क्या एनआईए स्पेशल कोर्ट ने लखनऊ अल-कायदा टेरर कॉन्सपिरेसी केस में 2 और आरोपियों को दोषी ठहराया?
सारांश
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नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने लखनऊ में अल-कायदा आतंकवादी साजिश के मामले में दो और आरोपियों को दोषी ठहराया है।
अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत उन्हें दोषी पाया और 20 महीने की सजा सुनाई। इसके साथ ही उन पर 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। आरोपियों के नाम मोहम्मद मुस्तकीम और शकील हैं, जो दोनों उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी हैं।
इससे पहले, 30 अक्टूबर को एनआईए की विशेष अदालत ने लखनऊ के मोहम्मद मोइद को भी दोषी ठहराया था, जो अल-कायदा के दो सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी से संबंधित था। यह गिरफ्तारी यूपी एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड द्वारा 11 जुलाई 2021 को की गई थी। उन्हें सूचना मिली थी कि अल-कायदा का सदस्य उमर हलमंडी लखनऊ में कट्टरपंथी युवाओं को भर्ती करने तथा आतंकवादी गतिविधियों के लिए तैयार करने में संलग्न था।
जांच के दौरान यह सामने आया कि उमर, जो पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर था, स्वतंत्रता दिवस 2021 से पूर्व उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में आतंकवादी हमले की साजिश रच रहा था। इस योजना में वह युवाओं को कट्टर बनाने के साथ-साथ अल-कायदा के लिए नए सदस्य भी जुटा रहा था।
मामले की जांच के बाद, एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ मुख्य चार्जशीट और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। कुल मिलाकर छह गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इससे पहले बुधवार को एनआईए की एक विशेष अदालत ने राजस्थान में 2019 के जाली मुद्रा मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक को 10 साल की कठोर कारावास की सजा दी थी। अदालत ने आरोपी रण सिंह पर 94 हजार रुपए मूल्य के जाली भारतीय मुद्रा नोटों की जब्ती से संबंधित इस मामले में 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था।
एनआईए ने नवंबर 2019 में इन दोनों व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। जयपुर की विशेष अदालत ने रण सिंह को दोषी ठहराया और प्रत्येक अपराध के लिए 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया। बाड़मेर जिले के मुन्नाबाओ रेलवे स्टेशन पर 2,000 रुपए के 47 नकली नोटों के साथ पाए जाने के बाद सिंह को हिरासत में लिया गया था।