क्या नितिन गडकरी ने पुडुचेरी में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के हाइवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया?
सारांश
मुख्य बातें
पुडुचेरी, 13 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को पुडुचेरी में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह कदम पुडुचेरी में यातायात को सुगम बनाने और कनेक्टिविटी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जानकारी दी कि इन परियोजनाओं में एनएच-32 पर इंदिरा गांधी स्क्वायर और राजीव गांधी स्क्वायर के बीच 4 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण, एनएच-332ए पर 14 किलोमीटर ईसीआर रोड में सुधार और एनएच-32 के 38 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले पुडुचेरी-पूंडियांकुप्पम खंड का उद्घाटन शामिल है।
मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन परियोजनाओं का लक्ष्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और इंदिरा गांधी स्क्वायर से राजीव गांधी स्क्वायर तक शहरी क्षेत्र में यातायात की भीड़भाड़ को कम करना है, जिससे यात्रा का समय 35 मिनट से घटकर केवल 10 मिनट रह जाएगा। ये परियोजनाएं पुडुचेरी के शहरी क्षेत्रों में भी भीड़भाड़ कम करेंगी, जिससे ईंधन की बचत होगी, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन कम होगा और परिचालन लागत में भी कमी आएगी।
सड़क नेटवर्क में सुधार से मनकुला विनयगर मंदिर, नटराज मंदिर, नवग्रह मंदिर और श्री अरबिंदो आश्रम जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। विलुप्पुरम से कुड्डालोर, चिदंबरम और नागपट्टिनम की ओर जाने वाले वाहन चालक अब व्यस्त पुडुचेरी शहर को बायपास कर सकेंगे, जिससे यात्रा का समय लगभग 50 मिनट बचेगा।
ये परियोजनाएं केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन और व्यापार को पर्याप्त बढ़ावा देंगी। इसके साथ ही ऑरोविले और पिचवरम जैसे प्रमुख स्थलों तक निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेंगी, जिससे संस्कृति, वाणिज्य और कनेक्टिविटी के जीवंत केंद्र के रूप में पुडुचेरी की स्थिति मजबूत होगी।
इस अवसर पर, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक बन चुका है। उन्होंने इनोवेशन, साइंस, टेक्नोलॉजी और बेस्ट ग्लोबल प्रैक्टिस को अपनाने पर जोर दिया और इस विजन पर जोर दिया कि कोई भी सामग्री बेकार नहीं है और कोई भी व्यक्ति बेकार नहीं है। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए नगरपालिका के कचरे का उपयोग करने की पहल की घोषणा की।
गडकरी ने कहा कि अब तक 80 लाख टन नगरपालिका अपशिष्ट का उपयोग सड़क परियोजनाओं में किया जा चुका है, जिसमें दिल्ली भी शामिल है, जहां गाजीपुर कूड़े के ढेर की ऊंचाई 7 मीटर कम कर दी गई है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।