6 जुलाई 2026
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लाल किला कार बम धमाका: विशेष NIA अदालत ने 9 आरोपियों की हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ाई, चार्जशीट पर भी होगा विचार

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लाल किला कार बम धमाका: विशेष NIA अदालत ने 9 आरोपियों की हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ाई, चार्जशीट पर भी होगा विचार

सारांश

लाल किला कार बम धमाका मामले में NIA अदालत ने 9 आरोपियों की हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ाई। अब तक 13 लोगों पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद — बाल रोग विशेषज्ञ और संगठन का कथित संस्थापक — अब भी पुलिस की पहुँच से दूर है।

मुख्य बातें

विशेष NIA अदालत ने 6 जुलाई 2026 को 9 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ाई।
13 जुलाई को फॉरेंसिक रिपोर्ट की समीक्षा और चार्जशीट पर विचार होगा।
27 जून को दाखिल पूरक चार्जशीट सहित अब तक कुल 13 लोगों पर आरोप पत्र दाखिल।
फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद (MBBS, MD) को संगठन का संस्थापक सदस्य बताया गया; गैर-जमानती वारंट जारी।
तुफैल अहमद भट पर आरोप — लगभग ₹3 लाख में AK-47 सहित हथियार मुख्य आरोपी तक पहुँचाए।
NIA ने UAPA , विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

नई दिल्ली में लाल किला कार बम धमाका मामले में विशेष राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) अदालत ने 6 जुलाई को नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसी दिन धमाके में मारे गए लोगों के शरीर के अंगों पर तैयार फॉरेंसिक रिपोर्ट की समीक्षा भी की जाएगी और मामले में दाखिल चार्जशीट पर भी विचार किया जा सकता है।

मुख्य घटनाक्रम

अदालत की इस सुनवाई से पहले 27 जून को NIA ने तीन और संदिग्धों के विरुद्ध पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद (उर्फ फराज/जफर) शामिल हैं — तीनों जम्मू-कश्मीर के निवासी बताए गए हैं। इस पूरक चार्जशीट के साथ इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं, जिनमें मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी शामिल है, जिसकी मृत्यु स्वयं धमाके में हो गई थी।

फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद की भूमिका

NIA के अनुसार, फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ (MBBS, MD) है और सह-आरोपी अदील अहमद राथर का बड़ा भाई है। जाँच एजेंसी ने उसे इस आतंकी संगठन का संस्थापक सदस्य बताया है। एजेंसी का कहना है कि उसने उमर, मुजम्मिल, अदील और मुफ्ती इरफान के साथ मिलकर कार बम धमाके की साजिश रची। जाँच में यह भी उजागर हुआ कि जून 2022 में श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक गुप्त बैठक में इस संगठन की नींव रखी गई थी, जिसमें मुजफ्फर भी मौजूद था।

NIA के अनुसार, मुजफ्फर ने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में बने एक गुप्त ठिकाने पर TATP आधारित बम बनाने, उनकी जाँच करने और उन्हें छिपाने का काम किया। अदालत ने उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

अन्य आरोपियों की भूमिका

जाँच एजेंसी के अनुसार, जमीर अहमद अहंगर इस आतंकी संगठन का ओवरग्राउंड वर्कर था और आतंकियों तक हथियार, गोला-बारूद तथा धन पहुँचाने का काम करता था। वहीं तुफैल अहमद भट पहले लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा रहा था। एजेंसी का आरोप है कि उसने एक AK-47, एक क्रिंकोव राइफल, एक पिस्तौल, मैगजीन और जिंदा कारतूस लगभग ₹3 लाख में मुख्य आरोपी उमर तक पहुँचाए थे।

कानूनी धाराएँ और साक्ष्य

NIA ने सभी आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। एजेंसी का कहना है कि फॉरेंसिक जाँच, मोबाइल लोकेशन डेटा, घटनास्थलों की मैपिंग और वित्तीय लेनदेन की जाँच के माध्यम से सभी आरोपियों के बीच संबंध और पूरी साजिश के साक्ष्य जुटाए गए हैं।

आगे क्या

13 जुलाई 2026 को होने वाली अगली सुनवाई इस मामले में निर्णायक मानी जा रही है — उस दिन अदालत फॉरेंसिक रिपोर्ट की समीक्षा, चार्जशीट पर विचार और आरोपियों की हिरासत का भविष्य तय करेगी। फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद की गिरफ्तारी इस मामले की जाँच का सबसे बड़ा लंबित पहलू बनी हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाल किला कार बम धमाका मामले में अब तक कितने लोगों पर चार्जशीट दाखिल हुई है?
इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, जिनमें मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी शामिल है जिसकी मृत्यु धमाके में ही हो गई थी। 27 जून 2026 को दाखिल पूरक चार्जशीट में तीन नए आरोपियों — जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और मुजफ्फर अहमद — के नाम जोड़े गए।
फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद कौन है और उसकी क्या भूमिका बताई गई है?
मुजफ्फर अहमद पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ (MBBS, MD) है और जम्मू-कश्मीर का निवासी है। NIA के अनुसार, वह इस आतंकी संगठन का संस्थापक सदस्य है और उसने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में TATP आधारित बम बनाने और छिपाने का काम किया। अदालत ने उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है।
13 जुलाई की सुनवाई में क्या होगा?
13 जुलाई 2026 को NIA अदालत धमाके में मारे गए लोगों के शरीर के अंगों पर तैयार फॉरेंसिक रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। साथ ही अदालत मामले में दाखिल चार्जशीट पर विचार कर सकती है और नौ आरोपियों की हिरासत के भविष्य पर भी फैसला होगा।
तुफैल अहमद भट पर क्या आरोप हैं?
NIA के अनुसार, तुफैल अहमद भट पहले लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। उस पर आरोप है कि उसने एक AK-47, एक क्रिंकोव राइफल, एक पिस्तौल, मैगजीन और जिंदा कारतूस लगभग ₹3 लाख में मुख्य आरोपी उमर उन नबी तक पहुँचाए थे।
NIA ने आरोपियों के खिलाफ कौन-से कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है?
NIA ने आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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