दिल्ली के बम विस्फोट मामले में एनआईए ने दो आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया

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दिल्ली के बम विस्फोट मामले में एनआईए ने दो आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया

सारांश

दिल्ली के लाल किला के पास हुए बम विस्फोट मामले में एनआईए ने दो और आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ, कुल गिरफ्तारियों की संख्या 11 हो गई है। क्या एनआईए इस मामले के मास्टरमाइंड तक पहुँचेगी?

Key Takeaways

  • एनआईए ने दिल्ली में हुए बम विस्फोट के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • गिरफ्तारियों की कुल संख्या 11 हो गई है।
  • गिरफ्तार आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद के ओवर ग्राउंड वर्कर थे।
  • उमर, जो मुख्य आरोपी था, भी विस्फोट में मारा गया।
  • एनआईए की जांच अभी भी जारी है।

नई दिल्ली, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले वर्ष दिल्ली के लाल किला के आस-पास हुए बम विस्फोट मामले में दो और आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के परिणामस्वरूप, इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 11 हो गई है।

एनआईए द्वारा बुधवार को जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के गांदरबल निवासी जमीर अहमद अहंगर और श्रीनगर निवासी तुफैल अहमद भट के रूप में की गई है। एनआईए ने उन्हें दिल्ली विस्फोट की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोप में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इन दोनों ने दिल्ली ब्लास्ट के मुख्य आरोपी को हथियार मुहैया कराए थे।

गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी में हुए इस भीषण विस्फोट में 11 जानें गई थीं, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले का मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी विस्फोट में मारा गया था। एनआईए मामले की गहन जांच कर रही है, जिसका उद्देश्य इस कायराना आतंकी हमले के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करना है। जांच एजेंसी के अनुसार, जमीर अहमद और तुफैल अहमद प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) के सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे।

एनआईए ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर की गई जांच में पाया कि दोनों आरोपी न केवल दिल्ली ब्लास्ट की साजिश में शामिल थे, बल्कि अन्य कई आतंकी षड्यंत्रों का भी हिस्सा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि वे भारतीय राज्य के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने के उद्देश्य से हथियार और गोला-बारूद जुटाने में सक्रिय रूप से संलिप्त थे।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, दिल्ली विस्फोट की साजिश का मास्टरमाइंड उमर था, जिसने अन्य आरोपियों, मुजम्मिल गनई, शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान, आदिल अहमद राथर और पांच अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस हमले की योजना बनाई थी। इन 9 आरोपियों को पहले ही जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में एनआईए की जांच अभी भी जारी है।

Point of View

NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली के बम विस्फोट में कितने लोग मारे गए थे?
दिल्ली के बम विस्फोट में 11 लोग मारे गए थे।
एनआईए ने कितने आतंकियों को गिरफ्तार किया है?
इस मामले में एनआईए ने कुल 11 आतंकियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आतंकियों का संबंध किस आतंकी संगठन से है?
गिरफ्तार आतंकियों का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) से है।
क्या एनआईए की जांच अभी जारी है?
हाँ, इस मामले में एनआईए की जांच अभी भी जारी है।
दिल्ली विस्फोट की साजिश का मास्टरमाइंड कौन था?
दिल्ली विस्फोट की साजिश का मास्टरमाइंड उमर था।
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