क्या हर क्षेत्र में प्रगति और विकास की राह पर बढ़ रहा है देश? : नितिन गडकरी

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क्या हर क्षेत्र में प्रगति और विकास की राह पर बढ़ रहा है देश? : नितिन गडकरी

सारांश

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ग्लोबल इंडियन कॉन्क्लेव अवॉर्ड में देश की प्रगति और विकास की दिशा में की गई पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सड़क सुरक्षा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सुधार के उपायों का उल्लेख किया। क्या ये पहलें देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगी?

मुख्य बातें

ज्ञान ही शक्ति है, नवाचार और प्रौद्योगिकी का महत्व।
सड़क सुरक्षा के लिए कानून और जागरूकता।
सड़क दुर्घटनाओं में 1,80,000 मौतें होती हैं।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में छह एयरबैग का प्रावधान।
ऑर्गन डोनेशन का महत्व और जागरूकता।

नई दिल्‍ली, 5 अगस्‍त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को ग्लोबल इंडियन कॉन्क्लेव अवॉर्ड (जीआईसीए) के दूसरे संस्‍करण में भाग लिया। अपने भाषण में उन्‍होंने कहा कि देश हर क्षेत्र में प्रगति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

गडकरी ने कहा कि ज्ञान ही शक्ति है। हमारे समाज में नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, कौशल और सफल अभ्यास हमें यह ज्ञान प्रदान करते हैं। हमारे नवाचार और प्रौद्योगिकी के चलते, हम चुनौतीपूर्ण स्थितियों में भी बेहतरीन परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। हर क्षेत्र में हमें प्रगति और विकास की ओर अग्रसर होना है। परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है देश को आत्मनिर्भर भारत, पांच ट्रिलियन अर्थव्यवस्था और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना। यह सब कुछ ऐसे ही लोगों के प्रयासों से संभव होगा, इसलिए उन सभी को बधाई।

गडकरी ने बताया कि मैं 11 वर्षों तक परिवहन मंत्री रहा हूं। सड़कें सुधर रही हैं, एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हमारे देश में हर साल पाँच लाख सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं, जिसमें 1,80,000 मौतें होती हैं। इनमें से 66 प्रतिशत मौतें 18-34 वर्ष के आयु वर्ग में होती हैं। यह हमारे लिए बहुत दुखद है। रोड इंजीनियरिंग में हमने ब्लैक स्पॉट की पहचान की है। लगभग 40 हजार करोड़ रुपए खर्च कर ब्लैक स्पॉट को भरने पर तेजी से काम चल रहा है।

वहीं, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में हमने छोटे इकोनॉमिक मॉडल की गाड़ियों में छह एयरबैग की व्यवस्था की है, जिसमें काफी सुधार किया गया है। उत्तम उत्पादन और उच्च गुणवत्ता के कारण हम जापान को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर आए हैं। हम इसको पाँच वर्षों में पहले स्थान पर ले जाएंगे। ऑटोमोबाइल और रोड इंजीनियरिंग में काफी सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि हमने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कानून बनाए हैं। गाड़ी चलाते समय फोन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इसके लिए कानून बनाए गए हैं, और लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। यदि कोई सड़क दुर्घटना होती है, तो घायलों को अस्पताल पहुँचाने वाले को 25 हजार रुपए1.5 लाख रुपए की मदद का भी प्रावधान है।

इसके अलावा, लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि जिनके परिजन सड़क दुर्घटना में जान गंवाते हैं, अगर उनकी सहमति से मृतक का ऑर्गन डोनेट किया जाता है, तो इससे अन्य लोगों को जीवनदान मिल सकता है। यह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कार्य है, जो हमें करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन गडकरी ने किस कार्यक्रम में भाग लिया?
नितिन गडकरी ने ग्लोबल इंडियन कॉन्क्लेव अवॉर्ड (जीआईसीए) के दूसरे संस्‍करण में भाग लिया।
भारत में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति क्या है?
भारत में हर साल लगभग पाँच लाख सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं, जिसमें 1,80,000 मौतें होती हैं।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में क्या सुधार किए गए हैं?
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में छोटे इकोनॉमिक मॉडल की गाड़ियों में छह एयरबैग की व्यवस्था की गई है।
सड़क सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं?
सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नए कानून बनाए गए हैं और लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
क्या ऑर्गन डोनेशन को लेकर कोई जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है?
हाँ, सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को ऑर्गन डोनेशन के लिए जागरूक किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस