नेतन्याहू सोमवार को अमेरिका रवाना, ट्रंप से ईरान पर होगी अहम बातचीत; ICC पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार, 28 जुलाई 2025 को अमेरिका के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इसके साथ ही वे इजरायल के दिवंगत मित्र और पूर्व अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में भी शामिल होंगे।
कैबिनेट बैठक में नेतन्याहू का ऐलान
रविवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की शुरुआत में नेतन्याहू ने स्पष्ट किया, "मैं राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मौजूदा सभी मुद्दों पर चर्चा करूँगा, जिनमें ईरान की स्थिति भी शामिल है।" उन्होंने लिंडसे ग्राहम को इजरायल का "स्थापना के बाद से सबसे बड़ा मित्र" बताते हुए कहा कि उनके अंतिम संस्कार में उपस्थित रहना उनके लिए आवश्यक है।
गौरतलब है कि 24 जुलाई को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर में राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद नेतन्याहू की इस आगामी यात्रा की घोषणा की थी।
रूबियो का आश्वासन: ICC के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई
नेतन्याहू ने बताया कि शनिवार रात उनकी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बातचीत हुई। उनके अनुसार, रूबियो ने भरोसा दिलाया कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेगा।
नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ICC दुनिया भर में न्याय व्यवस्था को खतरे में डाल रहा है और लोकतांत्रिक एवं संप्रभु देशों के अपने अधिकारों के इस्तेमाल में बाधा बन रहा है। उन्होंने कहा कि ICC, जिसने उनके और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं, लोकतांत्रिक देशों की सुरक्षा को हेग में बैठे "भ्रष्ट नौकरशाहों" के फैसलों के अधीन करने की कोशिश कर रहा है।
ICC के पूर्व अभियोजक करीम खान पर हमला
नेतन्याहू ने ICC के पूर्व अभियोजक करीम खान पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि खान ने गिरफ्तारी वारंट अपने ऊपर लगे आरोपों से ध्यान हटाने और इजरायल के विरोधियों को एकजुट करने के उद्देश्य से जारी किए थे। नेतन्याहू का दावा है कि अब वह "सुरक्षा कवच" हट चुका है, जिससे कथित भ्रष्टाचार और वास्तविक इरादे उजागर हो गए हैं।
वेस्ट बैंक में सुरक्षा अभियान
पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) में शुक्रवार, 25 जुलाई को हुई घातक झड़प का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि सुरक्षा बलों को गाँवों में प्रवेश करने, तलाशी लेने, हथियार जब्त करने और संदिग्धों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर और व्यापक कार्रवाई के लिए तैयार है।
आगे क्या
नेतन्याहू की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच कूटनीतिक तालमेल बेहद अहम हो गया है। ट्रंप-नेतन्याहू की मुलाकात के नतीजे मध्य-पूर्व की आगामी रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।