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मावा धीयां सत्कार योजना: साढ़े चार साल बाद जारी हुई राशि, BJP ने बताया चुनावी स्टंट

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मावा धीयां सत्कार योजना: साढ़े चार साल बाद जारी हुई राशि, BJP ने बताया चुनावी स्टंट

सारांश

साढ़े चार साल की प्रतीक्षा के बाद पंजाब सरकार ने मावा धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को राशि जारी की — लेकिन BJP का सवाल है कि यह अप्रैल की बजाय जुलाई की किस्त क्यों है? चुनाव नज़दीक, आचार संहिता करीब, और 51 महीनों का बकाया अनुत्तरित।

मुख्य बातें

पंजाब सरकार ने 1 जुलाई 2026 को 'मावा धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं के खातों में राशि हस्तांतरित करनी शुरू की।
सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह — तीन माह की एकमुश्त राशि दी जा रही है।
BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इसे चुनावी स्टंट बताया; कहा — वादा अप्रैल की किस्त का था, दी जा रही है जुलाई की।
AAP ने 2022 चुनाव से पहले सरकार बनते ही ₹1,000 प्रतिमाह देने का वादा किया था — साढ़े चार साल बाद भी अधूरा रहा।
BJP ने माँग की कि 51 महीनों का पूरा बकाया एकमुश्त महिलाओं के खातों में जमा हो।
पंजाब BJP ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया, जहाँ BJP सरकार बनने के 2 महीने में 1.3 करोड़ महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह मिलने लगे।

पंजाब सरकार ने 1 जुलाई 2026 को 'मावा धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं के बैंक खातों में वित्तीय सहायता राशि हस्तांतरित करनी शुरू कर दी। इस योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह की दर से तीन महीने की एकमुश्त राशि दी जा रही है। इस कदम को लेकर पंजाब की राजनीति तेज़ हो गई है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे महिलाओं के साथ धोखा और चुनावी स्टंट करार दिया है।

BJP का आरोप: वादा था अप्रैल से, राशि मिली जुलाई की

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की 'आखिरी गारंटी पूरी करने' की घोषणा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह पूरी तरह से महिलाओं के साथ धोखा और चुनावी स्टंट है। पहले दावा किया गया था कि अप्रैल से योजना के लिए पंजीकरण शुरू होगा और अप्रैल, मई व जून — तीन महीने की राशि एक साथ महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी। लेकिन आज सरकार की ओर से जारी विज्ञापनों में जुलाई, अगस्त और सितंबर की एडवांस राशि देने की बात कही गई है।'

ढिल्लों ने यह भी जोड़ा कि सितंबर के बाद विधानसभा चुनाव को देखते हुए आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे यह स्पष्ट है कि यह घोषणा राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से की गई है।

साढ़े चार साल पुराना वादा और देरी का सवाल

ढिल्लों के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि सरकार बनते ही 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। उनका कहना है कि साढ़े चार साल बीत जाने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।

गौरतलब है कि यदि अप्रैल 2022 से यह राशि दी जाती, तो अब तक 51 महीनों का बकाया बनता। BJP ने माँग की है कि यदि सरकार वास्तव में अपने वादे के प्रति गंभीर है, तो प्रत्येक महिला के खाते में पिछले 51 महीनों की पूरी राशि एकमुश्त जमा कराई जाए।

बिजली और मानसून पर भी घेरा

BJP अध्यक्ष ने राज्य में बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुफ्त बिजली का वादा करने वाली सरकार के कार्यकाल में लगातार लंबे बिजली कट लग रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मानसून सीजन को लेकर भी सरकार ने पर्याप्त तैयारियाँ नहीं की हैं।

पश्चिम बंगाल का उदाहरण और BJP का वादा

पंजाब BJP ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर लिखा कि 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के मात्र 2 महीनों के भीतर 1.3 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में हर महीने ₹3,000 की सहायता राशि भेजनी शुरू कर दी गई। पार्टी ने इसे अपने वादों को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

ढिल्लों ने यह भी कहा कि यदि पंजाब में BJP की सरकार बनती है तो महिलाओं से किए गए सभी वादे सरकार बनते ही पूरे किए जाएंगे। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को साधने की यह राजनीतिक जंग और तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि लाभार्थियों की ज़रूरत के अनुसार। असली सवाल यह नहीं कि राशि दी गई या नहीं — सवाल यह है कि जुलाई-सितंबर की किस्त 'एडवांस' में देना और अप्रैल-जून का बकाया न देना किस तर्क पर टिका है। यदि 51 महीनों का बकाया वास्तव में देय है, तो ₹1,000 की तीन किस्तें देकर 'गारंटी पूरी' कहना संख्याओं की बाजीगरी है। BJP का पश्चिम बंगाल वाला तर्क राजनीतिक है, लेकिन देरी का सवाल तथ्यात्मक है — और वह जवाब माँगता है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मावा धीयां सत्कार योजना क्या है?
यह पंजाब सरकार की महिला वित्तीय सहायता योजना है, जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है। 1 जुलाई 2026 को पहली बार तीन महीने की एकमुश्त राशि खातों में भेजी गई।
BJP ने इस योजना को चुनावी स्टंट क्यों कहा?
BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का कहना है कि सरकार ने पहले अप्रैल, मई और जून की राशि देने का वादा किया था, लेकिन जुलाई, अगस्त और सितंबर की एडवांस किस्त दी जा रही है। सितंबर के बाद चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना है, इसलिए उन्होंने इसे चुनाव से पहले की खानापूर्ति बताया।
AAP ने महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह देने का वादा कब किया था?
आम आदमी पार्टी ने 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले यह वादा किया था कि सरकार बनते ही 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को हर महीने ₹1,000 दिए जाएंगे। BJP के अनुसार साढ़े चार साल बाद भी यह वादा पूरी तरह नहीं निभाया गया।
51 महीनों के बकाये की माँग क्या है?
BJP का तर्क है कि यदि यह योजना अप्रैल 2022 से लागू होनी थी, तो जुलाई 2026 तक 51 महीनों का बकाया बनता है। पार्टी ने माँग की है कि सरकार प्रत्येक पात्र महिला के खाते में यह पूरी एकमुश्त राशि जमा कराए।
पश्चिम बंगाल में BJP ने महिलाओं को कितनी सहायता दी?
पंजाब BJP के अनुसार, 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के 2 महीने के भीतर 1.3 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में हर महीने ₹3,000 की सहायता राशि भेजनी शुरू कर दी गई। पार्टी ने इसे पंजाब की आप सरकार की देरी से तुलना करते हुए पेश किया।
राष्ट्र प्रेस
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