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छत्तीसगढ़ को ₹9,580 करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव, 7,800 रोजगार का लक्ष्य: CM विष्णु देव साय

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छत्तीसगढ़ को ₹9,580 करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव, 7,800 रोजगार का लक्ष्य: CM विष्णु देव साय

सारांश

हैदराबाद में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के दौरान CM विष्णु देव साय ने ₹9,580 करोड़ के नए एमओयू हासिल किए, जिनसे 7,800 रोजगार का लक्ष्य है। राज्य में अब तक ₹8 लाख करोड़ के एमओयू हो चुके हैं और बस्तर में नक्सलवाद के बाद विकास की नई शुरुआत हो रही है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के तहत हैदराबाद में ₹9,580 करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हस्ताक्षरित हुए।
इन प्रस्तावों से राज्य में लगभग 7,800 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक छत्तीसगढ़ में ₹8 लाख करोड़ के एमओयू हो चुके हैं और परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है।
AI, IT और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है।
CM साय ने बताया कि बस्तर में नक्सलवाद पर अंकुश के बाद 40-50 वर्षों बाद विकास कार्य आरंभ हुए हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 जून 2026 को हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। इस बैठक में ₹9,580 करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हस्ताक्षरित किए गए, जिनसे राज्य में लगभग 7,800 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता और निवेश-अनुकूल नीतियों में निवेशकों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण बताया।

निवेशकों को दिया आमंत्रण

मुख्यमंत्री साय ने हैदराबाद के निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा, 'छत्तीसगढ़ देश के बीचों-बीच स्थित है और यहाँ खनिजों का विशाल भंडार है। हम आपको हमारी नई औद्योगिक नीति को समझने और छत्तीसगढ़ में निवेश करने के लिए आमंत्रित करने आए हैं।' उन्होंने राज्य के अधिकारियों द्वारा नई औद्योगिक नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिए जाने का भी उल्लेख किया।

₹8 लाख करोड़ के पुराने एमओयू पर भी काम जारी

साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से अब तक छत्तीसगढ़ में लगभग ₹8 लाख करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं और इन परियोजनाओं पर काम भी आरंभ हो गया है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि इस नीति के लागू होने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।

बस्तर में विकास की नई शुरुआत

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के कारण यह इलाका पिछले 40-50 वर्षों से विकास की मुख्यधारा से कटा रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय के लोग निवास करते हैं। साय के अनुसार, केंद्र और राज्य की डबल-इंजन सरकार के सत्ता में आने के बाद नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है और अब वहाँ विकास कार्य भी समानांतर रूप से चल रहे हैं।

राज्य की औद्योगिक संभावनाएँ

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक परिवेश से समृद्ध राज्य बताते हुए कहा कि यह निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। उनके अनुसार, हैदराबाद में प्राप्त नए निवेश प्रस्ताव उद्योगों के विस्तार, रोजगार सृजन और प्रदेश के समग्र विकास को नई गति देंगे।

आगे की राह

छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट की यह हैदराबाद बैठक राज्य सरकार की व्यापक आउटरीच रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है। आने वाले समय में इन एमओयू को धरातल पर उतारने और रोजगार के वास्तविक अवसर सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार की कार्ययोजना की परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

580 करोड़ के एमओयू प्रभावशाली दिखते हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि ₹8 लाख करोड़ के पहले के एमओयू में से कितने वास्तविक उत्पादन और रोजगार में परिवर्तित हुए — यह आँकड़ा सरकार ने साझा नहीं किया। एमओयू और वास्तविक निवेश के बीच की खाई भारत के औद्योगिक इतिहास में पुरानी समस्या रही है। बस्तर में नक्सलवाद के बाद विकास का दावा सकारात्मक है, परंतु आदिवासी समुदायों तक औद्योगिक लाभ की वास्तविक पहुँच स्वतंत्र सत्यापन की माँग करती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट हैदराबाद में क्या हुआ?
12 जून 2026 को हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में CM विष्णु देव साय ने निवेशकों से संवाद किया और ₹9,580 करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हस्ताक्षरित किए गए। इन प्रस्तावों से राज्य में लगभग 7,800 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक कितने एमओयू हुए हैं?
CM साय के अनुसार, नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक छत्तीसगढ़ में लगभग ₹8 लाख करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं और इन परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो गया है। AI, IT और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रगति बताई गई है।
बस्तर में विकास को लेकर CM साय ने क्या कहा?
CM साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर पिछले 40-50 वर्षों से विकास से वंचित रहा, जहाँ मुख्यतः आदिवासी समुदाय निवास करता है। उनके अनुसार, डबल-इंजन सरकार के सत्ता में आने के बाद नक्सलवाद पर अंकुश लगा और अब वहाँ विकास कार्य भी समानांतर रूप से चल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए कौन-से क्षेत्र प्रमुख हैं?
राज्य सरकार के अनुसार, AI, IT और सेमीकंडक्टर के अलावा छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक खनिज संसाधन निवेश का प्रमुख आकर्षण हैं। राज्य की भौगोलिक स्थिति — देश के मध्य में — इसे लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण के लिए अनुकूल बनाती है।
छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का उद्देश्य क्या है?
यह राज्य सरकार की आउटरीच पहल है जिसके तहत देश के प्रमुख औद्योगिक और वित्तीय केंद्रों में निवेशकों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति और निवेश अवसरों से अवगत कराया जाता है। हैदराबाद बैठक इसी श्रृंखला का हिस्सा थी।
राष्ट्र प्रेस
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