निर्माण लागत को कम करने के लिए नितिन गडकरी ने आधुनिक तकनीक और त्वरित निर्णयों की आवश्यकता पर जोर दिया
सारांश
Key Takeaways
- निर्माण लागत को कम करने के लिए तेज निर्णय जरूरी हैं।
- आधुनिक तकनीकों का उपयोग कार्यक्षमता बढ़ाएगा।
- भूमि अधिग्रहण और मंजूरियां समय पर पूरी होना आवश्यक है।
- प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण सड़क निर्माण में सहायक है।
- गुणवत्ता और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को निर्माण लागत को कम करने और कार्यक्षमता में वृद्धि के लिए तेज निर्णय लेने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और सतत तरीकों पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण और आवश्यक मंजूरियां (क्लीयरेंस) पहले ही पूरी कर लेना आवश्यक है। इससे प्रोजेक्ट्स का कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पहले क्लीयरेंस में देरी और प्रक्रियात्मक बाधाओं के कारण कई प्रोजेक्ट्स की समयसीमा प्रभावित हुई और ठेकेदारों की वित्तीय स्थिति पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
गडकरी ने भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बायोफ्यूल, बायोमास-आधारित ईंधन और अन्य वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और संचालन लागत घटेगी।
उन्होंने वेस्ट-टू-वेल्थ तकनीकों के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया, जैसे सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे और पुराने टायरों का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग)।
सफल नवाचारों के उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग से अच्छे परिणाम मिले हैं, विशेषकर नागपुर में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
उन्होंने भविष्य की तकनीकों और रिसर्च-आधारित समाधान अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और उद्योग, शोध संस्थानों और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग बढ़ाने की बात कही।
गडकरी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए तेज फैसले, बेहतर योजना और गुणवत्ता के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, तकनीक, रिसर्च और कुशल कार्यप्रणाली के माध्यम से ही ज्ञान को सम्पत्ति में बदला जा सकता है।
मंत्री ने प्रोजेक्ट्स के मूल्यांकन में गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की बात कही और कहा कि लागत के साथ-साथ प्रदर्शन और गुणवत्ता को भी समान महत्व मिलना चाहिए।
गडकरी ने यह भी बताया कि भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों ने वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता साबित की है और दुबई, कतर और कई अफ्रीकी देशों में बड़े प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने और शॉर्टकट से बचने से भारत के निर्माण उद्योग की वैश्विक छवि और मजबूत होगी।