एआई समिट विवाद: पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित किया, 11 मार्च को सुनाएगा निर्णय
सारांश
Key Takeaways
- पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत याचिकाएं सुरक्षित रखी हैं।
- विरोध प्रदर्शन एआई समिट के दौरान हुआ।
- जमानत का फैसला 11 मार्च को आएगा।
- दिल्ली पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया।
- कोर्ट ने मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत पर सुनवाई की।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026' के दौरान हुए यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए दिव्यांश गिरधर, भूदेव शर्मा, और कुबेर मीणा की जमानत याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रखा है। कोर्ट का निर्णय 11 मार्च को आएगा।
एआई समिट के दौरान शर्टलेस विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में आईवीसी के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट कल सुनवाई करेगा। इससे पहले, अदालत ने मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका के संबंध में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।
इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया था। अदालत ने गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग करने वाले आवेदन पर भी नोटिस जारी किया।
28 फरवरी को इसी मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने दो आरोपियों की पुलिस कस्टडी को लेकर निर्णय सुनाया था। अदालत ने कुबेर मीणा को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था, जबकि भूदेव शर्मा की कस्टडी को 2 दिन बढ़ा दिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने एआई समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन कर कार्यक्रम की शांति भंग करने की कोशिश की और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया।
20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026' के दौरान यह विवाद उत्पन्न हुआ। कार्यक्रम के बीच यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे समिट का माहौल कुछ समय के लिए पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। उस समय कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई थी।