नेतन्याहू-ट्रंप बैठक वाशिंगटन में: ईरान युद्ध के बाद पहली आमने-सामने मुलाकात, क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार, 29 जुलाई 2025 को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे — यह ईरान के खिलाफ युद्ध छिड़ने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली प्रत्यक्ष बातचीत होगी। व्हाइट हाउस की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार यह बैठक फिलहाल मीडिया की मौजूदगी के बिना आयोजित किए जाने की योजना है, हालाँकि ट्रंप पहले भी ऐसी बैठकें अंतिम समय में पत्रकारों के लिए खोल चुके हैं।
मुलाकात का संदर्भ और महत्त्व
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से मंगलवार की यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच आठवीं बार होगी। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ईरान के साथ तनाव चरम पर है और पश्चिम एशिया में सुरक्षा समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। इस दौरे को विश्लेषक इजरायल-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की पुनः पुष्टि के रूप में देख रहे हैं।
नेतन्याहू का एजेंडा
इजरायल से रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, 'यह खुशी की बात है, लेकिन यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। हम एजेंडा के सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे — सबसे पहले और सबसे ज़रूरी ईरान पर। जाहिर है, हमारा लक्ष्य अपनी सुरक्षा को सुरक्षित रखना और अपने आसपास शांति का दायरा बढ़ाना है।' बातचीत में ईरान की परमाणु और सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दे केंद्र में रहने की उम्मीद है।
जेलेंस्की भी करेंगे ट्रंप से मुलाकात
नेतन्याहू से बैठक से पहले ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी मिलेंगे। यह बैठक भी बंद कमरे में होने की योजना है। इस तरह 29 जुलाई का दिन ट्रंप के लिए कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत सघन रहेगा — एक ही दिन दो अलग-अलग युद्धक्षेत्रों से जुड़े नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें।
राजनयिक स्वागत और नेशनल कैथेड्रल कार्यक्रम
नेतन्याहू के वाशिंगटन पहुँचने पर अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचेल लीटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'वाशिंगटन में आपका स्वागत है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू इजरायल के सबसे बड़े साथी अमेरिका की राजधानी के एक और ऐतिहासिक दौरे पर। यहाँ राजदूत के तौर पर सेवा करना, हमारे महान देशों की एक-दूसरे के प्रति ताकत और प्रतिबद्धता को फिर से साबित करना सम्मान की बात है।' नेतन्याहू से मुलाकात के बाद ट्रंप नेशनल कैथेड्रल में रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के स्मृति समारोह में भाग लेंगे, जहाँ इजरायली प्रधानमंत्री भी उपस्थित रहेंगे।
ईरान में फाँसी: तनाव की पृष्ठभूमि
इस बैठक की पृष्ठभूमि में ईरान से एक गंभीर घटनाक्रम सामने आया है। ईरानी न्यायपालिका ने मंगलवार को घोषणा की कि जनवरी में हुए सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के मामलों में दोषी पाए गए दो व्यक्तियों — अबुल फजल सिपाही और अमीर-हुसैन सफारी — को फाँसी दे दी गई। न्यायपालिका के मिजान ऑनलाइन पोर्टल के अनुसार, दोनों को पुलिस अधिकारियों पर चाकू से हमला करने, उन्हें बाँधने, घसीटने, पेट्रोल डालकर आग लगाने का दोषी पाया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, ये फाँसियाँ मध्य इस्फहान प्रांत के मालेकशहर में सार्वजनिक रूप से दी गईं। आलोचकों का कहना है कि ये फाँसियाँ ईरान में असंतोष दबाने की रणनीति का हिस्सा हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप-नेतन्याहू बैठक में ईरान की आंतरिक स्थिति और उसके क्षेत्रीय प्रभाव दोनों पर चर्चा होने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस बैठक के नतीजे पश्चिम एशिया की कूटनीतिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।