1 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पंजाब में 40 लाख महिलाओं को मिलेगा मासिक सत्कार: भगवंत मान ने ₹9,300 करोड़ की 'मावां-धीयां' योजना लॉन्च की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पंजाब में 40 लाख महिलाओं को मिलेगा मासिक सत्कार: भगवंत मान ने ₹9,300 करोड़ की 'मावां-धीयां' योजना लॉन्च की

सारांश

पंजाब में भगवंत मान सरकार ने 40 लाख महिलाओं के लिए ₹9,300 करोड़ की 'मावां-धीयां सत्कार योजना' शुरू की — सामान्य महिलाओं को ₹1,000 और SC महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह। उद्घाटन के दिन ही तीन महीने की राशि एकमुश्त खातों में पहुँची।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 1 जुलाई 2026 को धुरी में 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' का शुभारंभ किया।
18 वर्ष से अधिक आयु की सामान्य महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह मिलेंगे।
उद्घाटन पर तीन महीने की राशि एकमुश्त हस्तांतरित — सामान्य को ₹3,000 , SC को ₹4,500 ।
राज्य सरकार ने योजना के लिए बजट में ₹9,300 करोड़ आवंटित किए हैं।
पंजाब की लगभग 97% वयस्क महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद; 40 लाख से अधिक पहले ही पंजीकृत।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त महिलाएं भी इस योजना की पात्र होंगी।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 1 जुलाई 2026 को धुरी में राज्य की लगभग 40 लाख वयस्क महिलाओं के लिए ₹9,300 करोड़ के वार्षिक बजट से 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक पात्र महिला को प्रतिमाह ₹1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए जाएंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान ही लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर एसएमएस पुष्टिकरण आने शुरू हो गए, जो इस योजना के तत्काल क्रियान्वयन का प्रमाण था।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

मुख्यमंत्री मान ने उद्घाटन के अवसर पर पात्र लाभार्थियों के खातों में तीन महीने की सत्कार राशि एकमुश्त हस्तांतरित करने की घोषणा की। इस प्रकार सामान्य श्रेणी की महिलाओं को एकबारगी ₹3,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹4,500 प्राप्त हुए। उल्लेखनीय है कि जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना की पात्र होंगी — जो पहले की कई कल्याण योजनाओं से अलग है जहाँ दोहरे लाभ की अनुमति नहीं होती थी।

लाभार्थियों की संख्या और बजट

राज्य सरकार के अनुसार पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाओं को इस योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना शुरू होने से पहले ही 40 लाख से अधिक महिलाएं पंजीकरण करा चुकी थीं। राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में ₹9,300 करोड़ आवंटित किए हैं, जो इसे पंजाब के इतिहास की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजनाओं में से एक बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें महिला मतदाताओं को साधने के लिए नकद हस्तांतरण योजनाओं की ओर रुख कर रही हैं।

मुख्यमंत्री का संबोधन

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने इस दिन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, "भले ही यह वित्तीय सहायता महिलाओं को धनी न बनाए, लेकिन इससे उन्हें निश्चित रूप से गरिमा और आत्मसम्मान प्राप्त होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता घरेलू कल्याण में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक एवं आर्थिक निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने पंजाब की महिलाओं के भाई, पुत्र और भतीजे के रूप में यह आश्वासन दिया कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी, क्योंकि यह जनता पर रखे गए भरोसे का प्रतीक है।

आम जनता पर असर

योजना के तहत धनराशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी और लाभार्थियों को मोबाइल नोटिफिकेशन के ज़रिए सूचित किया जाएगा। गौरतलब है कि यह योजना जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। महिलाओं को वित्तीय स्वायत्तता देने की यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखी जा रही है।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना दीर्घकालिक आधार पर चलाई जाएगी और इसे स्थायी रूप से जारी रखने के लिए पूरी वित्तीय योजना पहले से तैयार की गई है। आने वाले महीनों में अधिक महिलाओं के पंजीकरण और योजना के विस्तार की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

300 करोड़ का यह वार्षिक बोझ राज्य की पहले से दबाव में चल रही वित्तीय स्थिति पर टिकाऊ है। मध्य प्रदेश की 'लाडली बहना' और महाराष्ट्र की 'माझी लाडकी बहीण' जैसी योजनाओं के अनुभव बताते हैं कि ऐसी योजनाएं शुरुआत में लोकप्रिय होती हैं, लेकिन वित्तीय अनुशासन के बिना बाद में कटौती का शिकार बन जाती हैं। मुख्यमंत्री का 'कभी बंद नहीं होगी' का वादा तब तक परखा नहीं जा सकता जब तक राज्य का राजकोषीय रोडमैप सार्वजनिक न हो।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना क्या है?
यह पंजाब सरकार की एक मासिक वित्तीय सहायता योजना है, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 1 जुलाई 2026 को धुरी में लॉन्च किया। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की सामान्य महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह सीधे बैंक खातों में दिए जाएंगे।
इस योजना के लिए कौन-सी महिलाएं पात्र हैं?
पंजाब में 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी वयस्क महिलाएं इस योजना की पात्र हैं। जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
योजना के तहत कितनी राशि मिलेगी और कैसे?
सामान्य श्रेणी की महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह मिलेंगे। राशि सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित होगी और मोबाइल नोटिफिकेशन के ज़रिए सूचित किया जाएगा।
पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए कितना बजट रखा है?
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए वार्षिक बजट में ₹9,300 करोड़ आवंटित किए हैं। इससे पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्या यह योजना भविष्य में जारी रहेगी?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आश्वासन दिया है कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी, क्योंकि यह जनता के भरोसे का प्रतीक है। सरकार का दावा है कि इसे स्थायी रूप से जारी रखने के लिए पूरी वित्तीय योजना पहले से तैयार की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 9 घंटे पहले
  3. 13 घंटे पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले