5 अगस्त 2026
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दिल्ली हाई कोर्ट ने NIA को दी राहत: म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में 180 दिन की जांच अवधि बरकरार

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दिल्ली हाई कोर्ट ने NIA को दी राहत: म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में 180 दिन की जांच अवधि बरकरार

सारांश

दिल्ली उच्च न्यायालय ने म्यांमार में आतंकी ड्रोन प्रशिक्षण मामले में NIA को बड़ी राहत दी — 6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी नागरिक की याचिका खारिज कर जांच अवधि 180 दिन बरकरार रखी। यह मामला ट्रांस-नेशनल आतंकी नेटवर्क और यूरोप से ड्रोन आपूर्ति की साजिश से जुड़ा है।

मुख्य बातें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 4 अगस्त 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें NIA को 180 दिन की जांच अवधि दी गई थी।
6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी नागरिक पर म्यांमार में आतंकी गुटों को हथियार चलाने और ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग देने का आरोप है।
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को कोलकाता से, तीन यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली से और तीन को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन मंगवाकर म्यांमार के आतंकी संगठनों को उनके संचालन का प्रशिक्षण दिया।
मामला UAPA के तहत दर्ज है; NIA फंडिंग स्रोत, भारत में संपर्क सूत्र और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच कर रही है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 4 अगस्त 2026 को म्यांमार में आतंकी प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार 7 विदेशी नागरिकों6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी — के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच अवधि 180 दिन तक बढ़ाने के पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। अदालत ने आरोपियों की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी।

मामले की पृष्ठभूमि

पटियाला हाउस कोर्ट ने NIA की अर्जी पर गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज इस मामले में जांच की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर दी थी। एजेंसी ने अदालत को बताया कि यह मामला पैन-इंडिया और ट्रांस-नेशनल आपराधिक साजिश से जुड़ा है, जिसकी जड़ें कई देशों तक फैली हैं। बड़े नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक था।

आरोपियों पर क्या हैं आरोप

NIA के अनुसार, गिरफ्तार विदेशी नागरिक म्यांमार के एथनिक सशस्त्र गुटों के संपर्क में थे और उन्होंने आतंकी संगठनों को हथियार चलाने तथा ड्रोन उड़ाने की विशेष ट्रेनिंग दी। आरोप है कि इन लोगों ने यूरोप से ड्रोन मंगवाए, उन्हें म्यांमार भेजा और वहाँ आतंकियों को उनके संचालन का प्रशिक्षण दिया। म्यांमार से भारत लौटने के बाद एजेंसी ने इन सभी को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया। तीन यूक्रेनी नागरिकों — हर्बा पेट्रो, स्लिवियाक टारस और इवान सुकमनोवस्की — को दिल्ली से, जबकि तीन अन्य यूक्रेनी नागरिकों — स्टीफन मारियन, होंचारुक मकसीम और कामिनिस्की विक्टर — को लखनऊ से पकड़ा गया।

NIA की जांच का दायरा

एजेंसी का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साजिश है। जांचकर्ता आरोपियों के भारत और अन्य देशों में संपर्क सूत्रों, फंडिंग के स्रोतों और आगे की योजनाओं का पता लगाना चाहते हैं। विदेशी धरती पर आतंकी संगठनों को सैन्य प्रशिक्षण देना और ड्रोन तकनीक उपलब्ध कराना भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

आगे क्या होगा

दिल्ली उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद NIA के पास अब 180 दिन की पूर्ण जांच अवधि उपलब्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत म्यांमार से जुड़े ट्रांस-नेशनल आतंकी नेटवर्क पर नजर कस रहा है। आरोपियों के खिलाफ UAPA के तहत आरोप-पत्र दाखिल करने की समय-सीमा अब विस्तारित जांच अवधि के बाद तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पारंपरिक आतंकवाद-विरोधी ढाँचे से परे जाती है। यूरोप से ड्रोन आपूर्ति और ट्रांस-नेशनल नेटवर्क के दावे गंभीर हैं, लेकिन इनकी पुष्टि अदालत में साबित होने पर ही होगी। नागरिक स्वतंत्रता पक्षकारों का तर्क है कि UAPA के तहत लंबी हिरासत बिना आरोप-पत्र के मौलिक अधिकारों पर असर डालती है — यह बहस इस मामले में भी प्रासंगिक है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला दिया?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में NIA की 180 दिन की जांच अवधि को बरकरार रखा और आरोपियों की याचिका खारिज कर दी। पटियाला हाउस कोर्ट ने पहले जांच अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन की थी, जिसे अब उच्च न्यायालय ने भी उचित ठहराया।
गिरफ्तार विदेशी नागरिकों पर क्या आरोप हैं?
6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी नागरिक पर आरोप है कि उन्होंने म्यांमार के सशस्त्र एथनिक गुटों को हथियार चलाने और ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी। साथ ही यूरोप से ड्रोन मंगवाकर आतंकी संगठनों को उपलब्ध कराने का भी आरोप है।
इन विदेशी नागरिकों को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को कोलकाता से, तीन यूक्रेनी नागरिकों — हर्बा पेट्रो, स्लिवियाक टारस और इवान सुकमनोवस्की — को दिल्ली से, तथा स्टीफन मारियन, होंचारुक मकसीम और कामिनिस्की विक्टर को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।
NIA जांच में 180 दिन की अवधि क्यों माँगी गई?
NIA का तर्क है कि यह मामला पैन-इंडिया और ट्रांस-नेशनल आपराधिक साजिश से जुड़ा है। एजेंसी आरोपियों के भारत और विदेश में संपर्क सूत्रों, फंडिंग के स्रोतों और आगे की योजनाओं का पता लगाने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक मानती है।
UAPA के तहत जांच अवधि कितनी होती है और इसे कैसे बढ़ाया जा सकता है?
UAPA के तहत सामान्यतः जांच अवधि 90 दिन होती है, लेकिन अदालत की अनुमति से इसे 180 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए एजेंसी को अदालत में मामले की जटिलता और अतिरिक्त समय की आवश्यकता का ठोस आधार प्रस्तुत करना होता है।
राष्ट्र प्रेस
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