21 अगस्त 2026
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छत्तीसगढ़ में 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य: CM विष्णु देव साय ने वर्ल्ड लीडर्स फोरम में रखा विकास का विजन

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छत्तीसगढ़ में 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य: CM विष्णु देव साय ने वर्ल्ड लीडर्स फोरम में रखा विकास का विजन

सारांश

वर्ल्ड लीडर्स फोरम में CM विष्णु देव साय का संदेश साफ था — छत्तीसगढ़ सिर्फ खनिजों का राज्य नहीं रहा। ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स और नया रायपुर में ₹1,000 करोड़ का एआई पार्क — यह राज्य की आर्थिक कायापलट की बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

CM विष्णु देव साय ने 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ का विकास विजन प्रस्तुत किया।
राज्य का लक्ष्य 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स ; नए उद्यमियों को ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग।
वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था ₹6.31 लाख करोड़ , विकास दर 11.57% ; नई औद्योगिक नीति के बाद ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव।
₹500 करोड़ के एआई मिशन के तहत 100 डेटा लैब , 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300+ एआई स्टार्टअप को समर्थन; नया रायपुर में ₹1,000 करोड़ का एआई डेटा सेंटर पार्क।
बस्तर में 10 लाख परिवारों के लिए ₹4,824 करोड़ की आजीविका योजना; 421 बंद स्कूल फिर से खुले।
₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना से बस्तर की कनेक्टिविटी मज़बूत होने की उम्मीद।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'वर्ल्ड लीडर्स फोरम' में छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति, निवेश की संभावनाओं और राज्य के दीर्घकालिक विकास के विजन को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। उन्होंने 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा और नए उद्यमियों को ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग देने की घोषणा की।

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ का आर्थिक खाका

इस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और यूके के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विदेशों की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर का उपयोग छत्तीसगढ़ को एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए किया।

उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था अब केवल खनिज संसाधनों और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय विस्तार हो रहा है।

आर्थिक आँकड़े और बजट प्राथमिकताएँ

वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग ₹6.31 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जिसकी विकास दर 11.57 प्रतिशत रही। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,79,244 हो गई है। 2026-27 के लिए ₹1.72 लाख करोड़ के बजट में पूँजीगत व्यय, बुनियादी ढाँचे और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।

साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) और 'वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0' जैसे सुधारों के ज़रिए 450 से अधिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। इन सुधारों का सीधा परिणाम यह रहा कि राज्य को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

स्टार्टअप और एआई: युवाओं के लिए नई राह

मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को नौकरी खोजने वाले की भूमिका से आगे बढ़कर उद्यमी और रोज़गार देने वाले बनना होगा। इसी दिशा में सरकार का लक्ष्य 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स स्थापित करना है, और नए उद्यमियों को आत्मनिर्भरता व रोज़गार सृजन के लिए ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग प्रदान की जा रही है।

तकनीकी मोर्चे पर राज्य 6 लाख छात्रों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने तथा 50 से अधिक एआई-आधारित सरकारी सेवाएँ विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। नया रायपुर में लगभग ₹1,000 करोड़ के निवेश से एक एआई डेटा सेंटर पार्क बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ₹500 करोड़ के एआई मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक एआई स्टार्टअप को समर्थन देने की योजना है।

बस्तर: सुरक्षा के बाद विकास की नई कहानी

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की भविष्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा वातावरण के कारण इस क्षेत्र में विकास और निवेश पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया जा सका है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4,824 करोड़ की आजीविका सुधार योजना तैयार की जा रही है।

इसके साथ ही, 421 बंद स्कूलों को फिर से खोला गया है और 34 लाख से अधिक लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल बनाए गए हैं। ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना से बस्तर की उद्योगों और बाज़ारों से कनेक्टिविटी और मज़बूत होने की उम्मीद है।

पर्यटन और आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान

बस्तर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को भी केंद्रीय भूमिका दी जा रही है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर वैली और सिरपुर जैसे स्थलों को बस्तर की आदिवासी संस्कृति के साथ ग्लोबल टूरिज्म सर्किट से जोड़ने की तैयारी चल रही है। यह पहल ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब छत्तीसगढ़ वामपंथी उग्रवाद की छाया से उबरकर निवेशकों और पर्यटकों के लिए एक नई पहचान बनाने की कोशिश में है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तय करेगी कि वर्ल्ड लीडर्स फोरम में रखा गया यह विजन ज़मीन पर कितना उतरता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की है। ₹8 लाख करोड़ के निवेश 'प्रस्ताव' और वास्तविक ज़मीनी निवेश के बीच की खाई अक्सर बड़ी होती है — यह भारत के कई राज्यों के निवेशक सम्मेलनों का पुराना अनुभव है। 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य महत्त्वाकांक्षी है, परंतु सीड फंडिंग की उपलब्धता के साथ-साथ मेंटरशिप, बाज़ार पहुँच और नियामक सरलीकरण की निरंतरता भी उतनी ही ज़रूरी होगी। बस्तर के विकास का ज़िक्र उत्साहजनक है, किंतु दशकों की उपेक्षा के बाद वहाँ टिकाऊ बदलाव के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और स्थानीय भागीदारी अनिवार्य शर्त है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ में 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य क्या है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 अगस्त 2026 को वर्ल्ड लीडर्स फोरम में घोषणा की कि राज्य सरकार 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स स्थापित करना चाहती है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नए उद्यमियों को ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति क्या है?
वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग ₹6.31 लाख करोड़ हो गया है और विकास दर 11.57 प्रतिशत रही। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,79,244 हो गई है।
छत्तीसगढ़ में एआई मिशन के तहत क्या योजनाएँ हैं?
₹500 करोड़ के एआई मिशन के तहत राज्य 100 एआई डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक एआई स्टार्टअप को समर्थन देगा। इसके अलावा नया रायपुर में लगभग ₹1,000 करोड़ के निवेश से एआई डेटा सेंटर पार्क बनाया जाएगा और 6 लाख छात्रों व 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बस्तर के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार क्या कर रही है?
बस्तर में लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4,824 करोड़ की आजीविका सुधार योजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही 421 बंद स्कूल फिर से खोले गए हैं, 34 लाख से अधिक लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल बनाए गए हैं और ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना से कनेक्टिविटी मज़बूत होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ को नई औद्योगिक नीति के बाद कितने निवेश प्रस्ताव मिले हैं?
नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) और 'वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0' जैसे सुधारों के बाद राज्य को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश की संभावनाएँ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हुई हैं।
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