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ज्योतिरादित्य सिंधिया और नितिन गडकरी की वार्ता, सड़क परियोजनाओं पर गहराई से चर्चा

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ज्योतिरादित्य सिंधिया और नितिन गडकरी की वार्ता, सड़क परियोजनाओं पर गहराई से चर्चा

सारांश

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नितिन गडकरी के साथ महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर चर्चा की। यह मुलाकात मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

मुख्य बातें

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी में सुधार की योजना।
महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा जैसे ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे ।
परियोजनाओं के लिए एनएचएआई से मंजूरी की आवश्यकता।
स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की संभावनाएं।
सड़क विकास के लिए मध्य प्रदेश और राज्य सरकार का सहयोग आवश्यक।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की।

इस बैठक में दोनों नेताओं ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और मध्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान, ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे (4,822 करोड़ रुपए की लागत) और ग्वालियर वेस्टर्न बाईपास (1,347 करोड़ रुपए की लागत) जैसी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आगे की कार्यवाई पर विचार किया गया। इसके साथ ही ग्वालियर-भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-719) पर चार-लेन सड़क निर्माण की बात भी सामने आई।

यह उल्लेखनीय है कि भिंड के संतों एवं धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर इस मार्ग पर कार्य की धीमी गति और सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर असंतोष व्यक्त किया था। इसके बाद, सिंधिया ने सुझाव दिया कि इस परियोजना को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के बजाय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा पूरा किया जाए।

सिंधिया ने मंगलवार को एक बयान में कहा, "जैसे ही अप्रैल में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी प्राप्त होगी, निविदा प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी और एनएचएआई तेज गति से निर्माण कार्य को आगे बढ़ाएगा।"

कई प्रमुख सड़कों के निर्माण और उन्नयन के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई, जिनमें शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में लगभग 45 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण शामिल है, जो भीतरगवां से कमलपुर, मंगावली, पडरा, मुदा, रघुनाथपुर, अमरपुर, लालन, खिरकिट, त्यागा-खजुरी, डोंगर और किशनगंज होते हुए नयागांव तक फैला हुआ है।

इसी प्रकार, अशोकनगर जिले के मुंगावली क्षेत्र में लगभग 47 किलोमीटर लंबी सड़क के अपग्रेडेशन के प्रस्ताव रखे गए, जो अशोकनगर-विदिशा मार्ग को कांजिया, बामुरिया, खेरखेड़ी, बडोरा, सिमरोहा और बासखेड़ी होते हुए मुंगावली से जोड़ती है। इसके साथ ही चंदेरी क्षेत्र में लगभग 22.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया, जो नई सराय से बडोदरा होते हुए अरावली मार्ग तक जाती है।

इसके अलावा, गुना जिले के बामोरी क्षेत्र में लगभग 42 किलोमीटर सड़क के अपग्रेडेशन को लेकर भी चर्चा की गई, विशेष रूप से आनंदपुर-निहालगढ़ मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के तहत।

मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले सिंधिया ने कहा, "इन सभी परियोजनाओं के कार्यान्वयन से ग्रामीण एवं क्षेत्रीय स्तर पर परिवहन और आवागमन को सुगम बनाया जाएगा और साथ ही ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह क्षेत्रीय विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्योतिरादित्य सिंधिया का गडकरी से मिलने का मुख्य उद्देश्य क्या था?
सिंधिया का मुख्य उद्देश्य ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा करना था।
बैठक में किन परियोजनाओं पर चर्चा की गई?
बैठक में ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे, ग्वालियर वेस्टर्न बाईपास और ग्वालियर-भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
सिंधिया ने परियोजनाओं के लिए कौन सा सुझाव दिया?
सिंधिया ने सुझाव दिया कि इन परियोजनाओं को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के बजाय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा पूरा किया जाए।
इन परियोजनाओं से किस प्रकार का लाभ होगा?
इन परियोजनाओं के लागू होने से ग्रामीण और क्षेत्रीय स्तर पर परिवहन और आवागमन सुगम होगा, जिससे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
इस बैठक का समापन कब हुआ?
बैठक 31 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई।
राष्ट्र प्रेस
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