दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले में एनआईए को मिला 45 दिन का अतिरिक्त समय
सारांश
Key Takeaways
- जांच में तेजी के लिए एनआईए को 45 दिन का अतिरिक्त समय मिला।
- इस विस्फोट में 11 लोगों की मृत्यु हुई और कई घायल हुए।
- जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की संभावना।
- आरोपियों से कट्टरपंथी लेख बरामद हुए हैं।
- एनआईए ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अरबी विशेषज्ञ से मदद ली।
नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट हुए गंभीर विस्फोट के मामले में जांच को आगे बढ़ाने हेतु अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को 45 दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। पटियाला हाउस कोर्ट की एनआईए अदालत ने यह समय एजेंसी की मांग पर बढ़ाया है।
एनआईए ने दूसरी बार इस मामले में समय बढ़ाने की अपील की थी, जिसे शुक्रवार को स्वीकृति मिली। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कई नए सुराग सामने आए हैं और बड़े पैमाने पर डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है, जिसके लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है।
एनआईए ने यह भी दावा किया है कि इस मामले के तार केवल भारत तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
जांच के दौरान आरोपियों से कुछ कट्टरपंथी अरबी लेख भी बरामद हुए हैं। इन्हें समझने और विश्लेषण करने के लिए एनआईए ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक अरबी विशेषज्ञ की मदद ली है। इसके अलावा आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान भी की गई है, जिसकी गहन जांच जारी है। कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल की जा रही है।
इससे पहले 13 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपियों (डॉ. शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद, मुजम्मिल और यासिर अहमद डार) की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ाई थी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।
एनआईए ने कोर्ट को बताया था कि मामले में अभी और सबूत जुटाने हैं और आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जानी बाकी है, इसलिए हिरासत बढ़ाना आवश्यक है ताकि जांच सही तरीके से पूरी की जा सके।
10 नवंबर 2025 को हुए इस भीषण विस्फोट ने राष्ट्रीय राजधानी को दहला दिया था। इस हमले में 11 लोगों की मृत्यु हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले का मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी विस्फोट में मारा गया था।