18 सितंबर 2026
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म्यांमार आतंकी ट्रेनिंग केस: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को राऊज एवेन्यू कोर्ट से डिफॉल्ट बेल

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म्यांमार आतंकी ट्रेनिंग केस: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को राऊज एवेन्यू कोर्ट से डिफॉल्ट बेल

सारांश

म्यांमार में आतंकी समूहों को हथियार और ड्रोन ट्रेनिंग देने के आरोप में एनआईए द्वारा गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने जांच में देरी के आधार पर डिफॉल्ट बेल दी। अदालत ने छह यूक्रेनी सह-आरोपियों को भी इसी आधार पर जमानत का अधिकारी माना।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष एनआईए अदालत ने 18 सितंबर 2026 को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को डिफॉल्ट बेल दी।
जमानत ₹1 लाख के बेल बॉन्ड और ₹1 लाख की श्योरिटी पर मंजूर हुई; वैनडाइक को दिल्ली में रहना अनिवार्य।
एनआईए तलब करने पर वैनडाइक को जांच के लिए उपस्थित होना होगा।
अदालत ने कहा, इसी मामले में गिरफ्तार छह यूक्रेनी नागरिक भी डिफॉल्ट बेल के हकदार हैं।
एनआईए के अनुसार आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन मंगाकर म्यांमार के आतंकी समूहों को हथियार व ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा म्यांमार में आतंकी संगठनों को हथियार और ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों में से एक, अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक, को नई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष एनआईए अदालत ने 18 सितंबर 2026 को डिफॉल्ट बेल प्रदान कर दी। अदालत ने जांच में देरी को आधार मानते हुए यह राहत दी।

जमानत की शर्तें

अदालत ने वैनडाइक को ₹1 लाख के बेल बॉन्ड और ₹1 लाख की श्योरिटी पर जमानत दी। साथ ही यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जमानत की अवधि के दौरान वैनडाइक दिल्ली से बाहर नहीं जाएगा।

अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जांच के दौरान जब भी एनआईए उसे पूछताछ या जांच के लिए तलब करे, वैनडाइक को जांच एजेंसी के समक्ष अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा।

डिफॉल्ट बेल का आधार

वैनडाइक ने अदालत के समक्ष तर्क दिया था कि मामले की जांच में अनावश्यक विलंब हुआ है, जिसके आधार पर वह डिफॉल्ट बेल पाने का अधिकारी है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए जमानत मंजूर की।

गौरतलब है कि डिफॉल्ट बेल — जिसे 'वैधानिक जमानत' भी कहा जाता है — तब प्रदान की जाती है जब जांच एजेंसी निर्धारित समयसीमा के भीतर आरोप-पत्र दाखिल करने में विफल रहती है।

छह यूक्रेनी नागरिक भी हकदार

अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि इसी मामले में गिरफ्तार शेष छह यूक्रेनी नागरिक भी उसी आधार पर डिफॉल्ट बेल के हकदार हैं। यह टिप्पणी संकेत देती है कि उन सभी की जमानत याचिकाओं पर भी अनुकूल सुनवाई हो सकती है।

एनआईए के आरोप

एनआईए के अनुसार, इन सातों विदेशी नागरिकों पर आरोप है कि वे म्यांमार में एक जातीय सशस्त्र समूह के संपर्क में थे और उन्होंने वहां आतंकी गुटों को हथियार चलाने तथा ड्रोन संचालित करने का प्रशिक्षण दिया। जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन मंगाए और उन्हें म्यांमार में आतंकी समूहों को उपलब्ध कराया।

यह ऐसे समय में आया है जब म्यांमार में जारी संघर्ष और विदेशी नागरिकों की कथित संलिप्तता भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील विषय बनी हुई है। डिफॉल्ट बेल मिलने के बावजूद आरोपों की जांच जारी रहेगी और अदालती कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में अग्रणी भूमिका निभाती है, समयबद्ध आरोप-पत्र दाखिल करने की अपेक्षा स्वाभाविक है। सात विदेशी नागरिकों — एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी — की संलिप्तता का यह मामला भारत की सीमापार आतंकवाद विरोधी कार्रवाई की गंभीरता दर्शाता है, लेकिन अदालती राहत यह भी संकेत देती है कि अभियोजन पक्ष की तैयारी उस गंभीरता के अनुरूप नहीं रही। जब तक आरोप-पत्र में ठोस साक्ष्य और समयबद्ध कार्यवाही नहीं होगी, ऐसे संवेदनशील मामलों में कानूनी कमज़ोरियाँ सुरक्षा उद्देश्यों को कमज़ोर करती रहेंगी।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैथ्यू वैनडाइक को डिफॉल्ट बेल क्यों मिली?
मैथ्यू वैनडाइक को इसलिए डिफॉल्ट बेल मिली क्योंकि एनआईए निर्धारित समयसीमा में आरोप-पत्र दाखिल नहीं कर सकी, जिसे अदालत ने जांच में देरी मानते हुए जमानत का वैध आधार स्वीकार किया। यह वैधानिक जमानत का प्रावधान भारतीय दंड प्रक्रिया में अभियुक्त के मूल अधिकार के तहत आता है।
मैथ्यू वैनडाइक पर क्या आरोप हैं?
एनआईए के अनुसार, वैनडाइक पर आरोप है कि उसने म्यांमार में एक जातीय सशस्त्र समूह के संपर्क में रहकर आतंकी गुटों को हथियार चलाने और ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया। आरोप है कि उसने यूरोप से ड्रोन मंगाकर इन समूहों को उपलब्ध कराए।
इस मामले में कितने विदेशी नागरिक गिरफ्तार हैं?
इस मामले में कुल सात विदेशी नागरिक गिरफ्तार हैं — एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिक। अदालत ने कहा कि बाकी छह यूक्रेनी नागरिक भी उसी आधार पर डिफॉल्ट बेल के हकदार हैं।
डिफॉल्ट बेल मिलने के बाद क्या वैनडाइक मामले से मुक्त हो गया?
नहीं, डिफॉल्ट बेल मिलने के बाद भी जांच और अदालती कार्यवाही जारी रहेगी। वैनडाइक को दिल्ली में रहना होगा और एनआईए के बुलाने पर पूछताछ के लिए उपस्थित होना अनिवार्य है।
राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष एनआईए अदालत क्या है?
राऊज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली में स्थित विशेष एनआईए अदालत राष्ट्रीय जांच एजेंसी से जुड़े आतंकवाद और गंभीर सुरक्षा मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से गठित न्यायालय है। इसे एनआईए अधिनियम के तहत स्थापित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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