पीएफआई चेयरमैन ओएमए सलाम समेत 21 आरोपियों पर एनआईए कोर्ट ने तय किए आतंक के आरोप, 10 जुलाई को अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) अदालत ने 5 जून 2026 को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के चेयरमैन ओएमए सलाम और वाइस चेयरमैन ईएम अबूबकर सहित कुल 21 आरोपियों के विरुद्ध औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए। इन आरोपियों पर आपराधिक साजिश, राज्य के विरुद्ध युद्ध की तैयारी और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के अंतर्गत आतंकवाद से जुड़े गंभीर अपराध शामिल हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिस दिन सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
मुख्य आरोप क्या हैं
जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों पर आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, आतंकवादी षड्यंत्र रचने, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और इन अभियानों हेतु लोगों की भर्ती करने के गंभीर आरोप हैं। अदालत ने रेखांकित किया कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया यह गंभीर संदेह उत्पन्न होता है कि आरोपी PFI और उसकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद (NEC) के माध्यम से भारत की धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त करने की कथित साजिश में शामिल थे।
विजन 2047 और कथित षड्यंत्र
अदालत ने कहा कि जाँच में सामने आया 'विजन 2047' दस्तावेज़ कथित तौर पर PFI का ही था, जिसमें 2047 तक या उससे पहले शरिया कानून के तहत इस्लामी खिलाफत स्थापित करने का उल्लेख बताया गया है। अदालत के अनुसार, यह लक्ष्य सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से हासिल करने की योजना का हिस्सा कथित तौर पर था। इसके अतिरिक्त, हिंदू नेताओं को निशाना बनाने और इराक व सीरिया में सक्रिय आतंकवादी संगठन ISIS को समर्थन देने से जुड़े कथित संस्थागत निर्णय PFI की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की बैठकों में लिए जाने की बात अदालत ने कही।
संगठन के नेतृत्व की भूमिका
अदालत ने स्पष्ट किया कि ये कार्य किसी एक व्यक्ति के निजी आचरण नहीं थे, बल्कि ये संगठन के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संचालित और निर्देशित गतिविधियों का हिस्सा प्रतीत होते हैं। गौरतलब है कि सितंबर 2022 में NIA ने देशभर में समन्वित छापेमारी कर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जाँच एजेंसी का आरोप है कि PFI के शीर्ष पदाधिकारी संगठन की गतिविधियों को संचालित करने और कथित राष्ट्रविरोधी योजनाओं को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से शामिल थे।
आगे क्या होगा
अब 10 जुलाई 2026 की सुनवाई में सभी 21 आरोपियों को विशेष NIA अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। आरोप तय होने के बाद यह मामला विचारण (ट्रायल) के अगले चरण में प्रवेश करेगा, जो PFI पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद की सबसे महत्त्वपूर्ण कानूनी कार्यवाही मानी जा रही है।