छत्तीसगढ़ को हैदराबाद इन्वेस्टर कनेक्ट में ₹9,580 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 7,800 से अधिक रोज़गार की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद में 13 जून 2025 को आयोजित 'छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट' कार्यक्रम में राज्य को विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से कुल ₹9,580 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों के ज़रिए छत्तीसगढ़ में 7,800 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दक्षिण भारत के निवेशकों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं से परिचित कराना था।
किन क्षेत्रों से आए निवेश प्रस्ताव
निवेश प्रस्ताव देने वाली कंपनियाँ डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं GPU इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र उद्योग, फार्मास्यूटिकल तथा डेयरी प्रसंस्करण जैसे विविध और उच्च-विकास क्षेत्रों से जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए औपचारिक 'इन्विटेशन टू इन्वेस्ट' (ऑफर लेटर) प्रदान किए। यह विविधता उल्लेखनीय है, क्योंकि छत्तीसगढ़ की पहचान परंपरागत रूप से खनन और इस्पात क्षेत्र तक सीमित रही है।
मुख्यमंत्री साय का संबोधन
उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के 'ग्रोथ इंजन' के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और 'रेड कारपेट' बिछाने की नीति पर कायम है। उन्होंने उद्योग जगत से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया।
वाणिज्य मंत्री की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। पत्रकारों से चर्चा में मंत्री देवांगन ने कहा कि इस कार्यक्रम का लाभ राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा और नई औद्योगिक नीति पर भी लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, लेकिन इतनी बड़ी राशि के प्रस्ताव पहली बार मिले हैं।
नामांकन विवाद पर उपमुख्यमंत्री की सफ़ाई
इस बीच, कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुसार नहीं भरा गया था और उसमें आपराधिक मामलों से संबंधित आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। शर्मा ने कहा, 'लोकतंत्र में पारदर्शिता और नियमों का पालन आवश्यक है तथा कानून अपने निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही कार्य करेगा।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब विपक्ष नामांकन खारिज होने को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा था।
आगे की राह
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए देश के प्रमुख शहरों में इस तरह के 'इन्वेस्टर कनेक्ट' आयोजन करती आ रही है। ₹9,580 करोड़ के ये प्रस्ताव तब आए हैं जब राज्य नई औद्योगिक नीति के मसौदे पर काम कर रहा है। अब असली परीक्षा इन प्रस्तावों को ज़मीनी निवेश और वास्तविक रोज़गार में बदलने की होगी।