दिल्ली ब्लास्ट: NIA कोर्ट ने पीड़ितों और आतंकी उमर उन नवी के अवशेषों के अंतिम संस्कार की दी अनुमति
सारांश
मुख्य बातें
पटियाला हाउस स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने नई दिल्ली के लाल किले के समक्ष हुए कार विस्फोट में मारे गए पीड़ितों तथा मामले के मुख्य आरोपी उमर उन नवी के मानव अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति प्रदान कर दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह प्रक्रिया पूरी मानवीय गरिमा और संबंधित व्यक्तियों की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संपन्न की जाए।
अदालत का निर्देश और पृष्ठभूमि
विशेष NIA अदालत ने एजेंसी को घटनास्थल से बरामद अवशेषों का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति देते हुए यह भी निर्देशित किया कि कार्रवाई पूरी होने के पश्चात अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए। NIA ने यह आवेदन नवंबर 2025 में लाल किले के सामने हुए कार विस्फोट के बाद घटनास्थल से बरामद पीड़ितों और आरोपी के अवशेषों के संदर्भ में दिया था।
चार्जशीट और आरोपियों का विवरण
NIA ने इस मामले में 10 आरोपियों के विरुद्ध लगभग 7,500 पृष्ठों की चार्जशीट पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की है। चार्जशीट में मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नवी का नाम सबसे ऊपर है, जो कथित तौर पर धमाके के समय उसी कार में सवार था। इसके अतिरिक्त, आमिर राशिद अली, जसीर बिलाल वानी, मुजम्मिल, अदील अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद, डॉ. शाहीन सईद, सोयब, बिलाल और यासिर अहमद डार के नाम भी चार्जशीट में दर्ज हैं।
आतंकी संगठन और साजिश का खुलासा
चार्जशीट के अनुसार, सभी आरोपी कथित तौर पर आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) से जुड़े थे, जिसका संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क अलकायदा से बताया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में एक गुप्त बैठक आयोजित कर इस संगठन को पुनः सक्रिय किया और 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' के नाम से देश में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रची। NIA के दावे के अनुसार, आरोपियों का मकसद लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई भारत सरकार को अस्थिर करना और शरिया कानून लागू करना था।
विस्फोटक और हमले की तैयारी
एजेंसी ने चार्जशीट में खुलासा किया कि दिल्ली विस्फोट में ट्राईएसीटोन ट्राईपरऑक्साइड (TATP) विस्फोटक का उपयोग किया गया था, जिसे आरोपियों ने बाजार में सहजता से उपलब्ध रसायनों से तैयार किया था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ड्रोन और रॉकेट के माध्यम से विस्फोटक हमले करने की तैयारी में थे।
कानूनी धाराएँ और आगे की कार्यवाही
आरोपियों पर गैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब NIA को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, और मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।