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बेरोज़गारी दर 6% से घटकर 3.2% हुई: केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरुगन का दावा, रोज़गार मेलों से 12.75 लाख नियुक्तियाँ

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बेरोज़गारी दर 6% से घटकर 3.2% हुई: केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरुगन का दावा, रोज़गार मेलों से 12.75 लाख नियुक्तियाँ

सारांश

केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरुगन के दावे के अनुसार बेरोज़गारी दर 6% से घटकर 3.2% हो गई है और स्टार्टअप्स की संख्या 400 से बढ़कर 2.5 लाख पार कर गई है। रोज़गार मेलों के ज़रिए 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित हो चुके हैं। सरकार का लक्ष्य इन नव-नियुक्तों को विकसित भारत 2047 के सपने से जोड़ना है।

मुख्य बातें

मुरुगन के अनुसार बेरोज़गारी दर 6% से घटकर 3.2% पर आई।
'रोज़गार मेलों' के माध्यम से अब तक 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
देश में स्टार्टअप्स की संख्या 2014 के लगभग 400 से बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हुई।
मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा ऋण योजना को रोज़गार वृद्धि का श्रेय।
तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय वंचित छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे।
नव-नियुक्तों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों के परिणामस्वरूप देश की बेरोज़गारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने 'रोज़गार मेलों' के माध्यम से अब तक 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का भी उल्लेख किया।

रोज़गार परिदृश्य में बदलाव के दावे

डॉ. मुरुगन ने बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में लगभग 400 थी, जो अब बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने रेखांकित किया कि इन स्टार्टअप संस्थापकों में एक बड़ी संख्या 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं की है, जो 'जॉब-सीकर' से 'जॉब-क्रिएटर' की ओर भारतीय युवाओं की बदलती मानसिकता को दर्शाता है।

मंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा ऋण योजना जैसी प्रमुख सरकारी पहलों ने युवाओं को न केवल रोज़गार पाने, बल्कि स्वयं रोज़गार सृजित करने में सक्षम बनाया है।

उभरते क्षेत्रों में अवसर

डॉ. मुरुगन ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा जैसे अग्रणी क्षेत्रों में युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का ज़िक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा, शासन और सार्वजनिक प्रशासन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।

उन्होंने निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और पेशेवर कौशल के नियमित उन्नयन के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह आज की प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में अनिवार्य है।

नव-नियुक्तों को संदेश

रोज़गार मेलों के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. मुरुगन ने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि 'राष्ट्र की सेवा का अवसर' है। उन्होंने भर्ती होने वाले युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़कर देखें।

मंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि सरकारी कर्मचारी नागरिकों से संवाद करते समय सरकार के 'चेहरे' के रूप में कार्य करते हैं और ईमानदारी, जवाबदेही, सहानुभूति तथा जनता के प्रति मानवीय दृष्टिकोण सार्वजनिक सेवा का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।

तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय

डॉ. मुरुगन ने उल्लेख किया कि तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय वंचित और आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच प्रदान करेंगे। इन विद्यालयों में मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को विभिन्न भारतीय भाषाएँ सीखने का अवसर भी मिलेगा।

आगे की दिशा

गौरतलब है कि बेरोज़गारी दर में इस दावा की गई गिरावट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर रोज़गार बाज़ार दबाव में हैं। सरकार का फ़ोकस अब अंतरिक्ष, रक्षा और तकनीक-आधारित क्षेत्रों में युवाओं के लिए कौशल-संपन्न नौकरियाँ तैयार करने पर केंद्रित होता दिख रहा है। यह देखना होगा कि स्वतंत्र आँकड़े इन दावों की किस हद तक पुष्टि करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि यह आँकड़ा किस पद्धति पर आधारित है — PLFS, CMIE या किसी अन्य सरकारी सर्वेक्षण पर। रोज़गार मेलों में वितरित 12.75 लाख नियुक्ति पत्रों को अगर स्थायी, नियमित और गुणवत्तापूर्ण रोज़गार की कसौटी पर परखा जाए, तो तस्वीर अलग हो सकती है। स्टार्टअप्स की संख्या में वृद्धि वास्तविक है, परंतु इनमें से कितने टिकाऊ रोज़गार दे रहे हैं, यह महत्वपूर्ण प्रश्न अनुत्तरित रहता है। विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तब तक सार्थक नहीं होगा जब तक रोज़गार के आँकड़ों की स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच न हो।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में बेरोज़गारी दर 3.2% कैसे हुई?
केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के अनुसार, सरकार की विभिन्न पहलों — जिनमें मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, मुद्रा ऋण योजना और रोज़गार मेले शामिल हैं — के परिणामस्वरूप बेरोज़गारी दर 6% से घटकर 3.2% पर आई है। यह दावा मंत्री द्वारा 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में किया गया।
रोज़गार मेला क्या है और इससे कितनों को लाभ मिला?
रोज़गार मेला केंद्र सरकार की एक पहल है जिसके तहत सरकारी विभागों में भर्ती हुए युवाओं को एक साथ नियुक्ति पत्र सौंपे जाते हैं। मंत्री के अनुसार, अब तक इन मेलों के ज़रिए 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
भारत में स्टार्टअप्स की संख्या कितनी बढ़ी है?
डॉ. मुरुगन के अनुसार देश में स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में लगभग 400 थी, जो अब 2.5 लाख से अधिक हो गई है। इन स्टार्टअप संस्थापकों में एक बड़ा हिस्सा 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं का है।
तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय कब खुलेंगे और इनसे किसे लाभ होगा?
मंत्री के बयान के अनुसार, तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय वंचित और आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे। इन विद्यालयों में मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाएँ सीखने का अवसर भी मिलेगा। खुलने की विशिष्ट तारीख का उल्लेख मंत्री के बयान में नहीं किया गया।
विकसित भारत 2047 में युवाओं की क्या भूमिका होगी?
डॉ. मुरुगन के अनुसार, सरकारी सेवा में भर्ती होने वाले नए युवा 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नव-नियुक्तों से आग्रह किया कि वे अपनी नौकरी को केवल आजीविका नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण के अवसर के रूप में देखें।
राष्ट्र प्रेस
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