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दिल्ली ब्लास्ट: NIA कोर्ट ने पीड़ितों और आतंकी उमर उन नवी के अवशेषों के अंतिम संस्कार की दी अनुमति

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दिल्ली ब्लास्ट: NIA कोर्ट ने पीड़ितों और आतंकी उमर उन नवी के अवशेषों के अंतिम संस्कार की दी अनुमति

सारांश

दिल्ली के लाल किले के सामने हुए कार विस्फोट मामले में NIA की विशेष अदालत ने पीड़ितों और मुख्य आरोपी उमर उन नवी के अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति दी। 10 आरोपियों पर 7,500 पन्नों की चार्जशीट में अलकायदा से जुड़े AGUH संगठन के जरिए 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' की साजिश का खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें

पटियाला हाउस स्थित NIA की विशेष अदालत ने लाल किला कार विस्फोट के पीड़ितों और आरोपी उमर उन नवी के अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति दी।
अदालत ने निर्देश दिया कि अंतिम संस्कार पूरी मानवीय गरिमा और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हो तथा बाद में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए।
NIA ने 10 आरोपियों के विरुद्ध लगभग 7,500 पृष्ठों की चार्जशीट दाखिल की है।
सभी आरोपी कथित तौर पर अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) से जुड़े थे, जिसका संबंध अलकायदा से बताया गया है।
आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में गुप्त बैठक कर 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' के तहत बड़े हमलों की साजिश रची।
विस्फोट में TATP विस्फोटक का उपयोग हुआ; आरोपी ड्रोन और रॉकेट से हमले की भी तैयारी कर रहे थे।

पटियाला हाउस स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने नई दिल्ली के लाल किले के समक्ष हुए कार विस्फोट में मारे गए पीड़ितों तथा मामले के मुख्य आरोपी उमर उन नवी के मानव अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति प्रदान कर दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह प्रक्रिया पूरी मानवीय गरिमा और संबंधित व्यक्तियों की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संपन्न की जाए।

अदालत का निर्देश और पृष्ठभूमि

विशेष NIA अदालत ने एजेंसी को घटनास्थल से बरामद अवशेषों का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति देते हुए यह भी निर्देशित किया कि कार्रवाई पूरी होने के पश्चात अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए। NIA ने यह आवेदन नवंबर 2025 में लाल किले के सामने हुए कार विस्फोट के बाद घटनास्थल से बरामद पीड़ितों और आरोपी के अवशेषों के संदर्भ में दिया था।

चार्जशीट और आरोपियों का विवरण

NIA ने इस मामले में 10 आरोपियों के विरुद्ध लगभग 7,500 पृष्ठों की चार्जशीट पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की है। चार्जशीट में मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नवी का नाम सबसे ऊपर है, जो कथित तौर पर धमाके के समय उसी कार में सवार था। इसके अतिरिक्त, आमिर राशिद अली, जसीर बिलाल वानी, मुजम्मिल, अदील अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद, डॉ. शाहीन सईद, सोयब, बिलाल और यासिर अहमद डार के नाम भी चार्जशीट में दर्ज हैं।

आतंकी संगठन और साजिश का खुलासा

चार्जशीट के अनुसार, सभी आरोपी कथित तौर पर आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) से जुड़े थे, जिसका संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क अलकायदा से बताया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में एक गुप्त बैठक आयोजित कर इस संगठन को पुनः सक्रिय किया और 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' के नाम से देश में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रची। NIA के दावे के अनुसार, आरोपियों का मकसद लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई भारत सरकार को अस्थिर करना और शरिया कानून लागू करना था।

विस्फोटक और हमले की तैयारी

एजेंसी ने चार्जशीट में खुलासा किया कि दिल्ली विस्फोट में ट्राईएसीटोन ट्राईपरऑक्साइड (TATP) विस्फोटक का उपयोग किया गया था, जिसे आरोपियों ने बाजार में सहजता से उपलब्ध रसायनों से तैयार किया था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ड्रोन और रॉकेट के माध्यम से विस्फोटक हमले करने की तैयारी में थे।

कानूनी धाराएँ और आगे की कार्यवाही

आरोपियों पर गैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब NIA को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, और मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अलकायदा की विचारधारा से संचालित एक पुनर्जीवित ढाँचा है। 7,500 पन्नों की चार्जशीट जांच की गहराई दर्शाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि 2022 की श्रीनगर बैठक से लेकर नवंबर 2025 के विस्फोट तक खुफिया तंत्र कहाँ चूका। ड्रोन और रॉकेट से हमले की तैयारी का खुलासा यह भी बताता है कि आतंकी नेटवर्क अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ रहे हैं — और इस बदलाव के लिए सुरक्षा रणनीति को भी उतनी ही तेजी से अद्यतन होना होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली लाल किला कार विस्फोट मामले में अदालत ने क्या आदेश दिया?
पटियाला हाउस स्थित NIA की विशेष अदालत ने लाल किले के सामने हुए कार विस्फोट में मारे गए पीड़ितों और मुख्य आरोपी उमर उन नवी के मानव अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि प्रक्रिया पूरी मानवीय गरिमा और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हो तथा बाद में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए।
उमर उन नवी कौन था और इस विस्फोट से उसका क्या संबंध है?
उमर उन नवी इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है, जो कथित तौर पर धमाके के समय उसी कार में सवार था। NIA की चार्जशीट के अनुसार वह अलकायदा से जुड़े आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) का प्रमुख सदस्य था।
अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) क्या है?
AGUH एक आतंकी संगठन है जिसका संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क अलकायदा से बताया गया है। NIA के अनुसार, आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में गुप्त बैठक कर इस संगठन को पुनः सक्रिय किया और 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' के तहत भारत में बड़े हमलों की साजिश रची।
दिल्ली विस्फोट में किस विस्फोटक का उपयोग किया गया था?
NIA की चार्जशीट के अनुसार, इस विस्फोट में ट्राईएसीटोन ट्राईपरऑक्साइड (TATP) विस्फोटक का उपयोग किया गया था। आरोपियों ने इसे बाजार में आसानी से उपलब्ध रसायनों से तैयार किया था, और जांच में यह भी सामने आया कि वे ड्रोन व रॉकेट के जरिए हमले की तैयारी कर रहे थे।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
NIA ने कुल 10 आरोपियों के विरुद्ध लगभग 7,500 पृष्ठों की चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों पर UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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