हैं।
एडवाइजरी में कहा गया कि ईरान और उसके समर्थक समूह विदेशों में अमेरिकी हितों — जिनमें अमेरिकी कंपनियाँ और अन्य संस्थाएँ भी शामिल हैं — को भी निशाना बना सकते हैं।
हूती हमले और नागरिक हवाई अड्डे
अमेरिकी दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में उल्लेख किया कि ईरान-समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों में हिस्सा लिया है, जिनमें नागरिक हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। दूतावास ने चेताया कि यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ सकता है।
जो अमेरिकी नागरिक इस समय मध्य पूर्व में हैं, उन्हें अधिकतम सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। उन्हें उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में अन्य रुकावटों की संभावना के प्रति सजग रहने को कहा गया है।
क्या होगा आगे
ट्रंप का अचानक व्हाइट हाउस लौटना और नेतन्याहू का अमेरिका दौरा सीमित करना — दोनों घटनाएँ मिलकर संकेत देती हैं कि पर्दे के पीछे कोई बड़ी कूटनीतिक या सैन्य हलचल जारी है। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को एयरलाइंस और हवाई अड्डों के संचालन पर लगातार नज़र रखने की हिदायत दी गई है। आने वाले घंटों में स्थिति का और स्पष्ट होना अपेक्षित है।