एनआईए अदालत ने म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में 6 विदेशी नागरिकों की हिरासत 1 अगस्त तक बढ़ाई
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने 3 जुलाई 2026 को म्यांमार में विद्रोही समूहों को आतंकी प्रशिक्षण देने के कथित मामले में गिरफ्तार छह विदेशी नागरिकों — पाँच यूक्रेनी और एक अमेरिकी — की न्यायिक हिरासत 1 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी। नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किए गए इन आरोपियों की हिरासत 29 दिनों के लिए और बढ़ाई गई है।
मुख्य घटनाक्रम
पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर पटियाला हाउस स्थित एनआईए अदालत में छहों आरोपियों को पेश किया गया, जहाँ अदालत ने मामले को आगे की कार्यवाही के लिए सूचीबद्ध करते हुए हिरासत विस्तार का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान एनआईए ने अदालत से अनुमति माँगी, जिसके बाद छहों आरोपियों ने अपने आवाज़ के नमूने देने की सहमति दी — जो जाँच की दृष्टि से एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक अन्य यूक्रेनी नागरिक को शनिवार, 4 जुलाई को अदालत में पेश किया जाना निर्धारित है।
कौन हैं आरोपी
जाँच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में कुल सात विदेशी नागरिक गिरफ्तार किए गए हैं। यूक्रेनी नागरिकों में पेट्रो हुबरा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफनकीव, मैक्सिम होनचारुक और विक्टर कामिंस्की शामिल हैं, जबकि अमेरिकी नागरिक वैनडाइक भी इस मामले में आरोपी हैं। एनआईए के अनुसार, ये सभी आरोपी पर्यटक वीज़ा पर भारत में दाखिल हुए थे और दिल्ली, लखनऊ व कोलकाता सहित देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किए गए।
आरोपों की प्रकृति
एनआईए का आरोप है कि इन विदेशी नागरिकों ने भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय विद्रोही समूहों को हथियार और ड्रोन प्रशिक्षण देने वाले एक कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के लिए काम किया। जाँचकर्ताओं का यह भी आरोप है कि इन आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग उपकरण की खरीद और आवागमन में सहायता की। कथित तौर पर आरोपी पूर्वोत्तर क्षेत्र की यात्रा करने के बाद म्यांमार में अवैध रूप से प्रवेश करने की फिराक में थे।
सुरक्षा व्यवस्था और अदालती निर्देश
सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने पहले ही यह निर्देश दे दिया था कि इस मामले की सुनवाई एनआईए के मुख्यालय में की जाए और आरोपियों को पीठासीन न्यायाधीश के समक्ष वहीं पेश किया जाए। यह असामान्य व्यवस्था मामले की संवेदनशीलता और इसमें विदेशी नागरिकों की संलिप्तता को रेखांकित करती है।
जाँच की दिशा
एनआईए अपनी व्यापक जाँच जारी रखे हुए है, जिसमें संभावित स्थानीय मध्यस्थों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पहचान करना शामिल है। यह मामला भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में विदेशी भाड़े के सैनिकों की कथित गतिविधियों से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जाँच का हिस्सा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण बनी हुई है।