दिल्ली ब्लास्ट: पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपियों की हिरासत 15 दिन और बढ़ाई
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आरोपियों की हिरासत बढ़ाई गई।
- एनआईए सबूत जुटाने में जुटी है।
- अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
- मुख्य आरोपी उमर उन नबी था, जो इस हमले में मारा गया।
- जांच अभी जारी है।
नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के समीप हुए ब्लास्ट के आरोपियों- डॉ शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद, मुजम्मिल और यासिर अहमद डार की न्यायिक हिरासत शुक्रवार से 15 दिन बढ़ा दी है। सुरक्षा कारणों से इन सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों से पूछताछ और मामले में और सबूत जुटाने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। इसी कारण से इनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई है, ताकि मामले की जांच सही तरीके से की जा सके।
25 फरवरी को इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो एनआईए से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। अब तक इस मामले में कुल 11 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के गांदरबल निवासी जमीर अहमद अहंगर और श्रीनगर निवासी तुफैल अहमद भट के रूप में की गई है।
10 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी को हिलाकर रख देने वाले इस भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले का मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी विस्फोट में मारा गया था। एनआईए इस मामले की गहन जांच कर रही है, जिसका उद्देश्य इस कायराना आतंकी हमले के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करना है। जांच एजेंसी के अनुसार, जमीर अहमद और तुफैल अहमद प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) के सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे।
एनआईए ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर की गई जांच में पाया कि दोनों आरोपी न केवल दिल्ली के ब्लास्ट की साजिश में शामिल थे, बल्कि अन्य कई आतंकी षड्यंत्रों का भी हिस्सा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि वे भारतीय राज्य के खिलाफ उपयोग के लिए हथियार और गोला-बारूद जुटाने में सक्रिय रूप से संलिप्त थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, दिल्ली विस्फोट की साजिश का मास्टरमाइंड उमर था, जिसने अन्य आरोपियों, मुजम्मिल गनई, शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान, आदिल अहमद राथर और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस हमले की योजना बनाई थी। इन आरोपियों को पहले ही जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में एनआईए की जांच अभी भी जारी है।