27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेतन्याहू ट्रंप से मिलने रवाना, बोले- ईरान सबसे अहम मुद्दा, इजरायल की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेतन्याहू ट्रंप से मिलने रवाना, बोले- ईरान सबसे अहम मुद्दा, इजरायल की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

सारांश

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में नेतन्याहू की यह आठवीं मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट नहीं — ईरान, आईसीसी वारंट और मध्य पूर्व में शांति के भविष्य पर दाँव लगा है। रूबियो का आईसीसी के खिलाफ कार्रवाई का वादा और नेतन्याहू की सुरक्षा-प्रथम रणनीति मिलकर एक निर्णायक कूटनीतिक क्षण बना रहे हैं।

मुख्य बातें

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 27 जुलाई को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के लिए अमेरिका रवाना हुए।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह दोनों नेताओं की आठवीं मुलाकात होगी — किसी भी अन्य विश्व नेता से अधिक।
बैठक में ईरान सबसे प्रमुख मुद्दा रहेगा; इजरायल की सुरक्षा और शांति विस्तार नेतन्याहू की घोषित प्राथमिकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आईसीसी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया; आईसीसी ने नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है।
नेतन्याहू इस दौरे में 71 वर्ष की आयु में निधन हुए रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि भी देंगे।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार, 27 जुलाई को अमेरिका के लिए रवाना हुए, जहाँ वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। रवानगी से पहले नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इस बैठक में ईरान सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी और उनकी पहली प्राथमिकता इजरायल की सुरक्षा को सुदृढ़ करना तथा शांति के दायरे का विस्तार करना है।

नेतन्याहू का एक्स पर संदेश

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में नेतन्याहू ने लिखा, 'मैं अभी हमारे दोस्त, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए रवाना हो रहा हूँ। उनके दूसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने के बाद यह हमारी आठवीं मुलाकात होगी। किसी भी दूसरे अंतरराष्ट्रीय नेता की तुलना में मेरी उनसे सबसे ज़्यादा मुलाकातें हुई हैं। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है, लेकिन साथ ही एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।'

उन्होंने आगे कहा, 'हमारी बैठक में उन सभी अहम मुद्दों पर बात होगी जो इस समय सामने हैं, जिनमें ईरान सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। हमारा लक्ष्य बिल्कुल साफ है — इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उसकी ताकत को और मजबूत करना और शांति के दायरे को और आगे बढ़ाना।'

लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि

नेतन्याहू ने यह भी बताया कि इस दौरे के दौरान वे अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम को अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। 71 वर्ष की आयु में बीमारी के कारण निधन हो जाने वाले ग्राहम को नेतन्याहू ने 'इजरायल के सबसे बड़े समर्थकों में से एक' बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसा करके मैं सभी इजरायली नागरिकों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहा हूँ।'

रूबियो से बातचीत और आईसीसी विवाद

इससे पहले रविवार को कैबिनेट ब्रीफिंग में नेतन्याहू ने बताया कि शनिवार रात उनकी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बातचीत हुई। उनके अनुसार, रूबियो ने भरोसा दिलाया कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

नेतन्याहू ने आईसीसी पर आरोप लगाया कि वह दुनियाभर में न्याय व्यवस्था को खतरे में डाल रहा है और लोकतांत्रिक एवं संप्रभु देशों के अपने अधिकारों के इस्तेमाल में बाधा बन रहा है। गौरतलब है कि आईसीसी ने नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है। नेतन्याहू ने इसे 'हेग में बैठे भ्रष्ट नौकरशाहों' का फैसला करार दिया।

यह बैठक क्यों अहम है

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका-इजरायल की साझा रणनीति पर दुनिया की नज़रें टिकी हैं। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में नेतन्याहू की यह आठवीं मुलाकात उनके बीच असाधारण रूप से घनिष्ठ कूटनीतिक संबंध को दर्शाती है। विश्लेषकों के अनुसार, इस बैठक के नतीजे ईरान नीति और मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया की दिशा तय कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दीर्घकालिक वैश्विक न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि इन मुलाकातों के ठोस नीतिगत नतीजे क्या निकलते हैं — घोषणाओं और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच की खाई यहाँ भी प्रासंगिक है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू और ट्रंप की इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
नेतन्याहू के अनुसार, बैठक में ईरान सबसे प्रमुख मुद्दा रहेगा। इसके अलावा इजरायल की सुरक्षा को मजबूत करना और मध्य पूर्व में शांति के दायरे का विस्तार करना भी एजेंडे में शामिल है।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में नेतन्याहू से यह कौन सी मुलाकात है?
यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में नेतन्याहू की आठवीं मुलाकात है। नेतन्याहू ने स्वयं एक्स पर लिखा कि किसी भी अन्य अंतरराष्ट्रीय नेता की तुलना में उनकी ट्रंप से सबसे अधिक मुलाकातें हुई हैं।
आईसीसी और नेतन्याहू के बीच विवाद क्या है?
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है। नेतन्याहू का आरोप है कि आईसीसी लोकतांत्रिक देशों की संप्रभुता में बाधा डाल रहा है; अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
लिंडसे ग्राहम कौन थे और नेतन्याहू उन्हें श्रद्धांजलि क्यों देंगे?
लिंडसे ग्राहम अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सहयोगी थे, जिनका बीमारी के कारण 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। नेतन्याहू ने उन्हें इजरायल के सबसे बड़े समर्थकों में से एक बताया और इस दौरे पर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने की घोषणा की।
यह नेतन्याहू-ट्रंप बैठक मध्य पूर्व के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में जारी तनाव पर अमेरिका-इजरायल की साझा रणनीति निर्णायक मोड़ पर है। विश्लेषकों के अनुसार, इस बैठक के नतीजे क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया और ईरान नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले