डीयू छात्रों ने सराहा मोदी का एआई ट्रेनिंग और महिला आरक्षण का संकल्प, बोले— जेन-जी समझ रहा है
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने 15 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में की गई प्रमुख घोषणाओं — 1 करोड़ युवाओं को एआई ट्रेनिंग और राजनीति में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण — का खुलकर स्वागत किया। छात्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री युवाओं की ज़रूरतों और देश के भविष्य को ध्यान में रखकर नीतियाँ बना रहे हैं।
छात्र संघ की प्रतिक्रिया
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की संयुक्त सचिव दीपिका झा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में सरकार का प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट हों, ताकि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी वास्तविक रूप से बढ़ सके।
दीपिका झा ने यह भी कहा कि आज का जेन-जी यह पहचानने लगा है कि कौन उनके हित में काम कर रहा है और कौन उन्हें भटकाने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अपना काम कर रहे हैं और आने वाले समय में देश के लिए और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
एआई ट्रेनिंग पहल पर युवाओं की राय
एआई ट्रेनिंग और मुफ्त कोचिंग की घोषणा पर दीपिका झा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक और डिजिटल माध्यमों से गहराई से जुड़ी है। ऐसे में 1 करोड़ युवाओं को एआई से जोड़ने की यह पहल उनके कौशल विकास और रोज़गार की संभावनाओं के लिए एक बड़ा कदम है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के एक अन्य छात्र ने कहा कि 2014 से पहले और उसके बाद देश में आए बदलावों को युवाओं ने खुद अनुभव किया है। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में युवा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के साथ खड़े हैं। उन्होंने मुफ्त कोचिंग की पहल का भी समर्थन किया और कहा कि युवाओं को नई तकनीक से जोड़ना देश के भविष्य के लिए अनिवार्य है।
विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका
एक छात्र ने कहा कि यदि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि देश के युवा प्रधानमंत्री मोदी के साथ मज़बूती से खड़े हैं और युवाओं की ताकत ही देश की असली ताकत है।
एक छात्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं और देश के लिए अनेक योजनाओं पर काम किया है, जिससे महिलाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर मिले हैं।
महिला आरक्षण पर व्यापक समर्थन
व्यवसायी माया चौधरी ने महिला आरक्षण पर कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के बारे में जिस दृष्टिकोण से सोचा है, वह उनके लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और 33 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण उनकी भागीदारी को और मज़बूती दे सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवा मतदाताओं की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और एआई तथा तकनीक आधारित रोज़गार की माँग भी उच्च स्तर पर है। गौरतलब है कि लाल किले की प्राचीर से इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह भव्य रहा और 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन ने देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ किया।