18 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रचनात्मक अर्थव्यवस्था भारत की अगली विकास की सीमा: मुरुगन, AVGC में 2030 तक 20 लाख नौकरियाँ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रचनात्मक अर्थव्यवस्था भारत की अगली विकास की सीमा: मुरुगन, AVGC में 2030 तक 20 लाख नौकरियाँ

सारांश

भारत सामग्री-उपभोक्ता राष्ट्र से IP निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। AVGC में 20 लाख नौकरियाँ, 15,000 स्कूलों में क्रिएटर लैब्स और 2030 तक 100 अरब डॉलर के लक्ष्य के साथ, केंद्र सरकार रचनात्मक अर्थव्यवस्था को अगला बड़ा विकास इंजन बनाने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

मुरुगन ने 18 सितंबर 2026 को जिंदल नीति सम्मेलन में भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को देश की अगली प्रमुख विकास सीमा घोषित किया।
AVGC क्षेत्र में 2030 तक 20 लाख कुशल पेशेवरों की माँग का अनुमान।
अनुमानित 57 करोड़ भारतीय पहले से सांस्कृतिक और रचनात्मक व्यवसायों में कार्यरत; रचनात्मक अर्थव्यवस्था वैश्विक GDP में 3.1% और रोज़गार में 6.2% का योगदान देती है।
सरकार ने 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC क्रिएटर लैब्स और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को सहायता देने की घोषणा की।
मीडिया और मनोरंजन उद्योग के 2027 तक ₹3,067 अरब और 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान।
कॉपीराइट संरक्षण, उचित मुआवज़ा और AI के ज़िम्मेदार उपयोग को नीतिगत प्राथमिकता बताया गया।

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित जिंदल नीति सम्मेलन में घोषणा की कि भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था देश की अगली प्रमुख विकास सीमा के रूप में तेज़ी से उभर रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र युवाओं के लिए रोज़गार और उद्यमिता के अभूतपूर्व अवसर सृजित करने की क्षमता रखता है।

मुख्य घोषणाएँ और आँकड़े

मंत्री ने बताया कि एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र में अकेले 2030 तक लगभग 20 लाख कुशल पेशेवरों की माँग उत्पन्न होने का अनुमान है। उन्होंने फिल्म, संगीत, गेमिंग, एनिमेशन, डिज़ाइन, प्रकाशन, विज्ञापन और डिजिटल सामग्री को रोज़गार के उभरते इंजन के रूप में रेखांकित किया।

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, रचनात्मक अर्थव्यवस्था वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 3.1 प्रतिशत और वैश्विक रोज़गार में 6.2 प्रतिशत का योगदान देती है। इसके अतिरिक्त, अनुमानित 57 करोड़ भारतीय पहले से ही सांस्कृतिक और रचनात्मक व्यवसायों से जुड़े हुए हैं — यह एक उल्लेखनीय आधार है जिसे नीति-निर्माता अब संरचनात्मक बढ़त में बदलना चाहते हैं।

सरकारी पहल: स्कूल से लेकर उद्योग तक

डॉ. मुरुगन ने बताया कि केंद्र सरकार ने 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज और AVGC क्रिएटर लैब्स स्थापित करने के लिए सहायता देने की घोषणा की है। यह पहल उभरते अवसरों के लिए युवाओं को व्यावहारिक कौशल से लैस करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत का मीडिया और मनोरंजन उद्योग करीब 7 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक दर (CAGR) से बढ़ते हुए 2027 तक लगभग ₹3,067 अरब तक पहुँचने का अनुमान है। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य इस पारिस्थितिकी तंत्र को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक विस्तारित करना है।

नीतिगत ढाँचे पर ज़ोर

मंत्री ने स्पष्ट किया कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को साकार करने के लिए उचित कानूनी और नीतिगत समर्थन अनिवार्य है। उन्होंने कॉपीराइट संरक्षण, रचनाकारों के लिए उचित मुआवज़ा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के ज़िम्मेदार उपयोग को इस ढाँचे के तीन अहम स्तंभ बताया।

