16 अगस्त 2026
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मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना: BJP ने बताया चुनावी स्टंट, AAP सरकार पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

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मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना: BJP ने बताया चुनावी स्टंट, AAP सरकार पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

सारांश

पंजाब में चुनाव नज़दीक आते ही भगवंत मान सरकार ने मांवा-धीयां सत्कार योजना की तीन माह की किश्त एक साथ जारी की — सामान्य वर्ग को ₹3,000, SC महिलाओं को ₹4,500। BJP ने इसे 'चुनावी स्टंट' करार दिया और 4 साल की वादाखिलाफी का हवाला देते हुए जनता से सोच-समझकर मतदान की अपील की।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना के तहत 2 जुलाई 2026 को एक साथ तीन महीनों की किश्त जारी की गई।
सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹3,000 और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹4,500 सीधे बैंक खातों में भेजे गए।
BJP नेता सुरजीत कुमार ज्याणी ने आरोप लगाया कि ₹1,000 प्रतिमाह का वादा पूरा करने में सरकार को 4 साल से अधिक लग गए।
BJP नेता गुरमीत सिंह सोढ़ी ने योजना को 'गिमिक' बताया और इसमें दीर्घकालिक नीति का अभाव बताया।
BJP का दावा — आवेदन प्रक्रिया में SC प्रमाणपत्र सहित दस्तावेज़ी कठिनाइयों से महिलाओं को परेशानी हो रही है।
भगवंत मान सरकार का कार्यकाल कुछ महीनों में समाप्त होने वाला है; राज्य में विधानसभा चुनाव की संभावना।

पंजाब में मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना के तहत 2 जुलाई 2026 को राज्य सरकार ने एक साथ तीन महीनों की किश्त महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की — सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹3,000 और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹4,500 दिए गए। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का कार्यकाल कुछ ही महीनों में समाप्त होने वाला है और राज्य में विधानसभा चुनाव की संभावना नज़दीक है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पूरे कदम को 'चुनावी स्टंट' करार देते हुए तीखी आलोचना की है।

योजना का ब्यौरा और भुगतान का स्वरूप

आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को नियमित मासिक सहायता देने का प्रावधान है। इस बार एक साथ तीन महीनों की किश्त जारी करना सरकार की ओर से असाधारण कदम माना जा रहा है। बठिंडा सहित राज्य के विभिन्न जिलों में लाभार्थी महिलाओं के खातों में यह राशि सीधे भेजी गई है। गौरतलब है कि यह योजना उस चुनावी वादे से जुड़ी है जिसमें AAP ने सत्ता में आने पर महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 देने का संकल्प लिया था।

BJP नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता सुरजीत कुमार ज्याणी ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह 'नाटकबाज़, झूठों और ठगों की सरकार' है। उनके अनुसार, चुनाव से ठीक पहले इस तरह की घोषणाएं जनता को लुभाने की कोशिश मात्र हैं। ज्याणी ने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं को हर महीने ₹1,000 देने का वादा किया था, लेकिन उस वादे को पूरा करने में 4 साल से अधिक का समय लग गया।

ज्याणी ने यह भी कहा कि यदि पाँच वर्षों के सभी वादों की गणना की जाए तो बकाया राशि काफी बड़ी बनती है, लेकिन जनता को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिला। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि सरकारी सहायता लेना गलत नहीं है, परंतु वोट का निर्णय सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लालच में आकर वोट देना उन शहीदों का अपमान होगा जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।

आवेदन प्रक्रिया में महिलाओं को कठिनाई का दावा

BJP नेता ज्याणी ने यह भी दावा किया कि कई महिलाओं को इस योजना के तहत आवेदन करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, विभिन्न प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों के लिए लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र बनवाने में महिलाओं को कई-कई दिनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना समान रूप से लागू नहीं हो रही और वर्ग के आधार पर भेदभाव भी देखा जा रहा है।

सोढ़ी का 'गिमिक' वाला बयान

BJP नेता गुरमीत सिंह सोढ़ी ने इस पूरी योजना को 'गिमिक और चुनावी स्टंट' बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का असली मकसद जनकल्याण नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ अर्जित करना है। सोढ़ी के अनुसार, इस योजना में न कोई ठोस नीति है और न ही दीर्घकालिक सोच — यह केवल वोट बटोरने की रणनीति है। उन्होंने राज्य में बिजली, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी हवाला दिया और दावा किया कि विकास कार्यों की गति धीमी बनी हुई है।

आगे क्या होगा

BJP नेताओं ने 'डबल इंजन सरकार' का नारा देते हुए कहा कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है तो जनता को बेहतर प्रशासन और अधिक सुविधाएं मिलेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में चुनावी माहौल गर्म होने लगा है और सत्तारूढ़ AAP व विपक्षी BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है। आने वाले महीनों में इस योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर जनता की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो किश्तें नियमित क्यों नहीं रहीं? आवेदन प्रक्रिया में SC प्रमाणपत्र जैसी बाधाओं का BJP का दावा, यदि सत्य है, तो यह दर्शाता है कि लाभ उन तक सबसे कम पहुँचा जिन्हें सबसे अधिक ज़रूरत थी। BJP की आलोचना नैतिक रूप से तब और कमज़ोर पड़ती है जब वह खुद 'डबल इंजन' के वादे करती है — जनता के लिए ज़रूरी है कि वह दोनों पक्षों के दावों को एक ही पैमाने पर परखे।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना क्या है?
यह पंजाब सरकार की महिला कल्याण योजना है जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता और SC वर्ग की महिलाओं को अधिक राशि दी जाती है। 2 जुलाई 2026 को सरकार ने एक साथ तीन महीनों की किश्त — सामान्य वर्ग को ₹3,000 और SC वर्ग को ₹4,500 — सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की।
BJP ने इस योजना को चुनावी स्टंट क्यों कहा?
BJP नेताओं का कहना है कि AAP ने 2022 के चुनाव में महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा करने में 4 साल से अधिक लग गए। चुनाव नज़दीक आते ही तीन महीनों की किश्त एकमुश्त जारी करने को BJP ने राजनीतिक लाभ की कोशिश बताया।
क्या इस योजना में आवेदन करने में महिलाओं को दिक्कत हो रही है?
BJP नेता सुरजीत कुमार ज्याणी के अनुसार, कई महिलाओं को दस्तावेज़ और प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के लंबे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विशेष रूप से SC प्रमाणपत्र बनवाने में कई दिनों की देरी की शिकायतें हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इन दावों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव कब होने की संभावना है?
भगवंत मान सरकार का कार्यकाल कुछ ही महीनों में समाप्त होने वाला है, जिसके बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इसी पृष्ठभूमि में इस योजना की किश्त जारी होने को राजनीतिक नज़रिए से देखा जा रहा है।
BJP ने पंजाब की जनता से क्या अपील की है?
BJP नेताओं ने जनता से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं की राशि लेने के साथ-साथ वोट का निर्णय सोच-समझकर करें। उन्होंने कहा कि 'डबल इंजन सरकार' ही राज्य में वास्तविक विकास ला सकती है और AAP के वादों के बहकावे में न आएं।
राष्ट्र प्रेस
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