लालकिला विस्फोट मामले में कोर्ट ने तुफैल और जमीर की हिरासत 30 दिन बढ़ाई
सारांश
Key Takeaways
- लाल किला विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी।
- तुफैल और जमीर की न्यायिक हिरासत 30 दिन बढ़ाई गई है।
- जांच में 11 गिरफ्तारियों का खुलासा हुआ है।
- आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े हुए हैं।
- एनआईए की जांच जारी है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पटियाला हाउस की विशेष एनआईए अदालत ने दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट हुए विस्फोट के संदिग्ध तुफैल अहमद भट और जमीर अहमद अहंगर की न्यायिक हिरासत को 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इन दोनों आरोपियों की 15 दिनों की न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त होनी थी। दोनों को नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था।
अब तक इस मामले में 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह पता चला है कि आरोपियों में से जमीर अहमद अहंगर जम्मू-कश्मीर के गांदरबल का निवासी है, जबकि तुफैल अहमद भट श्रीनगर का निवासी है। 10 नवंबर 2025 को हुई इस भीषण घटना में 11 लोगों की जान चली गई, और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इस हमले का मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी विस्फोट में मारा गया था। एनआईए इस मामले की गहन जांच कर रही है, जिसका उद्देश्य इस कायराना आतंकी हमले की पूरी साजिश का खुलासा करना है। जांच एजेंसी के अनुसार, जमीर और तुफैल प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) के सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे।
एनआईए ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर की गई जांच में पाया कि ये दोनों आरोपी ना केवल दिल्ली के विस्फोट की साजिश में शामिल थे, बल्कि अन्य कई आतंकी योजनाओं का भी हिस्सा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि ये भारत के खिलाफ इस्तेमाल होने के लिए हथियार और गोला-बारूद जुटाने में सक्रिय थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, दिल्ली विस्फोट की साजिश का मास्टरमाइंड उमर था, जिसने अन्य आरोपियों मुजम्मिल गनई, शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान, आदिल अहमद राथर और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस हमले की योजना बनाई थी। इन आरोपियों को पहले ही जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया जा चुका है। एनआईए की जांच अभी जारी है।