यह ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है जब AI-जनित सामग्री और डीपफेक को लेकर वैश्विक स्तर पर बौद्धिक संपदा के अधिकारों पर गहरी बहस छिड़ी हुई है।

युवाओं और विकसित भारत का विज़न

डॉ. मुरुगन ने छात्रों और युवाओं से आग्रह किया कि वे मान्यताओं और संस्थानों पर सम्मान, तर्क और प्रमाण के साथ सवाल उठाएँ। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में रचनात्मक क्षेत्र की निर्णायक भूमिका होगी — और यह भारत को एक सामग्री-उपभोक्ता राष्ट्र से बौद्धिक संपदा के वैश्विक निर्माता और निर्यातक राष्ट्र में रूपांतरित कर सकता है।

आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की नीतियों का क्रियान्वयन और कौशल विकास कार्यक्रमों की पहुँच यह तय करेगी कि यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य वास्तव में ज़मीन पर उतरता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की है — 15,000 स्कूलों में क्रिएटर लैब्स का ऐलान तब तक अधूरा है जब तक बुनियादी ढाँचा, प्रशिक्षित शिक्षक और उद्योग से जुड़ाव सुनिश्चित न हो। भारत में 57 करोड़ रचनात्मक कार्यबल का दावा व्यापक परिभाषा पर टिका है; अनौपचारिक और असंगठित क्षेत्र को हटाकर देखें तो संख्या बहुत अलग होगी। AI के 'ज़िम्मेदार उपयोग' की बात तो की गई, पर ठोस नियामक ढाँचे की अनुपस्थिति एक बड़ा सवाल छोड़ती है — खासकर जब कॉपीराइट विवाद और डीपफेक वैश्विक स्तर पर रचनाकारों को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था क्या है और इसमें कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था में फिल्म, संगीत, गेमिंग, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, डिज़ाइन, प्रकाशन, विज्ञापन और डिजिटल सामग्री जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सरकार के अनुसार, यह क्षेत्र वैश्विक GDP में 3.1% और वैश्विक रोज़गार में 6.2% का योगदान देता है।
AVGC क्षेत्र में 2030 तक कितनी नौकरियाँ पैदा होने का अनुमान है?
डॉ. मुरुगन के अनुसार, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र में 2030 तक लगभग 20 लाख कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होगी। यह माँग डिजिटल सामग्री उद्योग की तेज़ वृद्धि और भारत के वैश्विक IP निर्यातक बनने की महत्वाकांक्षा से उत्पन्न होगी।
सरकार ने AVGC क्रिएटर लैब्स और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी संस्थानों की घोषणा कहाँ की है?
सरकार ने 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज और AVGC क्रिएटर लैब्स को सहायता देने की घोषणा की है। यह घोषणा 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित जिंदल नीति सम्मेलन में की गई।
भारत का मीडिया और मनोरंजन उद्योग 2027 और 2030 तक कितना बड़ा होगा?
सरकारी अनुमानों के अनुसार, भारत का मीडिया और मनोरंजन उद्योग लगभग 7% CAGR की दर से बढ़ते हुए 2027 तक ₹3,067 अरब तक पहुँचेगा। दीर्घकालिक लक्ष्य 2030 तक इस पारिस्थितिकी तंत्र को 100 अरब डॉलर तक विस्तारित करने का है।
रचनात्मक अर्थव्यवस्था के लिए सरकार AI और कॉपीराइट पर क्या कदम उठाने की बात कर रही है?
डॉ. मुरुगन ने कहा कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था को कॉपीराइट संरक्षण, रचनाकारों के लिए उचित मुआवज़ा और AI के ज़िम्मेदार उपयोग जैसे नीतिगत ढाँचों का समर्थन मिलना चाहिए। हालाँकि, इन प्रावधानों के लिए विशिष्ट कानून या नियामक तंत्र का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले