बेरोज़गारी दर 6% से घटकर 3.2% हुई: केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरुगन का दावा, रोज़गार मेलों से 12.75 लाख नियुक्तियाँ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों के परिणामस्वरूप देश की बेरोज़गारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने 'रोज़गार मेलों' के माध्यम से अब तक 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का भी उल्लेख किया।
रोज़गार परिदृश्य में बदलाव के दावे
डॉ. मुरुगन ने बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में लगभग 400 थी, जो अब बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने रेखांकित किया कि इन स्टार्टअप संस्थापकों में एक बड़ी संख्या 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं की है, जो 'जॉब-सीकर' से 'जॉब-क्रिएटर' की ओर भारतीय युवाओं की बदलती मानसिकता को दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा ऋण योजना जैसी प्रमुख सरकारी पहलों ने युवाओं को न केवल रोज़गार पाने, बल्कि स्वयं रोज़गार सृजित करने में सक्षम बनाया है।
उभरते क्षेत्रों में अवसर
डॉ. मुरुगन ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा जैसे अग्रणी क्षेत्रों में युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का ज़िक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा, शासन और सार्वजनिक प्रशासन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
उन्होंने निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और पेशेवर कौशल के नियमित उन्नयन के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह आज की प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में अनिवार्य है।
नव-नियुक्तों को संदेश
रोज़गार मेलों के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. मुरुगन ने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि 'राष्ट्र की सेवा का अवसर' है। उन्होंने भर्ती होने वाले युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़कर देखें।
मंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि सरकारी कर्मचारी नागरिकों से संवाद करते समय सरकार के 'चेहरे' के रूप में कार्य करते हैं और ईमानदारी, जवाबदेही, सहानुभूति तथा जनता के प्रति मानवीय दृष्टिकोण सार्वजनिक सेवा का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।
तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय
डॉ. मुरुगन ने उल्लेख किया कि तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय वंचित और आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच प्रदान करेंगे। इन विद्यालयों में मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को विभिन्न भारतीय भाषाएँ सीखने का अवसर भी मिलेगा।
आगे की दिशा
गौरतलब है कि बेरोज़गारी दर में इस दावा की गई गिरावट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर रोज़गार बाज़ार दबाव में हैं। सरकार का फ़ोकस अब अंतरिक्ष, रक्षा और तकनीक-आधारित क्षेत्रों में युवाओं के लिए कौशल-संपन्न नौकरियाँ तैयार करने पर केंद्रित होता दिख रहा है। यह देखना होगा कि स्वतंत्र आँकड़े इन दावों की किस हद तक पुष्टि करते हैं।