31 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण केस: NIA को अमेरिकी-यूक्रेनी आरोपियों से तिहाड़ में पूछताछ की अनुमति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण केस: NIA को अमेरिकी-यूक्रेनी आरोपियों से तिहाड़ में पूछताछ की अनुमति

सारांश

म्यांमार में कथित आतंकी प्रशिक्षण मामले में तिहाड़ जेल बंद अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों से NIA को 2-3 सितंबर को पूछताछ की अनुमति मिली है। आरोप है कि ये लोग पर्यटक वीजा पर भारत आए, मिजोरम से म्यांमार में घुसे और वहाँ जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार व ड्रोन प्रशिक्षण दिया।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष NIA अदालत ने 31 अगस्त को तिहाड़ जेल में पूछताछ की अनुमति दी।
पूछताछ 2-3 सितंबर को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरोन वैन डाइक और यूक्रेनी नागरिक विक्टर कामिंस्की से होगी।
दोनों आरोपी फिलहाल तिहाड़ जेल संख्या 8 और 9 में न्यायिक हिरासत में हैं।
NIA का आरोप है कि आरोपियों ने म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार और ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया।
आरोपी पर्यटक वीजा पर भारत आए, मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुए।
मैथ्यू वैन डाइक को कोलकाता से, यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था।

राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने 31 अगस्त 2026 को एजेंसी को म्यांमार में कथित आतंकी प्रशिक्षण से जुड़े मामले में तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरोन वैन डाइक और यूक्रेनी नागरिक विक्टर कामिंस्की से जेल के भीतर पूछताछ करने की अनुमति दे दी। अदालत ने यह पूछताछ 2 और 3 सितंबर को कराने की इजाजत दी है।

मुख्य घटनाक्रम

वर्तमान में मैथ्यू एरोन वैन डाइक और विक्टर कामिंस्की तिहाड़ जेल संख्या 8 और 9 में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। NIA ने अदालत में आवेदन दाखिल कर दोनों विदेशी नागरिकों से जेल के भीतर पूछताछ की अनुमति माँगी थी, जिसे विशेष अदालत ने स्वीकार कर लिया।

यह मामला म्यांमार में कथित आतंकी और उग्रवादी प्रशिक्षण गतिविधियों से जुड़ा है, जिसमें अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों सहित कई विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

आरोप: वीजा उल्लंघन से लेकर हथियार प्रशिक्षण तक

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पर्यटक वीजा पर भारत आए थे। आरोप है कि ये लोग भारत पहुँचने के बाद मिजोरम गए और वहाँ से अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश कर गए।

NIA का आरोप है कि आरोपियों का संपर्क म्यांमार के कुछ जातीय सशस्त्र समूहों से था और उन्होंने कथित तौर पर इन समूहों को हथियार संचालन तथा ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया। एजेंसी का यह भी दावा है कि आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन मँगवाए थे, जिनका उपयोग इन प्रशिक्षण गतिविधियों में हुआ।

गिरफ्तारी: कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ से

म्यांमार से भारत लौटने के बाद NIA ने इन विदेशी नागरिकों को अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किया। अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरोन वैन डाइक को कोलकाता से पकड़ा गया। तीन यूक्रेनी नागरिकों को नई दिल्ली से और तीन अन्य यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।

आगे की जांच

अदालत से मिली अनुमति के आधार पर NIA अब 2-3 सितंबर को दोनों आरोपियों से पूछताछ कर इस मामले से जुड़े नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और कथित प्रशिक्षण गतिविधियों की विस्तृत जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। यह पूछताछ जांच की दिशा और मामले के व्यापक अंतरराष्ट्रीय कोण को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मिजोरम सीमा से अवैध प्रवेश और यूरोप से ड्रोन की खरीद: यह तीनों मिलकर एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। सवाल यह है कि भारत में प्रवेश के बाद इतने लंबे समय तक ये गतिविधियाँ खुफिया तंत्र की नजर से कैसे बची रहीं। NIA की तिहाड़ पूछताछ से यदि विदेशी फंडिंग या राज्य-समर्थित संपर्कों के सुराग मिलते हैं, तो यह मामला द्विपक्षीय कूटनीतिक तनाव की भी वजह बन सकता है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में NIA ने किन्हें गिरफ्तार किया है?
NIA ने इस मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरोन वैन डाइक और कई यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। मैथ्यू को कोलकाता से, तीन यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली से और तीन अन्य को लखनऊ से पकड़ा गया था।
आरोपियों पर क्या आरोप हैं?
NIA का आरोप है कि ये विदेशी नागरिक पर्यटक वीजा पर भारत आए, मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुए और वहाँ जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार चलाने तथा ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया। एजेंसी का यह भी दावा है कि आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन मँगवाए थे।
तिहाड़ जेल में पूछताछ की अनुमति क्यों माँगी गई?
चूँकि दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं, इसलिए NIA को उनसे पूछताछ के लिए अदालत की विशेष अनुमति लेनी आवश्यक थी। राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष NIA अदालत ने यह अनुमति 31 अगस्त को प्रदान की।
NIA इस पूछताछ से क्या जानकारी जुटाना चाहती है?
NIA इस पूछताछ के जरिए मामले से जुड़े नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और म्यांमार में हुई कथित प्रशिक्षण गतिविधियों की विस्तृत जानकारी एकत्र करना चाहती है। इससे जांच का दायरा और अंतरराष्ट्रीय कड़ियाँ स्पष्ट होने की उम्मीद है।
आरोपी भारत में कैसे पकड़े गए?
म्यांमार से भारत लौटने के बाद NIA ने इन विदेशी नागरिकों को अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किया। अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरोन वैन डाइक को कोलकाता से पकड़ा गया, जबकि यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले