अमृतसर में सुल्तानविंड फ्लाईओवर का उद्घाटन, सीएम भगवंत मान ने ₹11.52 करोड़ की बचत का किया दावा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 28 जून 2026 को अमृतसर में सुल्तानविंड बाइपास और सुल्तानविंड लिंक रोड के जंक्शन पर निर्मित नए फ्लाईओवर को जनता को समर्पित किया। सरकार के अनुसार यह परियोजना पारदर्शी कार्यप्रणाली के तहत पूरी की गई, जिससे सरकारी खजाने की ₹11.52 करोड़ की बचत हुई। प्रतिदिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बताया गया है।
परियोजना का विवरण और लागत
मुख्यमंत्री मान ने मीडिया को बताया कि इस फ्लाईओवर के लिए ₹34.20 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी, लेकिन इसे मात्र ₹22.68 करोड़ में पूरा कर लिया गया — जिससे ₹11.52 करोड़ की बचत हुई। एप्रोच रोड सहित परियोजना की कुल लंबाई 985 मीटर है। फ्लाईओवर की लंबाई 725 मीटर और चौड़ाई 14 मीटर है। स्थानीय यातायात को सुचारु रखने के लिए दोनों ओर 5.50 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई है।
यातायात समस्या और समाधान
तारा वाला पुल के निकट तरनतारन रोड स्थित सुल्तानविंड लिंक रोड जंक्शन पर भारी वाहन दबाव के कारण स्थानीय निवासियों, यात्रियों और श्रद्धालुओं को लंबे समय से जाम की समस्या झेलनी पड़ रही थी। मान ने कहा, 'हर दिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु श्री दरबार साहिब और इस पवित्र शहर के अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों पर आते हैं। श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के लिए हमारी सरकार लगातार शहर के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत कर रही है।'
राज्य में अन्य विकास कार्यों का ऐलान
फ्लाईओवर उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यव्यापी विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार 15 जुलाई तक पंजाब में 3,100 नए स्टेडियम, 3,000 जिम और 400 नए आम आदमी क्लीनिक जनता के लिए तैयार हो जाएँगे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में सिंचाई के लिए अब 80 प्रतिशत से अधिक नहर के पानी का उपयोग किया जा रहा है।
सड़क रखरखाव नीति
मान ने जानकारी दी कि ठेकेदारों को 43,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों के पाँच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम सड़क निर्माण के बाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया बताया जा रहा है।
राजनीतिक संदर्भ
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकास और ईमानदार शासन पर केंद्रित है, जबकि विपक्ष उनके कामों का मुकाबला न कर पाने के कारण फर्जी वीडियो फैलाने में लगा हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू होने लगी हैं और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) अपने शासन की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने में जुटी है। आगामी महीनों में इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर नज़रें टिकी रहेंगी।