30 जुलाई 2026
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नेतन्याहू-हेगसेथ मुलाकात: $16 बिलियन के अमेरिका-इजरायल रक्षा फंड पर बनी सहमति

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नेतन्याहू-हेगसेथ मुलाकात: $16 बिलियन के अमेरिका-इजरायल रक्षा फंड पर बनी सहमति

सारांश

नेतन्याहू की वाशिंगटन यात्रा सिर्फ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — $16 बिलियन का प्रस्तावित संयुक्त रक्षा कोष, ईरान की भूमिगत परमाणु गतिविधियों पर खुफिया साझेदारी, और ट्रंप की खुली नाराज़गी ने यह साफ कर दिया कि दोनों सहयोगियों के बीच रणनीतिक तालमेल उतना सहज नहीं जितना दिखता है।

मुख्य बातें

बेंजामिन नेतन्याहू ने 30 जुलाई को वाशिंगटन के ब्लेयर हाउस में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से मुलाकात की।
दोनों देशों के बीच लगभग $16 बिलियन के संयुक्त रक्षा अनुसंधान एवं विकास कोष की स्थापना पर चर्चा हुई।
नेतन्याहू ने ईरान की कथित भूमिगत परमाणु गतिविधियों — जिसमें 'पिकैक्स माउंटेन' स्थल शामिल है — से जुड़ी खुफिया जानकारी ट्रंप को देने की योजना बनाई थी।
ट्रंप ने नेतन्याहू की योजना को पहले सार्वजनिक करने पर नाराज़गी जताई, फॉक्स न्यूज़ पर कहा कि उन्हें पहले सूचित किया जाना चाहिए था।
ट्रंप ने ईरान के साथ दोबारा वार्ता के संकेत दिए, जबकि इजरायल लगातार दबाव की नीति पर अडिग है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 30 जुलाई को वाशिंगटन में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से ब्लेयर हाउस में मुलाकात की, जहाँ दोनों देशों के बीच लगभग $16 बिलियन के संयुक्त रक्षा अनुसंधान एवं विकास कोष की स्थापना पर चर्चा हुई। इस दौरान नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से भी अलग-अलग बातचीत की।

मुख्य घटनाक्रम

प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी फुटेज में नेतन्याहू और हेगसेथ को हाथ मिलाते और बातचीत करते दिखाया गया, जिनके साथ कई सैन्य और असैन्य सहयोगी भी मौजूद थे। रक्षा सचिव हेगसेथ ने मुलाकात की तस्वीरें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा, 'मुझे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलकर खुशी हुई।' उन्होंने कहा कि उनकी टीम में युद्ध के अवर सचिव एल्ब्रिज कोल्बी और सहायक सचिव सीन पार्नेल शामिल थे, जो दोनों देशों की रक्षा साझेदारी और साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए उपस्थित रहे।

$16 बिलियन का संयुक्त रक्षा कोष

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के सामने लगभग $16 बिलियन के संयुक्त अमेरिका-इजरायल रक्षा कोष का प्रस्ताव रखा। इस कोष का उपयोग नई हथियार प्रणालियों के अनुसंधान एवं विकास के लिए किया जाएगा। एक इजरायली अधिकारी ने बैठक को 'बहुत सकारात्मक' बताया।

ईरान पर तनाव और मतभेद

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत में ईरान के साथ स्थिति, लेबनान से जुड़ी वार्ता और अब्राहम समझौते को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा अपेक्षित थी। नेतन्याहू से उम्मीद थी कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की कथित गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी सौंपेंगे, जिसमें 'पिकैक्स माउंटेन' नाम की एक भूमिगत स्थल भी शामिल था — जिसका संबंध कथित तौर पर तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से माना जाता है।

हालाँकि, ट्रंप इस बात से नाराज दिखे कि नेतन्याहू ने अपनी योजना को पहले ही सार्वजनिक कर दिया था। फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मैंने सुना कि नेतन्याहू ने इसकी घोषणा कर दी। मैंने कहा, आप मुझे ही क्यों नहीं बता देते? इसे पूरी दुनिया को बताने की क्या ज़रूरत थी?'

ईरान नीति पर अमेरिका-इजरायल का अंतर

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ दोबारा कूटनीतिक वार्ता के संकेत दिए हैं, जबकि इजरायल ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखने के पक्ष में है। ट्रंप ने सोमवार को स्वीकार किया था कि दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे बीच थोड़ा अंतर है, लेकिन हम काफी करीब हैं।'

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है और अब्राहम समझौते के विस्तार की कोशिशें जारी हैं। $16 बिलियन के प्रस्तावित रक्षा कोष को लेकर औपचारिक घोषणा अभी बाकी है, और आने वाले हफ्तों में इस पर अमेरिकी कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी यह है कि सबसे करीबी सहयोगी भी ईरान के परमाणु खतरे पर एक साझा रणनीति नहीं बना पाए हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू और हेगसेथ की मुलाकात में क्या हुआ?
30 जुलाई को वाशिंगटन के ब्लेयर हाउस में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने अमेरिका-इजरायल रक्षा साझेदारी को मज़बूत करने और $16 बिलियन के संयुक्त हथियार अनुसंधान कोष की संभावना पर चर्चा की। रक्षा सचिव हेगसेथ ने बैठक की तस्वीरें एक्स पर साझा कर साझा सुरक्षा हितों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
$16 बिलियन का अमेरिका-इजरायल रक्षा कोष क्या है?
यह एक प्रस्तावित संयुक्त कोष है जिसकी राशि लगभग $16 बिलियन बताई जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इसका उपयोग नई हथियार प्रणालियों के अनुसंधान एवं विकास के लिए किया जाएगा। इस पर अभी औपचारिक घोषणा बाकी है।
ट्रंप नेतन्याहू से नाराज़ क्यों हुए?
ट्रंप इस बात से नाराज़ दिखे कि नेतन्याहू ने ईरान से जुड़ी अपनी योजना को बैठक से पहले ही सार्वजनिक कर दिया। फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें पहले सूचित किया जाना चाहिए था, न कि पूरी दुनिया को।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोनों देशों का रुख क्या है?
इजरायल ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखने के पक्ष में है और नेतन्याहू 'पिकैक्स माउंटेन' जैसी कथित भूमिगत परमाणु गतिविधियों की खुफिया जानकारी अमेरिका को देना चाहते थे। दूसरी ओर, ट्रंप ने ईरान के साथ दोबारा कूटनीतिक वार्ता के संकेत दिए हैं, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक मतभेद को उजागर करता है।
नेतन्याहू की वाशिंगटन यात्रा में और किससे मुलाकात हुई?
नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से अलग-अलग बातचीत की। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ भी तस्वीरें जारी कीं, और एक इजरायली अधिकारी ने बैठकों को 'बहुत सकारात्मक' बताया।
राष्ट्र प्रेस
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