27 जून 2026
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लाल किला कार बम धमाका: एनआईए ने 3 नए आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की, कुल आरोपी हुए 13

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लाल किला कार बम धमाका: एनआईए ने 3 नए आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की, कुल आरोपी हुए 13

सारांश

लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार बम धमाके की जाँच में एनआईए ने तीन और आरोपियों — एक फरार बाल रोग विशेषज्ञ, एक लश्कर-ए-तैयबा का पूर्व ओजीडब्ल्यू और एक हथियार आपूर्तिकर्ता — पर चार्जशीट दाखिल की। मामले में कुल आरोपी अब 13 हो गए हैं।

मुख्य बातें

एनआईए ने 27 जून 2026 को लाल किला कार बम धमाका मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
नए आरोपी: जमीर अहमद अहंगर , तुफैल अहमद भट और मुजफ्फर अहमद — तीनों जम्मू-कश्मीर के निवासी।
मामले में कुल आरोपितों की संख्या अब 13 हो गई है।
फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद अल-कायदा से जुड़े संगठन के संस्थापक सदस्य और बाल रोग विशेषज्ञ बताए गए हैं।
तुफैल ने 'डेड ड्रॉप' से एके-47, क्रिंकोव राइफल और पिस्तौल प्राप्त कर मुख्य आरोपी को ₹3 लाख में सौंपे।
10 नवंबर 2025 के धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने 27 जून 2026 को नई दिल्ली में लाल किले के निकट 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाके के मामले में तीन और आरोपियों के विरुद्ध सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस चार्जशीट के साथ मामले में अब तक आरोपित व्यक्तियों की कुल संख्या 13 हो गई है।

नए आरोपी कौन हैं

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और मुजफ्फर अहमद (उर्फ फराज, उर्फ जफर) को आरोपी बनाया गया है। तीनों जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं। इस मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी, जिनकी अब मृत्यु हो चुकी है, भी इन 13 आरोपियों में शामिल हैं।

मुजफ्फर अहमद की भूमिका

फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) हैं और सह-आरोपी डॉ. अदील अहमद राथर के बड़े भाई बताए गए हैं। एनआईए की जाँच के अनुसार वे अल-कायदा से संबद्ध एक संगठन के संस्थापक सदस्य भी हैं।

जाँच में सामने आया है कि मुजफ्फर उन प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक थे जिन्होंने सह-आरोपियों उमर, मुजम्मिल, अदील और मुफ्ती इरफान के साथ मिलकर 10 नवंबर 2025 के धमाके की योजना बनाई थी। एनआईए के अनुसार मुजफ्फर ने जून 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त ईदगाह बैठक में भाग लिया था, जिसमें इस आतंकी मॉड्यूल की नींव रखी गई थी।

इसके अतिरिक्त, मुजफ्फर फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में संचालित एक गुप्त आईईडी केंद्र में टीएटीपी-आधारित आईईडी बनाने, उनकी परीक्षण और भंडारण में भी शामिल रहे। उनके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया जा चुका है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

अन्य आरोपियों की संलिप्तता

एनआईए की जाँच के अनुसार जमीर अहमद अहंगर एक ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के रूप में हैंडलर्स के साथ निरंतर संपर्क में रहे और आतंकी मॉड्यूल के लिए हथियार, गोला-बारूद और नकदी पहुँचाने का काम करते थे।

प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के पूर्व ओजीडब्ल्यू तुफैल अहमद भट इस मॉड्यूल को हथियार आपूर्ति करते थे। जाँच के अनुसार उन्होंने एक हैंडलर के माध्यम से 'डेड ड्रॉप' से एक एके-47 राइफल, एक क्रिंकोव राइफल, एक पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस प्राप्त किए थे और इन्हें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी को ₹3 लाख में पहुँचाया था।

जाँच की पद्धति

एनआईए ने मल्टी-डिसिप्लिनरी वैज्ञानिक जाँच के ज़रिये विभिन्न आरोपियों के बीच संबंध स्थापित किए हैं। इसमें विस्तृत फोरेंसिक परीक्षण, साजिश वाले स्थानों की जियो-लोकेशन मैपिंग और वित्तीय लेन-देन की बारीक पड़ताल शामिल है।

आगे की कार्रवाई

एनआईए इस मामले में जाँच जारी रखे हुए है। फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद की तलाश और गिरफ्तारी एजेंसी की प्राथमिकता बनी हुई है। यह मामला राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध एजेंसी की सतत कार्रवाई का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक प्रमुख आरोपी के अभी भी फरार होने से जवाबदेही के सवाल बने हुए हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाल किला कार बम धमाका कब और कहाँ हुआ था?
यह धमाका 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के निकट हुआ था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। एनआईए इस मामले की जाँच कर रही है।
एनआईए की नई चार्जशीट में किन्हें आरोपी बनाया गया है?
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और मुजफ्फर अहमद (उर्फ फराज, उर्फ जफर) को आरोपी बनाया गया है। तीनों जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं।
मुजफ्फर अहमद कौन हैं और उनकी क्या भूमिका बताई गई है?
मुजफ्फर अहमद पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं और सह-आरोपी डॉ. अदील अहमद राथर के बड़े भाई हैं। एनआईए के अनुसार वे अल-कायदा से जुड़े संगठन के संस्थापक सदस्य और धमाके के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं। वे फिलहाल फरार हैं और उनके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी है।
तुफैल अहमद भट की इस मामले में क्या भूमिका रही?
तुफैल प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के पूर्व ओवरग्राउंड वर्कर हैं। एनआईए के अनुसार उन्होंने 'डेड ड्रॉप' के ज़रिये एके-47, क्रिंकोव राइफल और पिस्तौल हासिल कर मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी को ₹3 लाख में पहुँचाए।
इस मामले में अब तक कुल कितने आरोपी हैं?
इस सप्लीमेंट्री चार्जशीट के बाद मामले में कुल आरोपितों की संख्या 13 हो गई है। इनमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी भी शामिल हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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