भगवंत मान ने गडकरी से मिलकर उठाया पंजाब के लंबित हाईवे प्रोजेक्ट्स का मुद्दा, मिला जल्द पूरा करने का आश्वासन

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भगवंत मान ने गडकरी से मिलकर उठाया पंजाब के लंबित हाईवे प्रोजेक्ट्स का मुद्दा, मिला जल्द पूरा करने का आश्वासन

सारांश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर राज्य की वर्षों से लंबित सड़क परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। वल्लाह फ्लाईओवर की 76% प्रगति और फाजिल्का-फिरोजपुर कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की माँग इस बैठक के केंद्र में रहीं।

मुख्य बातें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 13 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से नई दिल्ली में मुलाकात की।
मखू, आदमपुर और भवानीगढ़ की लंबित राजमार्ग परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का आश्वासन मिला।
फाजिल्का-फिरोजपुर कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की माँग उठाई गई।
अमृतसर वल्लाह फ्लाईओवर की प्रगति 76% ; नई समय-सीमा 30 अप्रैल 2026 , मूल डेडलाइन 15 सितंबर 2023 थी।
भवानीगढ़-कोटशमीर चार-लेन सड़क और बरनाला-बाजाखाना, मलेरकोटला-बरनाला कॉरिडोर विस्तार पर सहमति बनी।
गडकरी ने पंजाब की 'सड़क सुरक्षा फोर्स' के कार्य की सराहना की।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार, 13 मई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और राज्य में वर्षों से अटकी राजमार्ग व फ्लाईओवर परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की माँग रखी। गडकरी ने मखू, आदमपुर और भवानीगढ़ सहित प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

मुख्य माँगें और आश्वासन

बैठक में मुख्यमंत्री मान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित फाजिल्का-फिरोजपुर कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की माँग उठाई। इस कॉरिडोर की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी दोनों के लिए अहम माना जाता है।

केंद्र सरकार ने भवानीगढ़-कोटशमीर सड़क के चार-लेन निर्माण को मंजूरी देने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही बरनाला-बाजाखाना और मलेरकोटला-बरनाला कॉरिडोर के विस्तार पर भी सहमति बनी, जिसे पंजाब की आर्थिक गतिविधियों और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वल्लाह फ्लाईओवर: देरी और वर्तमान स्थिति

मुख्यमंत्री मान ने अमृतसर के वल्लाह फ्लाईओवर की लंबित स्थिति का मुद्दा विशेष रूप से उठाया। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा दी गई थी और इसे 15 सितंबर 2023 तक पूरा होना था। कई बार समय-सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है और वर्तमान में परियोजना की प्रगति करीब 76 प्रतिशत है। नई समय-सीमा 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।

मान ने बताया कि यह कॉरिडोर अमृतसर एयरपोर्ट को श्री हरमंदिर साहिब से जोड़ता है और यहाँ भारी यातायात रहता है, जिसमें वीआईपी आवाजाही भी शामिल है। परियोजना में देरी के कारण यातायात जाम, सुरक्षा जोखिम और आम नागरिकों को गंभीर असुविधा हो रही है।

सड़क सुरक्षा और अन्य मुद्दे

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बैठक में पंजाब सरकार की 'सड़क सुरक्षा फोर्स' के कार्य की सराहना की, जिसे सड़क दुर्घटनाओं में जीवन बचाने और सुरक्षित यातायात प्रबंधन के लिए स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बठिंडा-मलोट रोड पर गिद्दड़बाहा के हुसेनर चौक फ्लाईओवर पर व्यू कटर लगाने की आवश्यकता भी उठाई, जो NHAI के अधिकार क्षेत्र में आता है।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में बुनियादी ढाँचे के विकास को लेकर राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की माँग लगातार बढ़ रही है। लंबित परियोजनाओं पर केंद्र के आश्वासन के बाद अब नज़रें इस पर हैं कि इन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर ज़मीन पर उतारा जाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल आश्वासनों के क्रियान्वयन का है। वल्लाह फ्लाईओवर का उदाहरण खुद इस समस्या को उजागर करता है — 2023 की डेडलाइन चूककर 2026 तक खिंच आई परियोजना बताती है कि NHAI की निगरानी और ठेकेदार जवाबदेही में गंभीर खामियाँ हैं। फाजिल्का-फिरोजपुर जैसे सीमावर्ती कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की माँग सुरक्षा और कनेक्टिविटी दोनों के लिए तर्कसंगत है, पर यह माँग नई नहीं है — सवाल यह है कि इस बार नीतिगत इरादा कितना ठोस है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान और नितिन गडकरी की बैठक में क्या हुआ?
13 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की लंबित राजमार्ग और फ्लाईओवर परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की माँग रखी। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मखू, आदमपुर और भवानीगढ़ सहित प्रमुख परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।
अमृतसर वल्लाह फ्लाईओवर का काम कब तक पूरा होगा?
NHAI द्वारा दी गई इस परियोजना की मूल समय-सीमा 15 सितंबर 2023 थी, लेकिन कई बार विस्तार के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। वर्तमान में प्रगति करीब 76 प्रतिशत है और नई समय-सीमा 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।
फाजिल्का-फिरोजपुर कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की माँग क्यों उठाई गई?
यह कॉरिडोर अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है, इसलिए इसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने से इसके रखरखाव और विकास की जिम्मेदारी केंद्र पर आएगी, जिससे सुरक्षा और कनेक्टिविटी दोनों बेहतर होंगी।
पंजाब की 'सड़क सुरक्षा फोर्स' क्या है और गडकरी ने इसकी सराहना क्यों की?
पंजाब सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में जीवन बचाने और सुरक्षित यातायात प्रबंधन के लिए 'सड़क सुरक्षा फोर्स' की स्थापना की है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इस पहल के कार्य की बैठक में विशेष रूप से सराहना की।
बरनाला-बाजाखाना और मलेरकोटला-बरनाला कॉरिडोर पर क्या सहमति बनी?
बैठक में इन दोनों कॉरिडोर के विस्तार पर सहमति बनी। साथ ही भवानीगढ़-कोटशमीर सड़क के चार-लेन निर्माण को मंजूरी देने का आश्वासन भी केंद्र की ओर से दिया गया, जिसे पंजाब की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए अहम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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