दिल्ली बम धमाके में एनआईए का जम्मू-कश्मीर में तलाशी अभियान

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दिल्ली बम धमाके में एनआईए का जम्मू-कश्मीर में तलाशी अभियान

सारांश

दिल्ली के लाल किले में हुए बम धमाके की गहन जांच के तहत एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जानें क्या कुछ नया सामने आया।

Key Takeaways

  • एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में तलाशी अभियान चलाया।
  • डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।
  • मुख्य आरोपी उमर उन नबी की मौत हुई।
  • जांच में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की गई।
  • अधिक सबूतों के लिए और समय की आवश्यकता।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के लाल किले के क्षेत्र में हुए बम धमाके से संबंधित मामले की जाँच के अंतर्गत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया।

आतंकवाद रोधी एजेंसी ने श्रीनगर, बारामूला, जम्मू, कुलगाम, गांदरबल और हंदवाड़ा जिलों में नौ स्थानों पर तलाशी की। इस दौरान कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए, जिन्हें फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है।

10 नवंबर 2025 को राजधानी में हुए इस भीषण विस्फोट में कई लोगों की जान गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। इस घटना में मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी मारा गया था। जांच में यह सामने आया कि उमर ने अपने सह-आरोपियों और अन्य के साथ मिलकर विस्फोट की योजना बनाई थी।

राष्ट्रीय एजेंसी इस आतंकी हमले के पीछे की साजिश का खुलासा करने और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले अन्य लोगों की पहचान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, 13 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट के आरोपियों—डॉ. शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद, मुजम्मिल और यासिर अहमद डार—की न्यायिक हिरासत को 15 दिन और बढ़ा दिया। सुरक्षा कारणों से इन सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था।

एनआईए ने अदालत को बताया कि अभी और सबूत जुटाने और आरोपियों से पूछताछ के लिए और समय लग सकता है, इसलिए इनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि मामले की सही तरीके से जांच हो सके।

25 फरवरी को इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो एनआईए से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के गांदरबल निवासी जमीर अहमद अहंगर और श्रीनगर निवासी तुफैल अहमद भट के रूप में हुई।

एनआईए इस मामले की गहन जांच कर रही है, जिसका उद्देश्य इस कायराना आतंकी हमले के पीछे की पूरी साजिश को उजागर करना है। जांच एजेंसी के अनुसार, जमीर अहमद और तुफैल अहमद प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) के सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे।

Point of View

NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

एनआईए ने क्यों तलाशी अभियान चलाया?
दिल्ली के लाल किले में हुए बम धमाके की जांच के तहत संभावित सबूतों को जुटाने के लिए एनआईए ने तलाशी अभियान चलाया।
इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी शामिल थे।
क्या एनआईए की जांच में और समय लगेगा?
हां, एनआईए ने अदालत से कहा है कि अधिक सबूत जुटाने और पूछताछ के लिए उन्हें और समय चाहिए।
क्या इस मामले में कोई नया सबूत मिला?
अभी तक कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनका फोरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है।
आरोपियों की पहचान क्या है?
अरोपी जम्मू-कश्मीर के गांदरबल और श्रीनगर के निवासी हैं, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन के लिए काम कर रहे थे।
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