भगवंत मान आज धुरी से 'मावां-धीयां सत्कार योजना' लॉन्च करेंगे, 50 लाख महिलाओं को मिलेंगे ₹3,000 से ₹4,500
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान बुधवार, 1 जुलाई 2026 को धुरी से बहुप्रतीक्षित 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' की औपचारिक शुरुआत करेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, दोपहर 12 बजे के बाद लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की सम्मान राशि एकमुश्त अंतरित की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 50 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है।
योजना में क्या मिलेगा
योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह की दर से तीन माह की कुल ₹3,000 की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह की दर से ₹4,500 की एकमुश्त राशि प्राप्त होगी। राज्य सरकार का अनुमान है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएँ इस योजना की पात्र होंगी। इसके लिए वर्ष 2025-26 के बजट में ₹9,300 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पात्रता और पंजीकरण
मुख्यमंत्री मान ने पहले स्पष्ट किया था कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएँ भी इस योजना की पात्र होंगी। जो महिलाएँ अभी तक पंजीकरण नहीं करा सकी हैं, वे बाद में पंजीकरण कराकर पात्रता के अनुसार योजना का लाभ उठा सकती हैं। यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा विधानसभा चुनाव 2022 से पूर्व महिलाओं से किए गए प्रमुख वादों में से एक थी।
सरकार की अन्य उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री मान ने हाल ही में कहा था कि उनकी सरकार ने राज्य में घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई है और बिना भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई टोल प्लाज़ा बंद कर प्रतिदिन लगभग ₹70 लाख की बचत सुनिश्चित की गई है।
सिंचाई क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय नहरों के पानी का उपयोग केवल 22 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा कदम
मुख्यमंत्री मान ने 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' का भी उल्लेख किया, जिसके तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक इस योजना के अंतर्गत लोग ₹650 करोड़ से अधिक का मुफ्त उपचार प्राप्त कर चुके हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब सरकार पर कल्याणकारी योजनाओं के वित्तीय बोझ को लेकर सवाल उठते रहे हैं। 'मावां-धीयां सत्कार योजना' की सफल और नियमित अदायगी ही तय करेगी कि यह वादा चुनावी घोषणापत्र से आगे जाकर ज़मीनी बदलाव ला पाता है या नहीं।