पंजाब CM भगवंत मान ने गडकरी से मिलकर उठाए हाईवे-फ्लाईओवर के मुद्दे, मखू-आदमपुर-वल्लाह परियोजनाओं पर मिला आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार, 13 मई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और राज्य में लंबे समय से लंबित राजमार्ग तथा फ्लाईओवर परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में गडकरी ने इन परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।
किन परियोजनाओं पर हुई चर्चा
बैठक में मखू, आदमपुर और भवानीगढ़ सहित कई लंबित बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का मुद्दा उठाया गया। मुख्यमंत्री मान ने बताया कि केंद्र सरकार ने भवानीगढ़-कोटशमीर सड़क के चार लेन निर्माण को मंजूरी देने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही बरनाला-बाजाखाना और मलेरकोटला-बरनाला कॉरिडोर के विस्तार पर भी सहमति बनी।
फाजिल्का-फिरोजपुर कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की माँग
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित फाजिल्का-फिरोजपुर कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की माँग भी रखी। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से संवेदनशील है, और इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने से पंजाब की सीमावर्ती कनेक्टिविटी तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अमृतसर वल्लाह फ्लाईओवर की देरी पर चिंता
बैठक में अमृतसर के वल्लाह फ्लाईओवर परियोजना की लंबी देरी का मुद्दा विशेष रूप से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा दी गई थी और इसे 15 सितंबर 2023 तक पूरा होना था। कई बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद अब तक काम केवल 76 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है और नई समय सीमा 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।
गौरतलब है कि यह फ्लाईओवर अमृतसर एयरपोर्ट को श्री हरमंदिर साहिब से जोड़ता है — एक ऐसा मार्ग जहाँ भारी यातायात और वीआईपी आवाजाही निरंतर बनी रहती है। परियोजना में देरी से जाम, सुरक्षा जोखिम और आम नागरिकों को गंभीर असुविधा हो रही है।
सड़क सुरक्षा और अन्य माँगें
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने पंजाब सरकार की 'सड़क सुरक्षा फोर्स' के कार्य की सराहना की, जिसे सड़क दुर्घटनाओं में जीवन बचाने और यातायात को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बठिंडा-मलोट रोड पर गिद्दड़बाहा के हुसेनर चौक फ्लाईओवर पर व्यू कटर लगाने की आवश्यकता भी उठाई, जो NHAI के अधिकार क्षेत्र में आता है।
आगे की राह
इस बैठक को पंजाब की कनेक्टिविटी, आर्थिक गतिविधियों और सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आई है जब राज्य में बुनियादी ढाँचे के विकास को लेकर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की माँग लगातार उठती रही है। अब देखना यह होगा कि दिए गए आश्वासन कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरते हैं।