ट्रंप ने जेलेंस्की और नेतन्याहू से व्हाइट हाउस में की अलग-अलग बैठकें, यूक्रेन युद्ध और ईरान परमाणु कार्यक्रम पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 जुलाई 2025 को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ क्रमशः अलग-अलग बंद-दरवाज़ा बैठकें कीं। यह कूटनीतिक मैराथन ऐसे नाज़ुक दौर में हुआ जब अमेरिका एक साथ दो सक्रिय युद्ध मोर्चों — रूस-यूक्रेन और ईरान संकट — पर कठिन निर्णयों का सामना कर रहा है।
बैठकों का क्रम और माहौल
जेलेंस्की सुबह करीब 9:40 बजे व्हाइट हाउस पहुँचे और वेस्ट विंग के एक साइड एंट्रेंस से अंदर गए। नेतन्याहू दोपहर करीब 12:25 बजे वहाँ से रवाना हुए। दोनों बैठकों में मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति जेलेंस्की और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ अपनी बैठकें पूरी कर ली हैं। दोनों बैठकें सकारात्मक और अच्छी रहीं।' इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ट्रंप और नेतन्याहू की संयुक्त तस्वीरें जारी कीं, और एक इजरायली अधिकारी ने बैठक को 'बहुत सकारात्मक' बताया।
ईरान पर तनाव और खुफिया जानकारी
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, ट्रंप-नेतन्याहू बैठक में ईरान के साथ युद्ध, लेबनान से जुड़ी बातचीत और अब्राहम समझौते को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा अपेक्षित थी। नेतन्याहू से यह भी उम्मीद थी कि वे ट्रंप को ईरान की कथित गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी देंगे — जिसमें 'पिकैक्स माउंटेन' नामक एक भूमिगत स्थल भी शामिल था, जिसे कथित तौर पर तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जोड़ा जाता है।
हालाँकि, ट्रंप इस बात से नाराज़ दिखे कि नेतन्याहू ने अपनी योजना पहले ही सार्वजनिक कर दी थी। फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'मैंने सुना कि नेतन्याहू ने इसकी घोषणा कर दी। मैंने कहा, आप मुझे ही क्यों नहीं बता देते? इसे पूरी दुनिया को बताने की क्या ज़रूरत थी?' यह टिप्पणी दोनों सहयोगी देशों के बीच रणनीतिक समन्वय की सीमाओं को उजागर करती है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने सोमवार को स्वीकार किया था कि अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान नीति पर 'थोड़ा अंतर' है, लेकिन दोनों 'काफी करीब' हैं। मंगलवार को ट्रंप ने फिर ईरान को चेतावनी दी कि यदि तेहरान किसी समझौते पर नहीं पहुँचता, तो अमेरिका पुलों और बिजली संयंत्रों जैसे ठिकानों पर हमला कर सकता है।
जेलेंस्की की प्राथमिकताएँ और यूक्रेन की उम्मीदें
जेलेंस्की वॉशिंगटन इस उम्मीद के साथ पहुँचे थे कि रूस पर प्रतिबंधों, ड्रोन समझौते, पैट्रियट हवाई रक्षा प्रणालियों और शांति वार्ता में प्रगति पर सहमति बन सकेगी। बैठक के बाद जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने ट्रंप के साथ हवाई सुरक्षा प्रणालियों और नई कूटनीतिक कोशिशों पर विस्तार से चर्चा की। उनके अमेरिकी सांसदों से मिलने और पूरे सीनेट की एक बैठक को संबोधित करने की भी उम्मीद थी।
व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा, 'राष्ट्रपति और उनकी टीम रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म कराने में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्हें अब भी उम्मीद है कि आखिरकार शांति समझौता हो जाएगा।'
व्यापक कूटनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी विदेश नीति दो भिन्न मोर्चों पर एक साथ दबाव में है। एक तरफ यूक्रेन युद्ध में रूस के साथ संभावित शांति वार्ता की जटिलताएँ हैं, तो दूसरी तरफ ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व की अस्थिरता। एक ही दिन में दो परस्पर जुड़े लेकिन अलग-अलग संकटों पर शीर्ष नेताओं की बंद-दरवाज़ा बैठकें ट्रंप प्रशासन की कूटनीतिक प्राथमिकताओं की जटिलता को दर्शाती हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका, इजरायल और यूक्रेन — तीनों की अगली कूटनीतिक चाल पर दुनिया की नज़र टिकी रहेगी।