क्या दिल्ली में बम धमाके के प्रमुख संदिग्ध को एनआईए ने गिरफ्तार किया?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 17 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में 10 नवंबर को हुए बम धमाके के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। एनआईए ने इस धमाके में शामिल आतंकवादी का एक और महत्वपूर्ण सहयोगी गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान कश्मीर निवासी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश के रूप में हुई है। एनआईए की टीम ने इस आरोपी को जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से गिरफ्तार किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि जसीर ने इस आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी। इस कार बम विस्फोट में 10 लोग मारे गए थे और 32 लोग घायल हुए थे।
आरोपी जसीर बिलाल, जो जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का निवासी है, इस हमले का सक्रिय सह-षड्यंत्रकारी था और उसने आतंकवादी उमर उन नबी के साथ मिलकर इस आतंकी नरसंहार की योजना बनाई थी।
एनआईए इस बम विस्फोट के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। आतंकवाद-रोधी एजेंसी की कई टीमें विभिन्न सुरागों का पता लगाने और इस आतंकी हमले में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान के लिए विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।
इस मामले में एक दिन पहले एनआईए ने कश्मीर के आमिर राशिद अली नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। आमिर राशिद अली ने आत्मघाती हमलावर के साथ मिलकर इस आतंकी हमले की साजिश रची थी।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने आमिर राशिद अली को दिल्ली से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस द्वारा मामले को अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
एनआईए की जांच से पता चला कि जम्मू-कश्मीर के पंपोर स्थित संबूरा निवासी आरोपी ने आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर आतंकी हमला करने की योजना बनाई थी। आमिर उस कार को खरीदने में मदद करने के लिए दिल्ली आया था, जिसका उपयोग विस्फोट के लिए वाहन-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के रूप में किया गया था।