छत्तीसगढ़ में 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य: CM विष्णु देव साय ने वर्ल्ड लीडर्स फोरम में रखा विकास का विजन
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'वर्ल्ड लीडर्स फोरम' में छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति, निवेश की संभावनाओं और राज्य के दीर्घकालिक विकास के विजन को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। उन्होंने 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा और नए उद्यमियों को ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग देने की घोषणा की।
वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ का आर्थिक खाका
इस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और यूके के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विदेशों की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर का उपयोग छत्तीसगढ़ को एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए किया।
उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था अब केवल खनिज संसाधनों और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय विस्तार हो रहा है।
आर्थिक आँकड़े और बजट प्राथमिकताएँ
वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग ₹6.31 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जिसकी विकास दर 11.57 प्रतिशत रही। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,79,244 हो गई है। 2026-27 के लिए ₹1.72 लाख करोड़ के बजट में पूँजीगत व्यय, बुनियादी ढाँचे और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।
साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) और 'वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0' जैसे सुधारों के ज़रिए 450 से अधिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। इन सुधारों का सीधा परिणाम यह रहा कि राज्य को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
स्टार्टअप और एआई: युवाओं के लिए नई राह
मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को नौकरी खोजने वाले की भूमिका से आगे बढ़कर उद्यमी और रोज़गार देने वाले बनना होगा। इसी दिशा में सरकार का लक्ष्य 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स स्थापित करना है, और नए उद्यमियों को आत्मनिर्भरता व रोज़गार सृजन के लिए ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग प्रदान की जा रही है।
तकनीकी मोर्चे पर राज्य 6 लाख छात्रों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने तथा 50 से अधिक एआई-आधारित सरकारी सेवाएँ विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। नया रायपुर में लगभग ₹1,000 करोड़ के निवेश से एक एआई डेटा सेंटर पार्क बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ₹500 करोड़ के एआई मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक एआई स्टार्टअप को समर्थन देने की योजना है।
बस्तर: सुरक्षा के बाद विकास की नई कहानी
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की भविष्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा वातावरण के कारण इस क्षेत्र में विकास और निवेश पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया जा सका है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4,824 करोड़ की आजीविका सुधार योजना तैयार की जा रही है।
इसके साथ ही, 421 बंद स्कूलों को फिर से खोला गया है और 34 लाख से अधिक लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल बनाए गए हैं। ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना से बस्तर की उद्योगों और बाज़ारों से कनेक्टिविटी और मज़बूत होने की उम्मीद है।
पर्यटन और आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान
बस्तर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को भी केंद्रीय भूमिका दी जा रही है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर वैली और सिरपुर जैसे स्थलों को बस्तर की आदिवासी संस्कृति के साथ ग्लोबल टूरिज्म सर्किट से जोड़ने की तैयारी चल रही है। यह पहल ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब छत्तीसगढ़ वामपंथी उग्रवाद की छाया से उबरकर निवेशकों और पर्यटकों के लिए एक नई पहचान बनाने की कोशिश में है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तय करेगी कि वर्ल्ड लीडर्स फोरम में रखा गया यह विजन ज़मीन पर कितना उतरता है।